टोहाना। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पूरे देश में मतदाता सूची का गहन सर्वेक्षण एसआईआर करवाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मृतकों, शिफ्ट हो चुके और डबल वोटों को हटाकर सूची को शुद्ध करना है। यह प्रक्रिया देश में आठ बार पहले भी हो चुकी है। सोमवार को टोहाना में पत्रकारों से बातचीत में बराला ने कहा कि एसआईआर का विरोध कर रहे वही नेता हैं, जो पहले वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण की मांग करते थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, अशोक गहलोत, कमलनाथ और अरविंद केजरीवाल तक सोशल मीडिया पर वोट हटाने की बात कह चुके हैं। अब जब शुद्धिकरण हो रहा है तो इन्हें तकलीफ हो रही है। बराला ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में कट रहे वोट अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के हैं। इनके कागजात बनाने की फैक्ट्री पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और पहले दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में चलती थी, जो अब बंद हो गई हैं। इसलिए विपक्ष का अवैध रूप से बना वोट बैंक कट रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनाव जीत नहीं पा रहे तो जनता में भ्रम फैला रहे हैं कि आम आदमी के वोट कट रहे हैं। हरियाणा के 2024 चुनाव में वोट चोरी के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा का मतदाता राजनीतिक रूप से जागरूक है। यदि एक भी वोट गलत तरीके से कटा होता तो पूरे प्रदेश में हंगामा हो जाता, लेकिन ऐसी एक भी घटना सामने नहीं आई। बराला ने कहा कि गांव की भाषा में कहा जाता है कि हारने वाली टीम धूल देने लगती है। विपक्ष अब वही कर रहा है। उन्होंने एसएफआई से जुड़ी नेत्री नेहा वोहरा का नाम लेकर कहा कि वे युवाओं को बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन का रास्ता दिखाने की बात कर रही हैं, जो देश में स्वीकार नहीं होगा। देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है।