{"_id":"62676","slug":"Bhadohi-62676-64","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनिया में छाएगी भदोही की माटी की खुशबू "}
दुनिया में छाएगी भदोही की माटी की खुशबू
Bhadohi
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर/कौलापुर। खेल के मोर्चे पर लंबे समय से घुप अंधेरे में गुम जिले को एक चिराग रोशन करने चला है। साधारण से परिवार की असामान्य उपज कालीननगरी का यह लाल अपनी माटी की खुशबू समूची दुनिया में बिखेरने वाला है। 11वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन कप में अंडर 20 वर्ग में 74 मीटर से भी अधिक भाला फेंककर राजेश ने जुलाई में स्पेन में होने वाली जूनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जेबलिन थ्रो के खिलाडि़यों की लिस्ट में अपना नाम टांग दिया है। इससे पहले जून में वह कोलंबो में होने वाली जूनियर एशियाड चैंपियनशिप भी खेलेगा। बड़ी बात यह है कि इन दोनों स्पर्धाओं के दौरान अगर वह अपने इरादे में कामयाब रहा तो लंदन ओलंपिक का टिकट भी पक्का समझिए। ओलंपिक का क्वालिफाइंग टारगेट 79 मीटर है, जिसके लिए राजेश जी-तोड़ मेहनत कर रहा है।
जिला मुख्यालय से तकरीबन दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक छोटे से गांव मदनपुर में गुदड़ी में लाल मिला है। सामान्य से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाला राजेश किसान हरिश्चंद्र बिंद का पुत्र है। गांव के मैदान से लक्ष्य बेधने का सपना दिखाया उसके गुरु विपिन सिंह ने। संसाधनों के अभाव में प्रतिभा को समुचित मुकाम न मिला तो उसने पुणे का आर्मी ब्वॉयज स्पोर्ट्स हॉस्टल ज्वाइन कर लिया। यहां कोच राकेश रावत से वह जेबलिन थ्रो की ट्रेनिंग ले रहा है। गत दस मई को पुणे के बाल्यावाणी एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित 11वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन कप के अंडर-20 मुकाबले में उसने भाले को 74.75 मीटर की दूरी तक झटक कर उसने अपने ही पिछले 72 मीटर के रिकार्ड को तोड़ दिया। इस प्रदर्शन के आधार पर जून में कोलंबो में होने वाली एशियाड चैंपियनशिप और जुलाई में स्पेन में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए उसका चयन हो गया। पुणे से सेलफोन पर राजेश ने अमर उजाला को बताया कि अगर वह 79 मीटर के लक्ष्य को पार करने में सफल रहा तो लंदन में आयोजित होने वाले ओलंपिक के लिए भी वह क्वालिफाई कर जाएगा। हालांकि फिलहाल उसका पूरा ध्यान एशियाड और वर्ल्ड चैंपियनशिप पर ही लगा है। तीन भाइयों में दूसरे नंबर के राजेश की प्राथमिक शिक्षा इंद्रावती बिंद इंटर कॉलेज नेवादा कौलापुर से हुई। वर्तमान में वह अपने गांव से ही 11वीं की पढ़ाई कर रहा है। राजेश की इस उपलब्धि पर गांव वाले फूले नहीं समा रहे हैं।
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जिला मुख्यालय से तकरीबन दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक छोटे से गांव मदनपुर में गुदड़ी में लाल मिला है। सामान्य से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाला राजेश किसान हरिश्चंद्र बिंद का पुत्र है। गांव के मैदान से लक्ष्य बेधने का सपना दिखाया उसके गुरु विपिन सिंह ने। संसाधनों के अभाव में प्रतिभा को समुचित मुकाम न मिला तो उसने पुणे का आर्मी ब्वॉयज स्पोर्ट्स हॉस्टल ज्वाइन कर लिया। यहां कोच राकेश रावत से वह जेबलिन थ्रो की ट्रेनिंग ले रहा है। गत दस मई को पुणे के बाल्यावाणी एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित 11वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन कप के अंडर-20 मुकाबले में उसने भाले को 74.75 मीटर की दूरी तक झटक कर उसने अपने ही पिछले 72 मीटर के रिकार्ड को तोड़ दिया। इस प्रदर्शन के आधार पर जून में कोलंबो में होने वाली एशियाड चैंपियनशिप और जुलाई में स्पेन में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए उसका चयन हो गया। पुणे से सेलफोन पर राजेश ने अमर उजाला को बताया कि अगर वह 79 मीटर के लक्ष्य को पार करने में सफल रहा तो लंदन में आयोजित होने वाले ओलंपिक के लिए भी वह क्वालिफाई कर जाएगा। हालांकि फिलहाल उसका पूरा ध्यान एशियाड और वर्ल्ड चैंपियनशिप पर ही लगा है। तीन भाइयों में दूसरे नंबर के राजेश की प्राथमिक शिक्षा इंद्रावती बिंद इंटर कॉलेज नेवादा कौलापुर से हुई। वर्तमान में वह अपने गांव से ही 11वीं की पढ़ाई कर रहा है। राजेश की इस उपलब्धि पर गांव वाले फूले नहीं समा रहे हैं।
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