दो करियों के बीच में हो गया है काफी फासला

Bhadohi Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। गोपीगंज क्षेत्र के रामपुर गंगा घाट पर बना पीपा पुल जर्जर व क्षतिग्रस्त अवस्था में पहुंच गया है। अधिकारियों की अनदेखी इसी तरह रही तो कभी भी पुल पर बड़ा हादसा हो सकता है। पीपा पुल में लगाई गई लकड़ी की करियां जहां जगह-जगह टूट गई हैं वहीं दो करियों के बीच में अंतराल भी काफी बढ़ गया है। पुल पर कार्य करने वाले ठेकेदार व कर्मचारी मनमाना वसूली में ही व्यस्त हैं। पुल के मरम्मत व रख रखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सायंकाल से ही प्रतिबंधित वाहनों को भी पुल से पास कराने का कार्य धड़ल्ले से शुरू कर दिया जाता है।
भदोही जनपद को मिर्जापुर क्षेत्र से जोड़ने वाले इस रामपुर घाट पीपा पुल का निर्माण हर वर्ष लोक निर्माण विभाग की ओर से कराया जाता है। इसके निर्माण में प्रतिवर्ष लाखों रुपये की लागत आती है। पीपापुल निर्माण के लिए विभाग द्वारा जो लकड़ी की करी लगाई गई हैै वह कई स्थानों पर टूट गई है तो कई स्थानों पर बोल्ट के निकल जाने से लकड़ी गायब हो गई है। जिसके कारण दो करियों के बीच में काफी जगह बन गया है। यह दो पहिया वाहन सहित पैदल व साइकिल सवारों के लिए कभी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। विभागीय लापरवाही से पुल पर आवागमन काफी जोखिम भरा साबित हो रहा है। पीपा पुल के मरम्मत की बात न करके पुल पर पथ कर वसूली करने वाले कर्मचारी गुंडई पर उतर आते हैं। इस पीपापुल से प्रतिदिन सैकड़ों लोग लालगंज, मध्य प्रदेश, इलाहाबाद व मिर्जापुर की यात्रा करते हैं। वही दूसरी ओर मिर्जापुर जिले के लोग इस पुल से गोपीगंज, भदोही, ज्ञानपुर, जौनपुर, वाराणसी, हंडिया, बरौत, सैदाबाद, फूलपुर, प्रतापगढ़, लखनऊ की ओर आते जाते हैं। पीपा के पुल के कारण गरीबी की दंश झेल रहे लोग भी आसानी से अपनी रिश्तेदारी में जाते हैं। सैदाबाद बनकट निवासी आनंद कुमार शर्मा कहते हैं कि, पुल की करी जगह-जगह टूटी है। जिससे अजनबी राहगीर को जोखिम भरी यात्रा करनी पड़ती है। ठेकेदार सिर्फ वसूली में लिप्त रहते हैं। उन्हें पुल पर चकरप्लेट डालने की परवाह नहीं है। चकर प्लेट नहीं होने से पुल पर लगे लकड़ी की करी जगह-जगह टूट गई हैं। जिससे पैदल चलने वालों को हमेशा इस खतरनाक होल में पैर जाने का भय बना रहता है। पीपापुल पर दोनो तरफ रेलिंग में तार नहीं लगे हैं। जिससे कोई वाहन और राहगीर गंगा में गिर सकता है। पुल के बाहर चकर प्लेट नहीं रखने के कारण बालू में वाहन सहित यात्री रेत में फंस कर करके घंटों हलाकान होते हैं। लोक निर्माण विभाग का ध्यान इस ओर से पूरी तरह से हट चुुका है।

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