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Social Media Poetry: क्या बताऊँ तुम्हें रात कैसे कटी

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    क्या बताऊँ तुम्हें रात कैसे कटी   
रात भर सिर्फ तुमको गाते रहे   

कोई था भी नहीं मुझे सुननेवाला   
चांद तारों को नगमे सुनाते रहे   

गाते गाते फिर सवेरा हुआ   
मेरी धरती का आंचल गीला हुआ   
...और पढ़ें
1 week ago

Bimal Saigal: वर्तमान के परिवेश में, जा टकराते हैं हम अक्सर

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    
वर्तमान के परिवेश में, 
जा टकराते हैं हम अक्सर
बंद खिड़कियों से; अंधी दीवारों से 
ढकी रहती हैं जो जमीन से छत तक 
अपारदर्शिता के बड़े-बड़े शीशों के 
भ्रामक आवरण से।   
जाना है हम सबने, 
पसरे रहते ह...और पढ़ें
1 week ago
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Social Media Poetry: जब तुम्हारे पाँव में काँटा चुभा, काँधे बिठाया

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    योजनों  से  हम  तुम्हारे  साथ  आये  हैं मगर 
हम  तुम्हारी  योजनाओं  में  कहीं  हैं ही नहीं !

जब तुम्हारे पाँव में 
काँटा चुभा, काँधे बिठाया  
और अपना दर्द 
तुमको भी नहीं हमने बताया

हार  में  ह...और पढ़ें
1 week ago

हिंदी कविता: अस्सी के दशक में खुशियों की तलाश...

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    इक्कीसवीं सदी के लोग
अस्सी के दशक में खुशियाँ तलाश रहे
क्या उन्हें पता चल गया
इक्कीसवीं सदी में लोग खुश नहीं हैं...

भेड़चाल में भागे 
बदल नहीं रहे अंतर्मन को...
आडंबर रचे 
पा लिया चाँद से लेकरऔर पढ़ें
1 week ago
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Social Media Poetry: नये समय की नयी चुनौती

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    नये समय  की  नयी  चुनौती
प्रश्न  पुराने, यक्ष !  बदल दो ! 

वर्तमान   पर   चर्चा   करती
एक   सभा   है  अंधी  बहरी
कोई  कहता  नहीं  लोक  से
अब इसका अध्यक्ष बदल दो !

राजाओं  के    सम्मोहन  में...और पढ़ें
2 weeks ago

Social Media Poetry: तुम बोलो और हम दोहराएं, ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    तुम बोलो और हम दोहराएं
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा
तुम कह दो हम करते जाएं
ऐसा रिश्ता नहीं चलेगा...

तुम अपने मन के राजा हो
हम भी अपना मन रखते हैं
तुम हिमगिरि होगे तो होगे
हम भी तो सावन रखते हैं
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2 weeks ago

Social Media Poetry: मैं आईना हूं तेरी यादों का

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    मैं आईना हूं तेरी यादों का 
कभी मुझको देख संवर लेना।
मेरे आंसू तुम बनो न बनो 
मेरी आंखों में तुम ठहर लेना 
मेरी फितरत है पतंगों जैसी 
तेरे आसपास ही मंडराऊंगा।

तुम चिराग बन यूं ही जलते रहना 
अपन...और पढ़ें
3 weeks ago

Social Media Poetry: इस समय में बोलना कितना कठिन है

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    इस समय में बोलना कितना कठिन है 
और चुप रहना कठिन उससे अधिक !

खो  गयीं  जयकार  में  सौ  प्रार्थनाएं 
अट्टहासों  में  घुली  हर  एक सिसकी 
इन्द्रजालों  में   फँसी    है  एक पीढ़ी 
कौन पहचाने यहाँ आवाज  किसकी ...और पढ़ें
1 month ago

Social Media Poetry: होठों पर मल्हार राग है

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    होठों  पर   मल्हार   राग   है 
साँस  साँस  में  भरी  आग है 
मन  के  भीतर  कोलाहल है 
धड़कन धड़कन दौड़ भाग है

मेरी नींद अचानक खुल जाती  है  आधी  रात  में 
तुम होते तो तुमसे कहता अपने  मन की  बात मैं
...और पढ़ें
1 month ago

Social Media Poetry: भले अनभिज्ञता जतला रहा हूँ

काव्य डेस्क

Viral Kavya
                                                                
                                                    भले अनभिज्ञता जतला रहा हूँ 
मगर सबकुछ समझता जा रहा हूँ 
तुझे हर बात समझाना कठिन है 
मैं अपने आप को समझा रहा हूँ 

तू चेहरे से झलक उठता है पूरा 
मैं इसपे डॉक्टरेट करवा रहा हूँ 
जहाँ तू सर झुकाने जा रहा...और पढ़ें
1 month ago
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