हांसी नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर डीएमसी लक्षित सरीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर परिषद की ओर से स्थिति स्पष्ट की। डीएमसी ने कहा कि हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से जिन मांगों को लेकर निर्देश दिए गए थे, नगर परिषद हांसी की ओर से उन्हें लागू किया जा रहा है। डीएमसी लक्षित सरीन ने कहा कि सफाई कर्मचारियों ने 37 दिन की हड़ताल की थी। सरकार के निर्देश के अनुसार इन 37 दिनों की सैलरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कर्मचारियों के खातों में वेतन क्रेडिट किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों में 37 दिनों की भरपाई के लिए कर्मचारियों से काम लेने की बात भी कही गई थी, लेकिन यूनियन की ओर से अभी तक कोई एक्शन प्लान नगर परिषद को नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि एफआईआर वापस लेने की मांग पर भी नगर परिषद की ओर से कार्रवाई की गई है। सरकार के निर्देशों के तहत नगर परिषद द्वारा दर्ज एक केस वापस लिया जा चुका है। सफाई कर्मचारियों की साबुन और तेल की मांग पर डीएमसी ने कहा कि नगर परिषद के पास कर्मचारियों का साबुन और तेल उपलब्ध है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे आज शाम 4 बजे नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर अपना साबुन और तेल ले जाएं और इस मांग को समाप्त करें। बकाया वेतन को लेकर डीएमसी ने कहा कि नगर परिषद के पास किसी कर्मचारी का वेतन जानबूझकर लंबित नहीं है। उन्होंने बताया कि कुल 118 सफाई कर्मचारियों में से 114 कर्मचारियों की सैलरी प्रोसेस की जा रही है, जबकि चार कर्मचारियों की फाइल में जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट नहीं हैं। डीएमसी ने कहा कि जब तक इन कर्मचारियों की उम्र का सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक उनकी सैलरी प्रोसेस नहीं की जा सकती। कर्मचारियों से जरूरी दस्तावेज जमा करवाने को कहा गया है। डीएमसी लक्षित सरीन ने बताया कि सरकार की हिदायतों के अनुसार सफाई कर्मचारियों को 2 हजार रुपये का भत्ता सितंबर से देना शुरू कर दिया गया है। आने वाली सैलरी में यह भत्ता शामिल रहेगा। उन्होंने ईपीएफ और ईएसआई से संबंधित विवरण भी कर्मचारियों को उपलब्ध करवाने की बात कही। वहीं, एलटीसी की मांग को लेकर डीएमसी ने कहा कि मुख्यालय से अभी स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। रिस्क अलाउंस पहले ही कर्मचारियों को दिया जा चुका है। लक्षित सरीन ने कहा कि वह स्वयं सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर शहर में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की ओर से कर्मचारियों के साथ किसी तरह की प्रताड़ना नहीं की गई। डीएमसी ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों से जुड़ी मांगें केवल डीएमसी स्तर पर नहीं बल्कि नगर परिषद की निर्वाचित बॉडी, ईओ और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से पूरी की जानी हैं। 37 दिन की भरपाई के लिए रविवार को काम लेने की तैयारी डीएमसी ने कहा कि 37 दिन की हड़ताल के बदले काम लेने के लिए नगर परिषद की ओर से एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत आने वाले रविवार को कर्मचारियों से काम करवाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि 37 दिनों की भरपाई की जा सके। डीएमसी लक्षित सरीन ने कहा कि वह मौजूदा प्रदर्शन को सामान्य हड़ताल की तरह नहीं देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा है, उससे नगर परिषद पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि नगर परिषद की ओर से किसी कर्मचारी को काम करने से नहीं रोका गया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के पोर्टल पर कर्मचारियों की फोटो के माध्यम से रोजाना अटेंडेंस दर्ज होती है और जो कर्मचारी काम पर नहीं आएंगे, उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की जा सकेगी। सरकार की ओर से जो निर्देश आए हैं, नगर परिषद हांसी उन्हें लेटर और स्पिरिट दोनों में लागू कर रही है। 37 दिन की सैलरी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कर्मचारियों के खातों में सैलरी क्रेडिट हो रही है।