कांग्रेस पार्टी के ओबीसी प्रकोष्ठ के पूर्व नगर अध्यक्ष मुकेश प्रजापति द्वारा सैकड़ों युवा साथियों के साथ दिल्ली कूच का आह्वान करते ही पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया। प्रशासन ने बीती शाम को ही मुकेश प्रजापति को उनके निवास स्थान पर नजरबंद कर दिया। युवाओं के बड़े जत्थे के साथ दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे कांग्रेस नेता पर हुई इस कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा है। डिटेन किए जाने के बाद सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मुकेश प्रजापति ने कहा कि पुलिस और प्रशासन हमारे अपने लोग हैं और हम उनका पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई पुलिस या प्रशासन से नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों और उसकी जवाबदेही से है। मुकेश प्रजापति ने सवाल उठाते हुए कहा कि आज सवाल सीधे तौर पर सरकार से है कि आखिर जनता के हक और अधिकारों की आवाज उठाने वालों को रोकने की नौबत क्यों आ रही है। जब मुख्य सवाल ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही का है, तो सरकार उन्हें बचाने पर क्यों अड़ी हुई है। यदि उनके कामकाज और भूमिका पर इतने गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए और उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का सहारा लिया जा रहा है, जबकि कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। सरकार को यह जवाब देना होगा कि आखिर ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई करने से क्यों बचा जा रहा है।