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रामपुर किले पर अफसरों से जवाब-तलब
Rampur
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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रामपुर। रामपुर किले का मूल स्वरूप बिगाड़े जाने के मामले में कोर्ट ने अफसरों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने छह अफसरों को नोटिस जारी करते हुए दस मई तक जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की सुनवाई अब दस मई को होगी।
कांग्रेस विधायक नवेद मियां और उनकी मां बेगम नूरबानो ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सीताराम की अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा था कि रामपुर का किला सौ से अधिक साल पुराना है। यह भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षित भवन की श्रेणी में आता है। इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ ना की जाए। याचिका दाखिल करने वालों का कहना था कि प्रशासन किले की दीवारों के साथ छेड़छाड़ कर उसके मूल स्वरूप को समाप्त करना चाहता है। इस मामले में यूपी सरकार, जिलाधिकारी रामपुर, नगरपालिका के ईओ निहाल चंद्र, लोकनिर्माण के अधिशासी अभियंता साहब सिंह वर्मा और आरडीए के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई थी,जिस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। मंगलवार को कोर्ट ने डीएम अनिल ढींगरा का नाम हटाते हुए पक्षकार बनाए गए सभी छह अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए उनको नोटिस जारी किया है। उनसे दस मई तक जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई दस मई को होगी।
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कांग्रेस विधायक नवेद मियां और उनकी मां बेगम नूरबानो ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) सीताराम की अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा था कि रामपुर का किला सौ से अधिक साल पुराना है। यह भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षित भवन की श्रेणी में आता है। इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ ना की जाए। याचिका दाखिल करने वालों का कहना था कि प्रशासन किले की दीवारों के साथ छेड़छाड़ कर उसके मूल स्वरूप को समाप्त करना चाहता है। इस मामले में यूपी सरकार, जिलाधिकारी रामपुर, नगरपालिका के ईओ निहाल चंद्र, लोकनिर्माण के अधिशासी अभियंता साहब सिंह वर्मा और आरडीए के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई थी,जिस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। मंगलवार को कोर्ट ने डीएम अनिल ढींगरा का नाम हटाते हुए पक्षकार बनाए गए सभी छह अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए उनको नोटिस जारी किया है। उनसे दस मई तक जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई दस मई को होगी।
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