रतिया। अनाज मंडी में धान की खरीद सुचारु रूप से न होने के आरोप लगाते हुए बुधवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत से व्यापारियों द्वारा किसानों से कम दामों पर धान खरीदा जा रहा है। धरने के दौरान किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह, जग्गी चहल, ओम प्रकाश सहित अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि रतिया क्षेत्र में स्थानीय किसानों की धान की कटाई अभी करीब एक सप्ताह बाद शुरू होनी है, जबकि अनाज मंडी पहले ही धान से भरी पड़ी है। किसानों का आरोप है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से धान रतिया मंडी में लाकर किसानों के नाम पर सस्ते दामों में खरीदा जा रहा है। किसानों ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब में जाकर हरियाणा में एमएसपी पर धान खरीदने के दावे कर रहे हैं, लेकिन रतिया में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। किसानों के अनुसार मंडी में करीब 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान खरीदा जा रहा है। सीधी खरीद पर रोक रहेगी : सचिव मार्केट कमेटी के सचिव ओमप्रकाश चहल ने कहा कि मंडी में धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। किसी भी सेलर मालिक को किसानों से सीधे धान खरीदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही करवाई जा रही है। धरने की सूचना मिलने पर डीएफएससी कुशलपाल बुरा भी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों को उनकी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई करते हुए स्थानीय किसानों की धान की फसल की खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की कथित लूट जल्द बंद नहीं हुई और धान की खरीद सुचारु नहीं करवाई गई तो वे मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर तालाबंदी करने के साथ-साथ नेशनल हाईवे पर जाम लगाने को मजबूर होंगे।