हत्यारोपी तीन लोगों को उम्रकैद

Badaun Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
बदायूं। जिला सेशन कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन नामजद आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ सेशन जज योगेश कुमार ने प्रत्येक पर एक-एक हजार रुपये जुर्माना भी डाला है।
घटना थाना कुंवरगांव क्षेत्र के गांव पनौठा की है। दुर्गाप्रसाद के खेत और ट्यूबवेल की नन्हें रखवाली करता था। रोज की तरह पांच फरवरी 2005 की रात भी वह खेत पर था। इसी बीच आरोपी राजपाल, बाबूराम, मंगली, जांगन ट्यूबवेल केपास पहुंचे तो नन्हें के टोकने पर आरोपी गालियां देने लगे। मना करने पर चारों ने लाठियों से मारा-पीटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया। नन्हें ने इलाज के दौरान दो दिन बाद दम तोड़ दिया।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने नन्हें के गैर इरादतन कत्ल के आरोप में दोषी राजपाल, मंगली और जांगन को उम्रकैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सरकारी वकील रोहिताश सक्सेना ने की। दौरान मुकदमा चौथे आरोपी बाबूराम की मौत हो गई।
गैर इरादतन कत्ल में तीन लोगों को कैद, जुर्माना
बदायूं। न्यायालय संख्या छह अपर सेशन जज एसएन त्रिपाठी ने गैर इरादतन कत्ल के जुर्म में दोषी पाकर तीन आरोपियों को आठ-आठ साल कैद और प्रत्येक पर 12-12 हजार रुपये जुर्माना ठोंका है।
थाना बिल्सी क्षेत्र के गांव सिरसौल निवासी सत्यप्रकाश और उसके भाई नरवीर की फसल उर्द गांव के दक्षिण स्थित मंदिर में रखे थे। फसल स्वामी का भाई रामनिवास 24 नवंबर 1997 की रात 9.30 बजे फसल देखने पहुंचा तो वहां आरोपी ओमपाल सुअर चरा रहा था। मना करने पर वह ऐंठकर बोला जो करना हो कर लो ऐसे ही सुअर चराएंगे। तभी उसका भाई अशोक सहित राजेंद्र लाठियां लेकर आ गए। मारने को दौड़े तो रामनिवास शोर मचाता हुआ घर की ओर भागा। शोर पर बचाने को आए उसके भाई सत्यप्रकाश, नरवीर पाल और पुत्र मुकेश पर आरोपियों ने लाठियों से प्रहार किए। इस पर वह गंभीर रूप से घायल हो गया। नरवीर पाल ने इलाज केदौरान दम तोड़ दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद गैर इरादतन हत्या के आरोप में दोषी पाकर ओमपाल, राजेंद्र और अशोक को आठ-आठ साल कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।

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