Nepal: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीएम प्रचंड के खिलाफ दर्ज हुई रिट याचिका; पशुपतिनाथ मंदिर जाने पर भी मचा बवाल
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डॉ. आनंद मोहन भट्टाराई की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को रिट दर्ज करने का आदेश जारी किया था, जो अब रविवार को दायर कर लिया गया है। बता दें, बिस्टा की पिटिशन को सुप्रीम कोर्ट ने पहले एक बार रद्द कर दिया था।
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नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की मुश्किले एक बार फिर बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पीएम प्रचंड के खिलाफ रिट याचिका दायर कर ली है। कम्युनिस्ट पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष और पीएम प्रचंड के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने माओवादी सैनिकों के रूप में बच्चों का उपयोग किया है। एक पूर्व बाल सैनिक लेनिन बिस्टा ने याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि राजशाही के खिलाफ माओवादियों के युद्ध में बाल सैनिकों का इस्तेमाल किया गया था। इससे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन होता है। बता दें, दो दिन पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने रिट फाइल करने का आदेश जारी किया था।
पहले रद्द हुई थी याचिका
लेनिन ने याचिका में प्रचंड के साथ-साथ पूर्व पीएम डॉ बाबूराम भट्टराई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रचंड तत्कालीन विद्रोही माओवादी पार्टी के प्रमुख थे। भट्टराई दूसरे नंबर के कमांडर थे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डॉ. आनंद मोहन भट्टाराई की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को रिट दर्ज करने का आदेश जारी किया था, जो अब रविवार को दायर कर लिया गया है। बता दें, बिस्टा की पिटिशन को सुप्रीम कोर्ट ने पहले एक बार रद्द कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने दोबारा रद्द करने के खिलाफ याचिका लगाई थी।
4008 सैनिक हुए थे अयोग्य
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने सीपीएन-एम की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 4008 सैनिकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। तर्क देते हुए संयुक्त राष्ट्र ने बताया था कि वह नाबालिग थे। 2007 में एक सत्यापन खत्म होने के बाद सामने आया कि 2900 से अधिक गुरिल्ला नाबालिग थे। अयोग्य हुए बाल सैनिकों ने तीन साल के लिए कैंट में रुके थे। एक दशक के माओवादी विद्रोह में 16000 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। शांति समझौते के माध्यम से 2006 में राजशाही के खिलाफ विद्रोह समाप्त हुआ था।
विपक्ष ने साधा निशाना
नेपाली विपक्ष ने रविवार को नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड के खिलाफ निशाना साधा है। एक दिन पहले पूरी कैबिनेट के साथ पशुपतिनाथ मंदिर गए प्रंचड पर राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगाया है। कैबिनेट मंत्रियों में वित्त मंत्री, विदेश मंत्री सभी मंत्री शामिल थे। बता दें, प्रचंड पहली बार पशुपतिनाथ मंदिर गए थे। विपक्षी नेता का कहना है कि प्रचंड मंदिर जाकर अपनी कट्टरपंथी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।