हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है - महत जिसका अर्थ है महान; सर्वश्रेष्ठ। कवि सुमित्रानंदन पंत ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।
[अपनी कॉटेज के प्रति]
मेरे निकुंज, नक्षत्र वास!
इस छाया मर्मर...और पढ़ें
बिना कर्म के कल्पना का कोई अर्थ नहीं।
- चार्ली चैप्लिन
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आँखों में चुभ गईं तिरी यादों की किर्चियाँ
काँधों पे ग़म की शाल है और चाँद रात है
दिल तोड़ के ख़मोश नज़ारों का क्या मिला
शबनम का ये सवाल है और चाँद रात है
कैम्पस की नहर पर है तिरा हाथ हाथ में
मौसम भी...और पढ़ें
जीवन को केवल आत्मा या केवल शरीर मानना ग़लत है। सार्थकता दोनों के मिलन में है।
- अमृतलाल वेगड़
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'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- व्याल, जिसका अर्थ है- साँप, बाघ, राजा। प्रस्तुत है रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’की कविता- जीवन जिया
जीवन जिया
खुद को ही हमने
दण्डित किया
लगता जैसे कोई
ग़ुना...और पढ़ें
मन के मते न चलिये, मन के मते अनेक
जो मन पर असवार है, सो साधु कोई एक ।।
भावार्थ:- मन के मत में न चलो, क्योंकि मन के अनेको मत हैं। जो मन को सदैव अपने अधीन रखता है, वह साधु कोई विरला ही होता है। ...और पढ़ें
दुई का तज़्किरा तौहीद में पाया नहीं जाता
जहाँ मेरी रसाई है मिरा साया नहीं जाता
मिरे टूटे हुए पा-ए-तलब का मुझ पे एहसाँ है
तुम्हारे दर से उठ कर अब कहीं जाया नहीं जाता
मोहब्बत हो तो जाती है मोहब्बत की नहीं जात...और पढ़ें
रास्ते क़हक़हे लगाने लगे
वापसी का मज़ा नहीं आया
~ अदनान नसीर
तुम्हारा गाँव आएगा सफ़र में
सो खिड़की की तरफ़ बैठे नहीं हम
~ दीपेश शर्मा सौभरि...और पढ़ें
अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली ...और पढ़ें
अपने रंगों से हर तस्वीर बदल देते हैं
हम कभी वक्त की तासीर बदल देते हैं
ऊब गए हैं जब भी खलवत में रहते हुए
जी में आता है तो तकदीर बदल देते हैं
दौर कोई भी हो आवाम कब आजाद रही
ये सियासतदां बस जंजीर बदल देते हैं
ह...और पढ़ें