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एसबीआई के शाखा प्रबंधक समेत सात पर एफआईआर

Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
Badaun
Badaun Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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बदायूं/दातागंज। भारतीय स्टेट बैंक दातागंज की शाखा द्वारा बीते 20 अप्रैल को 6 लाख 71 हजार चार सौ रुपये का ड्राफ्ट कैश कराने और इस धनराशि को विभिन्न खातों के नाम जारी करने के फर्जीवाड़े की खबर अमर उजाला ने चार मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की। खबर का असर शुक्रवार की रात नौ बजे हुआ और जिला प्रोबेशन अधिकारी की तहरीर पर एसबीआई दातागंज के मैनेजर, बदायूं के कैशियर सहित सात लोगों केखिलाफ धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ है।
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ये रही प्रोबेशन अधिकारी की तहरीर
जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्ञान प्रकाश तिवारी ने थाने में दी गई तहरीर की प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी को भी दी है। इसमें लिखा है कि चार मई को दैनिक अमर उजाला समाचार पत्र से उन्हें ज्ञात हुआ है कि भारतीय स्टेट बैंक की बदायूं की मुख्य शाखा द्वारा एसबीआई दातागंज को जारी ड्राफ्ट संख्या 683787( 671400 रुपये) का बीती 20 अप्रैल को विधवा भरण पोषण अनुदान योजना के लाभार्थियों की फर्जी सूची अज्ञात लोगों द्वारा तैयार कर निशा देवी पत्नी पप्पू निवासी गांव वमनपुरा, उर्मिला देवी पत्नी रामप्रसाद व संता देवी पत्नी अजयपाल निवासी गांव गढ़िया शाहपुर के खातों में क्रमश: रुपये 231400, 230000 और 210000 बैंक द्वारा अंतरित की गई। जबकि विभाग में इस नाम की योजना नहीं है। अत: इस फर्जीवाड़े की जांच के लिए तीनों लाभार्थी, एसबीआई दातागंज के प्रबंधक, बदायूं की मुख्य शाखा के एकांउटेंट, कार्यालय का तृतीय श्रेणी का कर्मचारी सरताज हुसैन और गढ़िया शाहपुर के जयनेंद्रपाल के खिलाफ दी गई तहरीर पर पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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विदित हो कि चार मई के अंक में अमर उजाला में कोई पेंशन को तरस रहा तो कहीं लाखों के वारेे-न्यारे शीर्षक से छपी खबर में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिनके नाम चेक भुनाया गया उन महिलाओं उर्मिला और संता देवी आदि को महज पांच सौ एवं हजार रुपये देकर टरका दिया गया। इस मामले में एसबीआई के शाखा मैनेजर ने ही शक होने पर रिकार्ड की जांच करानी शुरू की थी।
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बैंक अफसर नहीं दे सके रिकार्ड
रकम जारी करने के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखाओं के अफसरों-कर्मचारियों को मैंने बुलाया और उनसे दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे सके। जांच में यह मामला वाकई फर्जीवाड़े का निकला। इसी के तहत जिला प्रोबेशन अधिकारी के जरिये मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं और जारी हुई रकम की रिकवरी भी कराई जाएगी।
सूर्यपाल गंगवार, सीडीओ
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