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डोर टू डोर नहीं पिलाई जा रही पोलियो दवा
Badaun
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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सीएमओ ऑफिस में फोन पर पहुंच रही शिकायतें
सिटी रिपोर्टर
बदायूं। जिला जैसे-जैसे पोलियो मुक्त होता जा रहा है वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बनता जा रहा है। यही कारण है कि 0 से पांच साल तक के बच्चों को डोर-टू-डोर पोलियो दवा नहीं पिलाई जा रही हैं। इसकी शिकायत सीएमओ के पास फोन पर और लिखित में पहुंच रहे हैं।
जिले में पल्स पोलियो अभियान चार नवंबर को चलाया गया। इस दिन लगभग तीन लाख बच्चों को पोलियो दवा बूथों पर पिलाई गई थी। जबकि सात लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य मिला था। बाकी चार बच्चों को पांच दिनी डोर-टू-डोर कार्यक्रम के माध्यम से ये दवा पिलाई जानी थी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अलावा शिक्षा विभाग के भी शामिल रहे। आशा कार्यकत्रियों को भी लगाया गया था। दवा बच्चों तक न पहुंचने पर ग्रामीण खुद विभाग के अफसरों को फोन कर रहे हैं। शुक्रवार को अब्दुल्लागंज और कादरचौक से शिकायत पहुंची। बताया गया कि उनके गांव में कोई दवा पिलाने नहीं पहुंचा। मालूम हो कि इस अभियान के अंतर्गत विभाग के आंकड़ में 7,70,373 बच्चों को दवा पिलाई गई है।
अधिकांश बच्चों को डोर-टू-डोर पोलियो दवा पिला दी गई है। जहां से शिकायत मिल रही हैं वहां टीम भेजकर दवा पिलवाई जा रही है।-डा. आरपी सिंह, सीएमओ
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सिटी रिपोर्टर
बदायूं। जिला जैसे-जैसे पोलियो मुक्त होता जा रहा है वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बनता जा रहा है। यही कारण है कि 0 से पांच साल तक के बच्चों को डोर-टू-डोर पोलियो दवा नहीं पिलाई जा रही हैं। इसकी शिकायत सीएमओ के पास फोन पर और लिखित में पहुंच रहे हैं।
जिले में पल्स पोलियो अभियान चार नवंबर को चलाया गया। इस दिन लगभग तीन लाख बच्चों को पोलियो दवा बूथों पर पिलाई गई थी। जबकि सात लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य मिला था। बाकी चार बच्चों को पांच दिनी डोर-टू-डोर कार्यक्रम के माध्यम से ये दवा पिलाई जानी थी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अलावा शिक्षा विभाग के भी शामिल रहे। आशा कार्यकत्रियों को भी लगाया गया था। दवा बच्चों तक न पहुंचने पर ग्रामीण खुद विभाग के अफसरों को फोन कर रहे हैं। शुक्रवार को अब्दुल्लागंज और कादरचौक से शिकायत पहुंची। बताया गया कि उनके गांव में कोई दवा पिलाने नहीं पहुंचा। मालूम हो कि इस अभियान के अंतर्गत विभाग के आंकड़ में 7,70,373 बच्चों को दवा पिलाई गई है।
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अधिकांश बच्चों को डोर-टू-डोर पोलियो दवा पिला दी गई है। जहां से शिकायत मिल रही हैं वहां टीम भेजकर दवा पिलवाई जा रही है।-डा. आरपी सिंह, सीएमओ