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बेटी के पढ़ने से दो परिवार शिक्षित

Hamirpur Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। बेटी के शिक्षित होने से एक नही दो परिवार शिक्षित हो जाते है। शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए प्रशिक्षण लेना भी आवश्यक है। क्योंकि प्रशिक्षण के बाद ही किसी कार्य को करने में सुधार लाया जा सकता है।

यह बात ऑल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान कुछेछा में महिलाओं के लिए आयोजित ब्यूटीशियन एवं ब्यूटी पार्लर के प्रशिक्षण के 15 दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए परियोजना निदेशक हरिश्चंद्र वर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में बेरोजगारी एक समस्या है। लेकिन रोजगार परक प्रशिक्षण शुरू होने से इस समस्या से निजात मिल सकती है। उन्होंने संस्थान के निदेशक से कहा कि एक गांव से अधिकतम दो महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाए। जबकि उस गांव की अगर लड़कियां अगर अधिक संख्या में प्रशिक्षण लेना चाहती है तो उन्हें दिया जाए। क्योंकि यह लड़किया विवाहित होने के बाद अन्य जगहो पर जाकर अपने कार्य को अंजाम देगी। संस्थान के निदेशक एनआर वर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण लेने के बाद काम में कुशलता आ जाती है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर निकल आते है। फैकल्टी मेंबर रामनारायण प्रजापति ने प्रशिक्षार्थियों को पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। इस मौके पर प्रशिक्षक सीमा राय, प्रांशी सचान व नेहा वर्मा के अलावा 33 महिला प्रशिक्षार्थी मौजूद रही।

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