{"_id":"119-107235","slug":"Badaun-107235-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेल्स टैक्स अफसर और व्यापारियों में नोकझोंक"}
सेल्स टैक्स अफसर और व्यापारियों में नोकझोंक
Badaun
Updated Sat, 29 Nov 2014 05:31 AM IST
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उझानी (बदायूं)। बरेली से मंडी समिति पहुंची वाणिज्य कर विभाग की टीम को आढ़तियों के विरोध का सामना करना पड़ा। एक प्रतिष्ठान के बाहर धान की बोरियों का चट्टा देख अभिलेखीय मिलान करने में जुटे डिप्टी कमिश्नर रामाशंकर कठेरिया और व्यापारियों के बीच नोकझोंक भी हो गई। आरोप है कि गल्ला व्यापारियों ने उनके हाथ से पर्चियां छीन कर फाड़ दीं और गाली गलौज की।
डिप्टी कमिश्नर रामाशंकर कठेरिया के नेतृत्व में वाणिज्य कर विभाग की टीम शुक्रवार दोपहर में कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर पहुंची। कठेरिया समेत कर्मचारियों ने मंडी प्रशासन से बात कर आढ़तों पर आवक के बारे में जानकारी हासिल की। बाद में टीम एक प्रतिष्ठान पर पहुंच गई। प्रतिष्ठान पर मिले मुनीम से पर्चियां हासिल कर टीनशेड के बाहर लगे धान की बोरियों के चट्टे का मिलान शुरू होता देख कई आढ़ती भी पहुंच गए।
आरोप है कि आढ़तियों में से कुछेक ने डिप्टी कमिश्नर के हाथ से पर्चियां छीन लीं। उन्हें फाड़ कर फेंक दिया गया। कठेरिया की मानें तो गाली गलौज के साथ उनसे हाथापाई का भी प्रयास किया गया। कठेरिया समेत वाणिज्य कर विभाग की टीम ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस की शरण ली। इस पूरे मामले में ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि टीम ने धान के उन चट्टों को चेक किया जो कि कासगंज समेत आसपास इलाकों के किसानों के थे। मंडी परिसर में इसे लेकर काफी देर तक अफरातफरी का भी माहौल रहा। रामाशंकर कठेरिया ने बताया कि छापामार कार्रवाई नियमानुसार की गई। गल्ला व्यापारियों ने विरोध का जो तरीका चुना, वह गलत था। करीब दो करोड़ रुपये का घपला हो सकता है। रिपोर्ट लिखाने को कोतवाली में तहरीर दे दी गई है।
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डिप्टी कमिश्नर रामाशंकर कठेरिया के नेतृत्व में वाणिज्य कर विभाग की टीम शुक्रवार दोपहर में कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर पहुंची। कठेरिया समेत कर्मचारियों ने मंडी प्रशासन से बात कर आढ़तों पर आवक के बारे में जानकारी हासिल की। बाद में टीम एक प्रतिष्ठान पर पहुंच गई। प्रतिष्ठान पर मिले मुनीम से पर्चियां हासिल कर टीनशेड के बाहर लगे धान की बोरियों के चट्टे का मिलान शुरू होता देख कई आढ़ती भी पहुंच गए।
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आरोप है कि आढ़तियों में से कुछेक ने डिप्टी कमिश्नर के हाथ से पर्चियां छीन लीं। उन्हें फाड़ कर फेंक दिया गया। कठेरिया की मानें तो गाली गलौज के साथ उनसे हाथापाई का भी प्रयास किया गया। कठेरिया समेत वाणिज्य कर विभाग की टीम ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस की शरण ली। इस पूरे मामले में ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि टीम ने धान के उन चट्टों को चेक किया जो कि कासगंज समेत आसपास इलाकों के किसानों के थे। मंडी परिसर में इसे लेकर काफी देर तक अफरातफरी का भी माहौल रहा। रामाशंकर कठेरिया ने बताया कि छापामार कार्रवाई नियमानुसार की गई। गल्ला व्यापारियों ने विरोध का जो तरीका चुना, वह गलत था। करीब दो करोड़ रुपये का घपला हो सकता है। रिपोर्ट लिखाने को कोतवाली में तहरीर दे दी गई है।
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