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अब टुकड़ों में मिलेगी रकम
Badaun
Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की रकम अब स्वास्थ्य विभाग को टुकड़ों में मिलेगी। यानि उपभोग प्रमाण पत्र के बाद अगली किश्त जारी की जाएगी। गौरतलब है कि घोटाले में शामिल सूबे के 21 जिलों में बदायूं भी संदिग्ध है।
एनआरएचएम के तहत एक दर्जन योजनाओं का संचालन हो रहा है। इसमें जननी सुरक्षा योजना, आशीर्वाद योजना, स्कूल हेल्थ प्रोग्राम, एंबुलेंस और जेनरेटर संचालन, दवाओं की खरीद, टीकाकरण, चिकित्सकों की तैनाती और उनका मानदेय, सामान की खरीद, ऑपरेशन थियेटरों का उच्चीकरण, प्रचार प्रसार को होर्डिंग्स लगाना आदि शामिल हैं। पिछले साल इनके संचालन को विभाग को लगभग 27 करोड़ की रकम मिली थी। आखिरी समय में इस रकम को आनन फानन में खर्च दिखाया गया था। इसका खुलासा सीबीआई की टीम पहले ही कर चुकी है। हालांकि घोटाला सामने नहीं आया, लेकिन जिले को संदिग्ध माना गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक जननी सुरक्षा योजना के लिए प्रसूताओं को देने को 34 लाख की रकम ही मिली। जबकि पिछले साल दो करोड़ जारी हो गए थे। कन्या भ्रूण हत्या रोकने को जागरूकता को अब तक महज 60 हजार रुपये मिले। आशीर्वाद कार्यक्रम संचालन को भी इतनी ही रकम दी गई है। यह रकम खर्च कर विभाग उपभोग प्रमाण पत्र शासन को भेजेगा तब जाकर अगली किश्त जारी होगी। पहले ये व्यवस्था नहीं थी।
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वर्जन---
पिछले सालों की भांति इस बार एनआरएचएम की रकम एक साथ शासन द्वारा जारी नहीं की जा रही है। भेजी गई रकम के उपभोग के बाद भी अगली किश्त जारी होगी। कई जिलों में घोटाले के बाद शासन ने ये फैसला लिया है। -डा. रजनीश पाल सिंह, सीएमओ
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एनआरएचएम के तहत एक दर्जन योजनाओं का संचालन हो रहा है। इसमें जननी सुरक्षा योजना, आशीर्वाद योजना, स्कूल हेल्थ प्रोग्राम, एंबुलेंस और जेनरेटर संचालन, दवाओं की खरीद, टीकाकरण, चिकित्सकों की तैनाती और उनका मानदेय, सामान की खरीद, ऑपरेशन थियेटरों का उच्चीकरण, प्रचार प्रसार को होर्डिंग्स लगाना आदि शामिल हैं। पिछले साल इनके संचालन को विभाग को लगभग 27 करोड़ की रकम मिली थी। आखिरी समय में इस रकम को आनन फानन में खर्च दिखाया गया था। इसका खुलासा सीबीआई की टीम पहले ही कर चुकी है। हालांकि घोटाला सामने नहीं आया, लेकिन जिले को संदिग्ध माना गया है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक जननी सुरक्षा योजना के लिए प्रसूताओं को देने को 34 लाख की रकम ही मिली। जबकि पिछले साल दो करोड़ जारी हो गए थे। कन्या भ्रूण हत्या रोकने को जागरूकता को अब तक महज 60 हजार रुपये मिले। आशीर्वाद कार्यक्रम संचालन को भी इतनी ही रकम दी गई है। यह रकम खर्च कर विभाग उपभोग प्रमाण पत्र शासन को भेजेगा तब जाकर अगली किश्त जारी होगी। पहले ये व्यवस्था नहीं थी।
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पिछले सालों की भांति इस बार एनआरएचएम की रकम एक साथ शासन द्वारा जारी नहीं की जा रही है। भेजी गई रकम के उपभोग के बाद भी अगली किश्त जारी होगी। कई जिलों में घोटाले के बाद शासन ने ये फैसला लिया है। -डा. रजनीश पाल सिंह, सीएमओ