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जिले के 65000 शौचालयों की होगी जांच

Bhadohi Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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ज्ञानपुर। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत जिले के सभी विकास खंड क्षेत्रों में दस वर्ष के भीतर बनाए गए 65000 से अधिक शौचालयों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर शौचालय न बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच का कार्य एक पखवारे के भीतर पूरा कर रिपोर्ट देनी होगी।
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संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2002 से 2012 तक जिले के विभिन्न विकास खंडों में 65 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। तब से लेकर अब तक शौचालय के निर्माण पर दी जा रही अनुदान राशि भी लगातार बढ़ती रही है। शुरुआती दौर में एक शौचालय के निर्माण पर 500 रुपये का अनुदान दिया जाता था। धीरे धीरे अनुदान की राशि बढ़ती गई। वर्तमान समय में बीपीएल श्रेणी के परिवार को शौचालय के निर्माण पर 4500 रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है। शासन को शिकायत मिली थी कि संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण कागजों पर ही करा दिया गया है। कहीं पर दीवार बनी है तो शीट नहीं लगाई गई जहां शीट लगाई गई वहां गड्ढा नहीं खोदा गया है। इसके कारण शौचालयों का उपयोग न होने के कारण स्वच्छता अभियान पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया गया है। यही स्थिति प्रदेश के अधिकांश जनपदों में पाई गई। जिसको देखते हुए शासन ने प्रदेश के सभी जनपदों में दस साल के दौरान बनवाए गए शौचालयों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में जिले के भी सभी 65000 शौचालयों का स्थलीय सत्यापन करने की जिम्मेदारी जिलास्तरी अधिकारियों को सौंप दी गई है। विकास भवन में स्वच्छता अभियान की बैठक कर जिलास्तरीय अधिकारियों को शौचालयों की सूची सौंपी गई। अधिकांश शौचालयों का निर्माण बीपीएल परिवारों में और अंबेडकर गांवों में कराया गया है। अधिकांश अंबेडकर गांवों में शौचालयों का निर्माण कागज पर करा देने की शिकायत मिली है। ऐसी स्थिति में सामान्य गांवों की क्या दशा होगी इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। अनुदान की धनराशि भी खर्च कर दी गई है लेकिन मौके पर कोई शौचालय नहीं है जहां बना है वहां न के बराबर है। जिलास्तरीय अधिकारियों को जांच रिपोर्ट एक पखवारे के भीतर सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच शुरू होने के बाद गड़बड़ी करने वालों की नींद उड़ गई है।

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