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भिवानी में खाद किल्लत को लेकर छह गांवों के किसानों ने किया लघु सचिवालय के बाहर रोष प्रदर्शन

नवीन दलाल Updated Tue, 12 Aug 2025 03:34 PM IST

जिले के किसानों में यूरिया खाद के लिए जबरदस्त मारामारी मची हुई है। किसानों को सुबह लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। इस तरह का दिक्कत पिछले दो सप्ताह से बनी है। मंगलवार को यूरिया व डीएपी खाद के लिए जिले के गांव दिनोद व सिरसा घोघड़ा के किसान अनाज मंडी में पहुंचे। अल सुबह करीब 205 किसान मौजूद थे। चूंकि सभी खाद लेने वाले किसानों ने अपने हस्ताक्षरयुक्त कागजात तैयार किया था ताकि उपायुक्त को ज्ञापन के साथ दिया जा सके। किसानों ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से खाद के लिए लगातार अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद की दुकान पर पहुंच रहे है, लेकिन उनको खाद नहीं मिल पा रही है। सुबह उनको अगले दिन की कह कर वापस भेज दिया जाता है, लेकिन शाम पांच बजे के बाद खाद के स्टॉक को दाए बाए किया जा रहा है। किसानों ने निजी दुकानदारों को भी खाद देने का आरोप लगाया। किसानाें ने बताया कि अगर वे निजी दुकानदारों के पास खाद के लिए जाते है तो उनको यूरिया व डीएपी खाद के साथ अन्य सामान बेच रहे है। उस सामान की उनको कोई जरूरत ही नहीं है। ऐसे में उन पर दोहरी मार पड़ रही है। किसानों ने बताया कि दो दिन पहले गांव लोहारी जाटू में यूरिया खाद का स्टॉक पहुंचा था। सोमवार को किसी कारणवश खाद वितरित नहीं हो पाई। मंगलवार को पैक्स में खाद वितरण का कार्य शुरू होने वाला था। खाद के लिए किसान सुबह पांच बजे पैक्स के गेट पर पहुंच गए। पैक्स संचालक के पहुंचने से पहले ही करीब 100 किसान लाइनों में खड़े हो गए। करीब सात बजे पैक्स संचालक सोसायटी में पहुंचे तो और वितरण का कार्य शुरू होने वाला था कि कुछ किसानों ने अपनी बारी पहले बता कर हंगामा करना आरंभ कर दिया। कुछ देर तक खाद के लिए पर्ची काटनी शुरू की, लेकिन लाइनों में खड़े किसानों ने विरोध कर दिया। जिस वजह से किसान लाइन तोड़कर काऊंटर पर खड़े हो गए। उसके बाद पैक्स संचालक ने खाद वितरण करना बंद कर दिया। करीब आधे घंटे तक किसानों ने जमकर बवाल काटा। किसानों ने उपायुक्त से पर्याप्त यूरिया व डीएपी खाद दिलाए जाने की मांग की। किसानों ने बताया कि वे यूरिया व डीएपी खाद के लिए रोजाना भिवानी सुबह पांच बजे पहुंच रहे है। घंटो लाइनों में खड़े होते है, लेकिन उनको यह कह कर वापस भेज दिया जाता है कि खाद आज नहीं कल बांटी जाएगी। इस तरह के आश्वासन मिलते हुए दो सप्ताह से अधिक का समय निकल गया, लेकिन उनको खाद नहीं मिल पाई है। खाद न मिलने से उनके खेतों खरीफ की फसल पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। फसलों में फुटाव रूक गया। अगर यही हाल रहा तो फसलों की औसतन पैदावार में काफी कमी आएगी।

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