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आज का शब्द: महत और सुमित्रानंदन पंत की कविता 'नक्षत्र'

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
                                                                
                                                    हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है - महत जिसका अर्थ है महान; सर्वश्रेष्ठ। कवि सुमित्रानंदन पंत ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

[अपनी कॉटेज के प्रति]

मेरे निकुंज, नक्षत्र वास!
इस छाया मर्मर...और पढ़ें
15 hours ago

आज का विचार: चार्ली चैप्लिन

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
                                                                
                                                    बिना कर्म के कल्पना का कोई अर्थ नहीं। 
- चार्ली चैप्लिन 

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15 hours ago
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वसी शाह: आँखों में चुभ गईं तिरी यादों की किर्चियाँ

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    आँखों में चुभ गईं तिरी यादों की किर्चियाँ
काँधों पे ग़म की शाल है और चाँद रात है

दिल तोड़ के ख़मोश नज़ारों का क्या मिला
शबनम का ये सवाल है और चाँद रात है

कैम्पस की नहर पर है तिरा हाथ हाथ में
मौसम भी...और पढ़ें
18 hours ago

आज का विचार: अमृतलाल वेगड़

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
                                                                
                                                    जीवन को केवल आत्मा या केवल शरीर मानना ग़लत है। सार्थकता दोनों के मिलन में है।
- अमृतलाल वेगड़  
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1 day ago
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आज का शब्द: व्याल और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’की कविता- जीवन जिया

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- व्याल, जिसका अर्थ है- साँप, बाघ, राजा। प्रस्तुत है रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’की कविता- जीवन जिया

जीवन जिया
खुद को ही हमने
दण्डित किया
लगता जैसे कोई
ग़ुना...और पढ़ें
1 day ago

कबीर के 5 चुनिंदा दोहे जिनमें छुपा जीवन का मर्म

काव्य डेस्क

Sahitya
                                                                
                                                    मन के मते न चलिये, मन के मते अनेक 
जो मन पर असवार है, सो साधु कोई एक ।।

भावार्थ:- मन के मत में न चलो, क्योंकि मन के अनेको मत हैं। जो मन को सदैव अपने अधीन रखता है, वह साधु कोई विरला ही होता है। ...और पढ़ें
1 day ago

मख़मूर देहलवी की ग़ज़ल: मोहब्बत के लिए कुछ ख़ास दिल मख़्सूस होते हैं

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    दुई का तज़्किरा तौहीद में पाया नहीं जाता
जहाँ मेरी रसाई है मिरा साया नहीं जाता

मिरे टूटे हुए पा-ए-तलब का मुझ पे एहसाँ है
तुम्हारे दर से उठ कर अब कहीं जाया नहीं जाता

मोहब्बत हो तो जाती है मोहब्बत की नहीं जात...और पढ़ें
1 day ago

सैर सपाटे पर निकलें तो साथ हों कुछ शायराना अल्फ़ाज़

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    रास्ते क़हक़हे लगाने लगे
वापसी का मज़ा नहीं आया
~ अदनान नसीर

तुम्हारा गाँव आएगा सफ़र में
सो खिड़की की तरफ़ बैठे नहीं हम
~ दीपेश शर्मा सौभरि...और पढ़ें
1 day ago

Urdu Poetry: आज फिर चाय बनाते हुए वो याद आया

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली ...और पढ़ें
                                                
1 day ago

अपने रंगों से हर तस्वीर बदल देते हैं

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    अपने रंगों से हर तस्वीर बदल देते हैं
हम कभी वक्त की तासीर बदल देते हैं
ऊब गए हैं जब भी खलवत में रहते हुए
जी में आता है तो तकदीर बदल देते हैं
दौर कोई भी हो आवाम कब आजाद रही
ये सियासतदां बस जंजीर बदल देते हैं
ह...और पढ़ें
1 day ago
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Anil Pandey

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