गुरुग्राम में बुधवार को भक्तों ने माता के कूष्मांडा रूप की पूजा की। माना जाता है कि जब सृष्टि में चारों ओर अंधकार था और कोई अस्तित्व नहीं था, तब माता ने अपनी मंद मुस्कान (हंसी) से ब्रह्मांड की रचना की थी, इसलिए इन्हें कूष्मांडा कहा जाता है। घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के मंत्र गूंज रहे हैं। बहुत सारे में भक्तों ने अपने घरों में कलश स्थापना की है और सुबह शाम दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं।