{"_id":"74932","slug":"Hamirpur-74932-43","type":"story","status":"publish","title_hn":"नलकूप फुंका, पांच गांवों में पानी का संकट "}
नलकूप फुंका, पांच गांवों में पानी का संकट
Hamirpur
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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गहरौली (हमीरपुर)। पांच गांवों की सामूहिक पेयजल योजना पहाड़ी भिटारी के नलकूप संख्या दो की मोटर फुंकने से पेयजल संकट हो गया है। मोटर न बदले जाने से सिर्फ एक मोटर से तीन दिन से सप्लाई बंद है। पानी न मिलने से इन गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है।
गहरौली, अलरा, गौरा, पहाड़ी व भिटारी गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक योजना के तहत पानी की टंकी स्थापित की गई थी। टंकी के निर्माण के समय एक नलकूप से ही टंकी को भरकर पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। लेकिन पानी की मांग बढ़ने पर यहां पर दूसरा नलकूप भी लगाया गया। इन दोनों नलकूपों से पानी की टंकी को भरकर सप्लाई दी जाने लगी। इस योजना के नलकूप संख्या 2 की मोटर तीन दिन पूर्व फुंक गई। जिसके चलते एक मोटर ही काम कर रही है। एक मोटर के चलने से पानी की टंकी नही भर पा रही है। इससे पांच गांवों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिससे लोगों को एक एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटरों के फुंकने के चलते एडवांस में ही मोटरे रखी हुई है। लेकिन कर्मचारियों की उदासीनता के चलते नही बदला जा रहा है। उधर टंकी में तैनात आपरेटर ने बताया कि मोटर में लगने वाला वाल्व खराब है। जिसे बनवाने के लिए मौदहा भेजा गया है।
एक दर्जन गांव के तालाब सूखे, उड़ रही धूल
कुरारा (हमीरपुर)। विकासखंड क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के तालाब सूखने की कगार पर है। भीषण गर्मी में पशुु को कीचड़ युक्त पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों से धूल उड़ रही है।
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विकासखंड क्षेत्र में करीब 120 राजकीय नलकूप स्थापित है। कर्मचारियों की लापरवाही से नलकूप नहीं चलाए जा रहे हैं। तालाबों में पानी भरने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। रघवा गांव के दयाराम यादव ने बताया कि गांव के तालाबों में कीचड़ युक्त पानी बचा है। गांवों में तीन राजकीय नलकूप संख्या 103, 302 व 303 खराब होने पर बंद हैं। वहीं शेखूपुर जल संस्थान की पेयजल योजना एक साल से बंद है। कर्मचारियाें की लचर व्यवस्था के चलते मैदान बाबा के नाले पर सीमेंटेड पाइप लाइन टूटने से शंकरपुर, रघवा गांवों की पेयजल आपूर्ति ठप है। इसी तरह क्षेत्र के रिठारी,चकोठी, शंकरपुर, देवीगंज, शेखूपुर, जखेला आदि गांवाें के तालाबों में भी कीचड़ युक्त पानी बचा है। जखेला, भैंसापाली, कुसौलीपुरवा, रिठारी आदि गांवों के सिद्धगोपाल, जयबीर, श्रीपाल, भगवानदीन, रामफल, डामर के भारत सिंह, बबलू सिंह, खड़ग सिंह, कुसौलीपुरवा के कल्लू सिंह, पीलू सिंह, भौंसापाली के श्रीपाल व रामप्रसाद आदि ने बताया कि बेतवा नहर प्रखंड के माइनरों में पानी न आने से तालाबों को नहीं भरा जा रहा है। देवीगंज के जगदीश यादव ने बताया कि तालाबों के सूख जाने से मवेशियों को पानी पिलाने के लिए वाहृयनाला जाना पड़ता है।
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गहरौली, अलरा, गौरा, पहाड़ी व भिटारी गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक योजना के तहत पानी की टंकी स्थापित की गई थी। टंकी के निर्माण के समय एक नलकूप से ही टंकी को भरकर पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। लेकिन पानी की मांग बढ़ने पर यहां पर दूसरा नलकूप भी लगाया गया। इन दोनों नलकूपों से पानी की टंकी को भरकर सप्लाई दी जाने लगी। इस योजना के नलकूप संख्या 2 की मोटर तीन दिन पूर्व फुंक गई। जिसके चलते एक मोटर ही काम कर रही है। एक मोटर के चलने से पानी की टंकी नही भर पा रही है। इससे पांच गांवों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जिससे लोगों को एक एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटरों के फुंकने के चलते एडवांस में ही मोटरे रखी हुई है। लेकिन कर्मचारियों की उदासीनता के चलते नही बदला जा रहा है। उधर टंकी में तैनात आपरेटर ने बताया कि मोटर में लगने वाला वाल्व खराब है। जिसे बनवाने के लिए मौदहा भेजा गया है।
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एक दर्जन गांव के तालाब सूखे, उड़ रही धूल
कुरारा (हमीरपुर)। विकासखंड क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के तालाब सूखने की कगार पर है। भीषण गर्मी में पशुु को कीचड़ युक्त पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों से धूल उड़ रही है।
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विकासखंड क्षेत्र में करीब 120 राजकीय नलकूप स्थापित है। कर्मचारियों की लापरवाही से नलकूप नहीं चलाए जा रहे हैं। तालाबों में पानी भरने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। रघवा गांव के दयाराम यादव ने बताया कि गांव के तालाबों में कीचड़ युक्त पानी बचा है। गांवों में तीन राजकीय नलकूप संख्या 103, 302 व 303 खराब होने पर बंद हैं। वहीं शेखूपुर जल संस्थान की पेयजल योजना एक साल से बंद है। कर्मचारियाें की लचर व्यवस्था के चलते मैदान बाबा के नाले पर सीमेंटेड पाइप लाइन टूटने से शंकरपुर, रघवा गांवों की पेयजल आपूर्ति ठप है। इसी तरह क्षेत्र के रिठारी,चकोठी, शंकरपुर, देवीगंज, शेखूपुर, जखेला आदि गांवाें के तालाबों में भी कीचड़ युक्त पानी बचा है। जखेला, भैंसापाली, कुसौलीपुरवा, रिठारी आदि गांवों के सिद्धगोपाल, जयबीर, श्रीपाल, भगवानदीन, रामफल, डामर के भारत सिंह, बबलू सिंह, खड़ग सिंह, कुसौलीपुरवा के कल्लू सिंह, पीलू सिंह, भौंसापाली के श्रीपाल व रामप्रसाद आदि ने बताया कि बेतवा नहर प्रखंड के माइनरों में पानी न आने से तालाबों को नहीं भरा जा रहा है। देवीगंज के जगदीश यादव ने बताया कि तालाबों के सूख जाने से मवेशियों को पानी पिलाने के लिए वाहृयनाला जाना पड़ता है।