श्राद्ध पक्ष शुरू होने के साथ ही लोग पितरों की तृप्ति के लिए गो-ग्रास निकालकर गायों को भोजन कराते हैं। घरों में तैयार खीर, पूरी, हलवा और अन्य पकवान भी गायों को खिलाए जाते हैं। पशु चिकित्सकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अत्यधिक मीठा, तला-भुना और भारी भोजन गायों को न खिलाएं, क्योंकि इससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल ने बताया कि अधिक मात्रा में खीर, पूरी, हलवा या तली चीजें खाने से गाय के पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। इससे पेट में गैस बनने के साथ रूमिनल एसिडोसिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। हालत बिगड़ने पर सांस लेने में परेशानी, कमजोरी और खड़े होने में कठिनाई हो सकती है। गंभीर स्थिति में पशु की जान भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि श्राद्ध के दिनों, विशेषकर अमावस्या के आसपास, ऐसी शिकायतें बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों से गौशाला में आर्थिक सहयोग करने के साथ सूखा चारा, हरा चारा या उपयुक्त पशु आहार देने की अपील की।