स्कूलों में एक साल बाद भी वाटर प्यूरीफायर नहीं

Badaun Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
सुशील कुमार/राजेश मिश्र
बदायूं/कादरचौक। जल जनित बीमारियों से स्कूली बच्चों को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने जिले के 125 बेसिक स्कूलों में वाटर प्यूरी फायर लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी जल निगम स्कूलों में यह सुविधा मुहैया नहीं करा पाया। हालांकि मशीनें कुछ स्कूलों में पहुंच गई हैं, पर फिटिंग नहीं हुई। वाटेक संस्था को इसका जिम्मा दिया गया था। बच्चे और प्रधानाध्यापक हर दिन स्वच्छ जल मिलने का इंतजार करते हैं,पर यह अभी सपना बना हुआ है। बताया जाता है कि जिन स्कूलों का चयन किया गया है वह पोलियो संभावित क्षेत्रों में आते हैं।
पोलियो पर अंकुश लगाने की थी योजना
एक समय में पोलियो के इतने केस निकले थे कि दुनिया में बदायूं का नाम सबसे ऊपर हो गया। बच्चों में इस रोग के होने का कारण पानी को माना गया। पानी में वाइरस, बैक्टीरिया आदि होते हैं। धीरे-धीरे इनका विकास हो जाता है और बच्चे को यह प्रभावित कर देते हैं। इसी कारण केंद्र सरकार ने बदायूं के पोलियो संभावित क्षेत्रों में वाटर प्यूरी फायर लगाने की योजना बनाई, लेकिन इसे अभी तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।
इन क्षेत्रों के स्कूलों का हुआ चयन
जिले में एक दर्जन ब्लाकों का चयन किया गया, जो पोलियो संभावित थे। कुछ केस इन क्षेत्रों में निकले भी हैं। इसमें कादरचौक, आसफपुर, जगत, समरेर, सहसवान, बिसौली, बिल्सी आदि ब्लाक शामिल हैं। इन ब्लाकों के 125 विद्यालयों का चयन सर्वे के आधार पर किया गया था। एक प्यूरीफायर पर 15 हजार रुपये व्यय होने थे। इस तरह लगभग 19 लाख रुपये की मंजूरी मिली थी।
यहां भेजे गए हैं उपकरण, पर धूल चढ़ी
कादरचौक क्षेत्र के लभारी,कादरचौक, कादरवाड़ी, पंखियानगला, कुड़ाशाहपुर, ललसीनगला, बेहटाडंबर नगर, रमजानपुर सहित दर्जनभर गांवों के स्कूलों में कुछ माह पूर्व वाटर प्यूरी फायर के उपकरण भेजे गए थे, लेकिन फिट नहीं किए गए। इन पर धूल चढ़ी हुई है। शिक्षकों को जल स्वच्छता से संबंधित ट्रेनिंग दी गई थी, पर उपकरण लगाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक-----
नहीं फिट किया गया सामान

प्राथमिक स्कूल लभारी की प्रधानाध्यापक मीना कुमारी का कहना है कि एक साल पहले वाटर प्यूरीफायर के लिए सामान यहां रखा गया है, लेकिन लगाया नहीं गया।

नहीं मिला स्वच्छ जल

प्राथमिक स्कूल कादरबाड़ी पंखियानगला के प्रधानाध्यापक उदयवीर सिंह का कहना है कि यहां भी स्वच्छ जल के लिए मशीनें लगनी थी, लेकिन अभी तक नहीं आई हैं।

सामान हो गया चोरी

प्राथमिक स्कूल रमजानपुर की शिक्षक अंजुमन फात्मा का कहना है कि सामान यहां भेजा गया है, लेकिन कुछ सामान चोरी हो गया है। यदि लग जाता तो बच्चों को स्वच्छ पानी मिल जाता।

आधा-अधूरा ही आया सामान
प्राथमिक स्कूल बेहटा डंबरनगर निवासी तरगीव दानिस का कहना है कि वाटर प्यूरी फायर के लिए आधा-अधूरा ही सामान मिला है। स्वच्छ जल के लिए ट्रेनिंग दी गई थी, पर काम नहीं आ रही है।

केंद्र सरकार की योजना के तहत चयनित स्कूलों में वाटर प्यूरीफायर लगाए जा रहे हैं। यह काम वाटेक संस्था कर रही है। कितने स्कूलों में यह उपकरण लगे, इसकी सूची मांगी गई है।-डीपी सिंह, एक्सईएन, जल निगम

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