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मकान की दीवार ढही, दबकर तीन बच्चों की मौत
Hamirpur
Updated Fri, 10 Aug 2012 12:00 PM IST
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मुस्करा (हमीरपुर)। थानाक्षेत्र के उपरहका गांव में गुरुवार को एक पुराने मकान की दीवार ढह जाने से रास्ते में खेल से चार बच्चे मलवे में दब गए, जिसमें तीन की मौत हो गई। इसमें एक बच्ची की मौके पर मौत हो गई। दो बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक बालिका सुरक्षित बच गई है। इस घटना की सूचना पर एसडीएम सरीला व सीओ पहुंच गए। घटना के बाद से गांव में कोहराम मच गया है।
लगातार 15 दिनों से हो रही बरसात से मकानों में सीलन आ गई। इसके चलते पुराने जर्जर मकानों का गिरना जारी है। उपरहका गांव निवासी संतोष लोधी ने करीब पांच माह पूर्व अपना मकान अमर सिंह व उसके भाई गुलाब सिंह को बेच दिया। इसी मकान के खपरैल की छवाई का कार्य गुरुवार को कराया जा रहा था। सुबह के वक्त एक साइड की छवाई पूरी हुई और जिस हिस्से की दीवार गिर गई उसके ऊपर के खपरे उतार लिए गए। इस बीच हुई बरसात से पुरानी दीवार भीग गई। दिन में करीब तीन बजे मकान की दीवार सीसी मार्ग की तरफ भर भराकर गिर गई। इसी बीच पड़ोस के शहंशाह अहिरवार का 8 वर्षीय पुत्र मयंक, राजू अहिरवार की 4 वर्षीय पुत्री आकांक्षा, जगदीश निषाद की 12 पुत्री प्रीती उर्फ चिन्टू तथा अरविंद राजपूत की 10 वर्षीय पुत्री अर्चना बच्चों की साइकिल से खेल रहे थे। अचानक दीवार गिरने से रास्ते में खेल रहे बच्च मलवे में दब गए।
घटना के बाद गांव के लोगों ने आनन फानन बच्चों को मलवे से बाहर निकाला। लेकिन प्रीती की मौके पर मौत हो गई। जबकि मयंक और आकांक्षा को लेकर परिजन कसबे के प्राथमिक अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में अर्चना भाग्यशाली रही उसे मामूली चोट आई है। इस घटना के बाद सरीला के एसडीएम प्रबुद्ध सिंह, सीओ राठ महेंद्र पाल, थानाध्यक्ष एचडी सिंह गांव पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि इस मामले की सूचना जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसमें अगर कोई गुंजाइश होगी तो पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी।
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लगातार 15 दिनों से हो रही बरसात से मकानों में सीलन आ गई। इसके चलते पुराने जर्जर मकानों का गिरना जारी है। उपरहका गांव निवासी संतोष लोधी ने करीब पांच माह पूर्व अपना मकान अमर सिंह व उसके भाई गुलाब सिंह को बेच दिया। इसी मकान के खपरैल की छवाई का कार्य गुरुवार को कराया जा रहा था। सुबह के वक्त एक साइड की छवाई पूरी हुई और जिस हिस्से की दीवार गिर गई उसके ऊपर के खपरे उतार लिए गए। इस बीच हुई बरसात से पुरानी दीवार भीग गई। दिन में करीब तीन बजे मकान की दीवार सीसी मार्ग की तरफ भर भराकर गिर गई। इसी बीच पड़ोस के शहंशाह अहिरवार का 8 वर्षीय पुत्र मयंक, राजू अहिरवार की 4 वर्षीय पुत्री आकांक्षा, जगदीश निषाद की 12 पुत्री प्रीती उर्फ चिन्टू तथा अरविंद राजपूत की 10 वर्षीय पुत्री अर्चना बच्चों की साइकिल से खेल रहे थे। अचानक दीवार गिरने से रास्ते में खेल रहे बच्च मलवे में दब गए।
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घटना के बाद गांव के लोगों ने आनन फानन बच्चों को मलवे से बाहर निकाला। लेकिन प्रीती की मौके पर मौत हो गई। जबकि मयंक और आकांक्षा को लेकर परिजन कसबे के प्राथमिक अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में अर्चना भाग्यशाली रही उसे मामूली चोट आई है। इस घटना के बाद सरीला के एसडीएम प्रबुद्ध सिंह, सीओ राठ महेंद्र पाल, थानाध्यक्ष एचडी सिंह गांव पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि इस मामले की सूचना जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसमें अगर कोई गुंजाइश होगी तो पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी।
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