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कारतूस कांड : फिर फ्रेम नहीं हो सका चार्ज

Rampur Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। सूबे के सबसे बड़े कारतूस घोटाले के आरोपियों पर आज भी चार्ज फ्रेम नहीं हो सका। आरोपियों को कोर्ट में जरूर पेश किया, जहां बचाव पक्ष की ओर से स्थगना प्रार्थना पत्र दे दिया,जिस पर मामले की सुनवाई 18 मई तक के लिए टाल दी गई।
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29 अप्रैल 10 को एसटीएफ की टीम ने राम रहीम सेतु के पास से छापा मारकर बड़ी मात्रा में कारतूस व खोखा और नगदी बरामद की थी। साथ ही मुख्या आरोपी इलाहाबाद पीएसी का आरमोरर यशोदानंद को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर सीआरपीएफ में कारतूस के घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ था। सीआरपीएफ से हवलदार विनोद कुमार, विनेश कुमार को गिरफ्तार किया गया था और इसी दिन मुरादाबाद पीटीसी के आरमोरर नाथीराम को भी पकड़ा था। पुलिस ने भारी संख्या में भी कारसूत व खोखे बरामद किए थे। इस मामले की विवेचना के आधार पर यशोदानंद की डायरी के आधार पर मऊ, कानपुर, लखनऊ, बनारस, गोरखपुर, बस्ती, झांसी समेत कई जिलों के पुलिस कर्मियों व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे। बनारस निवासी कारतूस सप्लायर आशीष उर्फ नेता नक्सलियों को हथियार मुहैया कराने की बात सामने आई थी। पिछले दिनों पुलिस ने बनारस में गिरफ्तार किया गया था। वह इस समय जेल में बंद है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई एडीजे चतुर्थ चंद्रहास राम की कोर्ट में हुई, जिसमें सभी आरोपी पेश हुए, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया गया,जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मामले की सुनवाई 18 मई के लिए टाल दी। कोर्ट में आज आरोपियों पर चार्ज भी फ्रेम किया जाना था।
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