फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   ›   18 साल से लटका है बहादुर दरोगा का प्रमोशन

18 साल से लटका है बहादुर दरोगा का प्रमोशन

Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
Badaun
Badaun Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
रोकी जा सकती है
विज्ञापन

सत्ताएं करती हैं पुलिसकर्मियों के भाग्य का फैसला

विदेशी मेहमानों को आतंकियों से छुड़ाया था
सिटी रिपोर्टर
बदायूं। अपहृत विदेशियों को छुड़ाकर और छह को पकड़कर विश्व में यूपी पुलिस का नाम रोशन करने वाले दरोगा सत्यदेव यादव का 18 साल बाद भी प्रमोशन नहीं हुआ है। खास बात यह है कि सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भी आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की दो बार लिखित घोषणा की लेकिन सत्ता परिवर्तन के साथ यह कार्रवाई विभागीय ‘पचड़ों’ में फंसी रह गई। वर्तमान में वह एसआई जिले के सिविल लाइंस थाने का चार्ज संभाल रहे हैं।

ये थी देश में आतंकी घटना
सन् 1994 की 20 अक्तूबर को राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस से चार विदेशियों का आतंकवादियों ने अपहरण किया था। इनमें एक अमेरिका और तीन इंग्लैंड के थे। इस घटना को आतंकी संगठन हरकत उल अंसार के आतंकियों ने अंजाम दिया था। उस समय श्री यादव गाजियाबाद के थाना मसूरी के प्रभारी थे। 31 अक्तूबर को थाना क्षेत्र में अमेरिकन वेला जोसेफ न्यूंस की मौजूदगी की सूचना मिली। मौके पर पुलिस पहुंची तो आतंकियों से मुचैटा हो गया। इस दौरान आतंकी अहमद उमर सईद शेख निवासी लंदन के अलावा अफगानिस्तान का अब्दुल रहीन और हापुड़ का सईद पकड़ लिए गए। वहीं अमेरिकी अपहृत भी छुड़ा लिया गया।
विज्ञापन


यहां हुई शहादत
गिरफ्तार आतंकवादियों की निशानदेही पर विदेशी मेहमान राइस करगेट पार्टरिज, क्रिस्टोफर माइल फ्रेस्टा और पाल वेंजामिन रेडाउट को छुड़ाने के लिए पुलिस टीम सहारनपुर पहुंची। यहां आतंकवादियों से एनकाउंटर में साहिबाबाद के कोतवाल ध्रुवलाल यादव और कांस्टेबिल राजेश को शहादत मिली। वहीं आतंकी मोहम्मद अली भी मारा गया। दो आतंकी पकड़े भी गए। इसी के साथ इंग्लैड के लोगों को पुलिस टीम छुड़ा लाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह हुई कार्रवाई
सभी आतंकवादियों पर दायर केस की सुनवाई मेरठ जिला जज की कोर्ट में हुई और 19 नवंबर 1998 को उन्हें 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई गई। आतंकी सरगना अहमद उमर सईद शेख को छुड़ाने के लिए उसके संगठन ने 154 यात्रियों से भरा भारतीय विमान भी हाइजेक किया था। इसके बदले विदेशमंत्री जसवंत सिंह के निर्देश पर आतंकियों को कंधार में रिहा किया गया।


... और अटक गया प्रमोशन
इधर, इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का नाम रोशन करने वाले एसआई सत्यदेव को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने पुलिस अधिनियम केतहत आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने का घोषणा पत्र जारी किया लेकिन सरकार बदल गई। वर्ष 1996 में मुलायम सिंह रक्षामंत्री बने और पुन: प्रमोशन का लिखित आदेश डीजीपी को दिया। तत्कालीन डीजीपी विक्रम सिंह ने इस पर मुहर लगा दी लेकिन सत्ता परिवर्तन और विभागीय भ्रष्टाचार ने इस पर ग्रहण लगा दिया। अब फिर सत्ता बदली है तो उम्मीद जागी है कि शायद मुलायम के बेटे अखिलेश अपने पिता के किए वायदे को निभाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed