सोने के पानी से सजी रामायण का होगा विमोचन

Rampur Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। सुमेरचंद द्वारा फारसी में लिखित वाल्मीकि रामायण के हिंदी अनुवाद को बेहद ही आकर्षित बनाया गया है। 675 पृष्ठों वाली इस रामायण में सिर्फ चार कांड ही होंगे। आठ मई को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी नई दिल्ली में इसका विमोचन करेंगे।
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रजा लाइब्रेरी की ओर से सुमेरचंद फारसी में लिखी गई रामायण को हिंदी में अनुवादित किया गया है। लाइब्रेरी के पूर्व विशेष कार्यधिकारी डा.डब्लू एच सिद्दीकी और प्रो.शाह अब्दुस्सलाम ने इसे हिंदी में अनुवादित किया है। हिंदी अनुवाद का विमोचन आठ मई को दिल्ली में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी करेंगे। रजा लाइब्रेरी को उपराष्ट्रपति के यहां से हरी झंडी भी मिल गई है। लाइब्रेरी के निदेशक प्रो.एसएम अजीज उद्दीन हुसैन के मुताबिक विमोचन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कहा कि लाइब्रेरी में तमाम दुर्लभ पांडुलिपियों का संग्रह है। लाइब्रेरी ने सुमेरचंद की ओर से फारमी में लिखी गई वाल्मीकि रामायण का हिंदी में अनुवादन किया है। इसकी विशेषता यह है कि यह रामायण द्विभाषी है। एक पृष्ठ फारसी का है तो उसके सामने उसी का हिंदी में अनुवाद किया गया है। सुमेरचंद ने मुगल सम्राट फर्रुखसियार के शासनकाल में 1715 में रामायण फारसी में लिखी थी। उनके मुताबिक विमोचन के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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