मूल्यांकन कार्य से कन्नी काट रहे परीक्षक

Hamirpur Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। सीबीएसई बोर्ड के मुकाबले यूपी बोर्ड के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के पारिश्रमिक में भारी अंतर होने पर परीक्षक मूल्याकंन करने से कन्नी काट रहे हैं। मूल्यांकन कार्य में 80 फीसदी के करीब ही परीक्षक आ रहे हैं।
मौजूदा समय में बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य दो केंद्रों में चल रहा है। इन केंद्रो में तैनात परीक्षकों में यूपी बोर्ड द्वारा दिए जा रहे पारिश्रमिक को लेकर रोष है। परीक्षकों का कहना है कि सीबीएसई बोर्ड अपनी पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जहां हाईस्कूल के लिए 12 रुपए प्रति कापी, इंटर के लिए 16 रुपए प्रति कापी व डीए के रूप में 250 रुपए प्रतिदिन देता है। वहीं यूपी बोर्ड हाईस्कूल की कापियों की जांच के लिए 4 रुपए प्रति कापी व इंटर के लिए 5.50 रुपए प्रति कापी तथा डीए के रूप में 16 रुपए प्रतिदिन दे रहा है। परीक्षक सुरेश सिंह जादौन, जेपी लोधी, प्रेमपाल सिंह, राजेंद्र कुमार महान, मैयादीन यादव का कहना है कि सीबीएसई बोर्ड के मुकाबले यूपी बोर्ड बहुत कम पारिश्रमिक दे रहा है। वर्तमान में डीए के रूप में मिलने वाले 16 रुपए में सिर्फ चाय नाश्ता ही किया जा सकता है जबकि सीबीएसई बोर्ड के डीए के मुकाबले बहुत कम है। गौरतलब हो कि पारिश्रमिक कम मिलने के चलते परीक्षक मूल्यांकन कार्य से कन्नी काट रहे है। सख्ती करने के बावजूद मूल्यांकन केंद्रो में 80 फीसदी से अधिक अध्यापक मूल्यांकन कार्य करने नही आ रहे है।

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