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इतिहास बनी बदायूं की मीटर गेज रेलवे लाइन

Sat, 15 Feb 2014 05:44 AM IST
Badaun
Badaun Updated Sat, 15 Feb 2014 05:44 AM IST
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बदायूं। अंग्रेजी हुकूमत के समय शुरू हुई मीटर गेज पर ट्रेन ने शुक्रवार को अपना आखिरी सफर तय किया। रात 8.30 बजे रेलवे स्टाफ ने भावुक होकर कासगंज फास्ट पैसेंजर को विदा किया। 14 फरवरी 2014 को बदायूं से कासगंज तक का सफर तय कर सैकड़ों मुसाफिर इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। बदायूं से कागसंज को जाने वाली आखिरी ट्रेन को अलविदा कहने के लिए स्टेशन पर तैनात सभी अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे। हरी झंडी दिखाकर मीटर गेज को अलविदा कहा गया।
शनिवार को बदायूं-कासगंज के बीच मेगा ब्लाक लेने के लिए शुक्रवार को कासंगज फास्ट पैसेंजर को आखिरी सफर के लिए रवाना किया गया। इससे पहले एक जनवरी को घटपुरी में बरेली-बदायूं के बीच गेज परिवर्तन के लिए मेगा ब्लाक लिया गया था।
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इतिहास की रात आखिरी मीटर गेज ट्रेन जैसे ही बदायूं स्टेशन पहुंची, एकाएक मुसाफिरों में जिज्ञासा नजर आई। कर्मचारियों में जहां उत्साह था वहीं मन में कुछ दुख भी था। सफर करने वाले सैकड़ों मुसाफिरों के चेहरों पर खुशी और गम दोनों झलक रहे थे। खुशी इस बात की ब्राडगेज की सौगात मिलेगी। गम इस बात का सैकड़ों साल पुराना रिश्ता हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो गया। आखिरी पल के सैकड़ों लोगों ने सफर करके अपना नाम भी एनई रेल इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया। इस यादगार क्षण को वह आने वाली पीढ़ी कोे बताएंगे। मालूम हो कि सन् 1884 में ब्रिटिश सरकार ने अपनी सहूलियत के लिए रेल खंड का निर्माण करा ट्रेन का संचालन करवाया था।
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कभी नहीं भूल सकता सफर

मैं छोटा था, तब से मीटर गेज का सफर कर रहा हूं। कई साल पहले सुना कि मीटर गेज को ब्राडगेज में बदला जाना है। अब जाकर ब्राड गेज का काम जारी हो सका। सुनकर अच्छा लगा लेकिन आदत छोटी लाइन की पड़ गई थी।
-धर्मचंद, यात्री
यकीन नहीं होता हम इतिहास के साक्षी बने

बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि मै इस यादगार पल की साक्षी बनूंगी। तमाम सफर तय किए लेकिन इत्तफाक से आज भी हमने इस ट्रेन से सफर किया।
-रजनी, यात्री
उद्योग जगत को मिलेगा बढ़ावा

भविष्य को देखते हुए ब्राड गेज का आना जरूरी था। दो घंटे का सफर तीन-चार घंटे में पूरा होता था। बड़ी लाइन होने से सफर तो अच्छा होगा ही, उद्योग जगत को भी बढ़ावा मिलेगा।
- जीवनदास, यात्री
युवाओं का सपना पूरा होगा

ब्राडगेज लाइन होने से गांव-देहात के बच्चों का सपना भी बाहर जाकर पढ़ाई करने का पूरा हो सकेगा, क्योंकि आने-जाने की सुविधा के लिए अब उनके यहां से होकर कई ट्रेन गुजरेंगी।
-राजेंद्र कुमार, यात्री

लालकुआं के बाद कासगंज भी बना यादगार
आखिरी मीटर गेज ट्रेन को बदायूं से ले जाने वाले लोको पायलट अशोक कुमार सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि यह उनके लिए यादगार पल है। सेवा करते हुए उन्होंने पहले लालकुआं इसके बाद कासंगज के लिए ट्रेन दौड़ाकर मीटरगेज ट्रेन का आखिरी सफर तय करवाया। उनके साथ सहायक लोको पायलट धीरेंद्र कुमार भी रहे।
आज से होगा मेगा ब्लाक
इज्जतनगर मंडल से पूर्वोत्तर रेलवे के एडीआरएम आकर मेगा ब्लाक का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद पटरियां उखाड़कर बड़ी पटरियां बिछाने का कार्य किया जाएगा। पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि 10.30 बजे एडीआरएम पहुंचेंगे।

खुला रहेगा पीआरएस

आरक्षण कराने के लिए पब्लिक रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) खुला रहेगा। पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि पीआरएस पर कुछ संशय है, जिसे शनिवार को दूर कर दिया जाएगा।


आधुनिक यंत्र लगेंगे
बदायूं स्टेशन मास्टर कक्ष में रखे यंत्र का भी शुक्रवार को अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इनकी जगह आधुनिक यंत्र लेेंगे। स्टेशन मास्टर ने बताया कि नया स्टेशन मास्टर कक्ष बन रहा है और नए यंत्र यहीं लगाए जाएंगे।
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