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मेला ककोड़ा -- सजने लगीं दुकानें, बढ़ने लगी रौनक

Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
Badaun
Badaun Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेला ककोड़ा। मिनी कुंभ में दुकानें सजने और खेल-तमाशे पहुंचने के साथ ही रौनक बढ़ने लगी है। खैराती चौक से लेकर हलवाई गली तक पूरा बाजार सज गया है। इस सबके बीच दुकानदारों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। दुकानदारों को को दिक्कत न हो, इसके लिए जिला पंचायत ने अपना कैंप भी लगा लिया है।
मेला प्रशासनिक अधिकारी महावीर सिंह यादव ने बताया कि मेले में नौटंकी और थिएटर के लिए अनुमति दे दी गई है। कुछ थिएटर कंपनियों ने शुल्क जमा करके जमीन भी आवंटित करा ली है। मेले में वीआईपी कैंपस में तंबु लगाने का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। विधायक, सांसद और जिला पंचायत सदस्यों के लिए कैंप तैयार करा लिए गए हैं।
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मौत का कुआं में होंगे हैरतअंगेज करतब

मेला ककोड़ा। यहां लगने वाले मौत के कुएं में एक साथ 12 गाड़ियां चलेंगी। इनमें छह कार और छह बाइक होंगी। सभी गाड़ियां एक साथ चलेंगी। मैनेजर असलम ने बताया कि मेले में देश का सबसे बड़ा मौत का कुआं लगा है। इसके अलावा मेले में सर्कस, कई तरह के झूले आदि भी पहुंच गए हैं। मेले में मनोरंजन के तमाम साधन उपलब्ध रहेंगे।
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मेला ककोड़ा। मेले में प्रवेश द्वार पर ही फायर स्टेशन बनाया गया है। गंगा तट पर भी तीन फायर कैंप बनाए गए हैं। प्रत्येक कैंप में एक गाडी़ और फायर यूनिट रहेगी। फिलहाल मेले में एक गाड़ी पहुंच गई है। वीआईपी कैंप में दो छोटी गाड़ियां रहेंगी। मेले में किसी भी तरह की अग्नि दुर्घटना को रोकने के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

मेला परिसर में लगेंगे 350 सार्वजनिक हैंडपंप

मेला ककोड़ा। मेला परिसर में विभिन्न मार्गों और बाजारों में 350 सार्वजनिक हैंडपंप लगाए जाएंगे। मेले में प्रवास करने वाले श्रद्धालुओं को हैंडपंप लगवाने के लिए 600 रुपये दने होंगे। मेला प्रशासन का कहना है कि इस बार श्रद्धालुओं को पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।


चूल्हा - चाकी की भी सजी दुकानें

मेला ककोड़ा। मेले में मिट्टी के चूल्हों, चाकी और सिलबट्टों की दुकानें भी सजने लगी हैं। तमाम श्रद्धालु देवोत्थान एकादशी को मेले में पहुंच जाते हैं और गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं।
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