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Ukraine: जेलेंस्की ने अमेरिका भेजा प्रतिनिधिमंडल, फिर तेज हुईं त्रिपक्षीय वार्ता की कोशिशें; रूस ने क्या कहा?

Fri, 20 Mar 2026 06:36 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव। Published by: Nirmal Kant Updated Fri, 20 Mar 2026 06:36 PM IST
सार

Ukraine:  यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपना प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजकर रूस से वार्ता के लिए  प्रयास फिर तेज कर दिए हैं। त्रिपक्षीय वार्ता अभी रुकी हुई है। ईरान युद्ध के कारण दुनिया का ध्यान यूक्रेन से हटा है। पढ़िए रिपोर्ट

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Zelenskyy sends delegation to US seeking resumption of Russia-Ukraine talks
वोलोदिमीर जेलेंस्की, व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

यूक्रेनी राष्ट्र्पति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा है, ताकि उनके देश पर रूस के आक्रमण को समाप्त करने के लिए थमी हुई वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, क्रेमलिन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को संकेत दिया कि मॉस्को और कीव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता वाली वार्ता का नया दौर जल्द शुरू हो सकता है।
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उन्होंने कहा, त्रिपक्षीय वार्ता में अभी तक अहम मुद्दों पर कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई है। यह वार्ता रुकी हुई है, क्योंकि ईरान युद्ध दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। जेलेंस्की जल्द वार्ता शुरू करना चाहते हैं और उन्होंने गुरुवार शाम कहा कि उन्होंने प्रतिनिधियों को अमेरिका भेजा है, जिनकी शनिवार को बैठक होने की उम्मीद है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने किसी बैठक की पुष्टि नहीं की है। 
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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस उन वार्ताओं में शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नए त्रिपक्षीय बैठक का समय और स्थान अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, यह विराम अस्थायी है, हम उम्मीद करते हैं कि त्रिपक्षीय प्रारूप की वार्ता फिर शुरू होगी। 
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पश्चिमी यूरोपीय अधिकारियों ने पिछले साल कई बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर वार्ता में देरी करने का आरोप लगाया। पुतिन अपनी सेना का उपयोग करके अधिक यूक्रेनी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। रूस की सेना यूक्रेन के लगभग 20 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर चुकी है।


ये भी पढ़ें: खर्ग द्वीप पर कब्जा या घेराबंदी की तैयारी?, होर्मुज खोलने के लिए ईरान पर दबाव बनाने का प्लान बना रहे ट्रंप

28 फरवरी को इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए। जिसके बाद पश्चिम एशिया के संघर्ष ने यूक्रेन से दुनिया का ध्यान हटा दिया है। साथ ही, अमेरिका की ओर से तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में अस्थायी छूट के कारण रूस वित्तीय लाभ उठा रहा है। जबकि यूक्रेन को गंभीर नकदी संकट का सामना करना पड़ रहा है और यूरोपीय संघ की ओर से 90 अरब यूरो (103 बिलियन डॉलर) का ऋण देने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। 
 
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