World: US की एजेंसी का दावा- 1956 के बाद हत्या दर सबसे कम; हादसे के बाद अपाचे प्रशिक्षण मिशनों पर अस्थायी रोक
अमेरिका में हत्या की दर 2025 में 75 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। एफबीआई की अपराध रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल कुल हिंसक अपराधों में भी 9.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हत्या और गैर-इरादतन हत्या के मामलों में 18.1 प्रतिशत कमी आई, जबकि संपत्ति संबंधी अपराध 12.4 प्रतिशत घटे। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में हत्या की दर प्रति एक लाख आबादी पर 4.1 रही, जो 1955 और 1956 के स्तर के बराबर है और 1900 के बाद सबसे कम दरों में शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अपराध में गिरावट के पीछे किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना मुश्किल है। आर्थिक परिस्थितियां, स्थानीय नीतियां और सार्वजनिक सुरक्षा रणनीतियां समेत कई कारक प्रभाव डाल सकते हैं। शुक्रवार को जारी इस रिपोर्ट के संबंध में एफबीआई ने कहा कि 2026 की पहली छमाही में भी अपराध में गिरावट जारी रही। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गिरते अपराध के आंकड़ों का श्रेय अपनी सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था नीतियों को दिया।
तीन लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस लेने को तैयार म्यांमार
जा चुकी है। म्यांमार के मुताबिक, ये लोग पश्चिमी रखाइन राज्य के पूर्व निवासी हैं। सुरक्षा की स्थिति बेहतर होने के बाद म्यांमार उन्हें वापस लेने के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब रोहिंग्या शरणार्थी संकट को नौ साल पूरे हो रहे हैं।
बांग्लादेश के शिविरों में अब भी लाखों शरणार्थी रह रहे हैं। ये लोग अगस्त 2017 में म्यांमार से भागकर बांग्लादेश पहुंचे थे। उस समय रोहिंग्या विद्रोही संगठन के एक समूह ने रखाइन में सुरक्षा चौकियों पर हमला किया था। इसके बाद म्यांमार की सेना ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी।
इस सैन्य कार्रवाई के कारण सात लाख से ज्यादा रोहिंग्या सीमा पार करके बांग्लादेश पहुंच गए थे। इनमें वे सैकड़ों हजार रोहिंग्या भी शामिल थे, जो पहले हुई हिंसा की कई घटनाओं के बाद दशकों से बांग्लादेश में रह रहे थे। ये हिंसा म्यांमार की सेना की ओर से की गई थी।
दक्षिणी लेबनान पर इस्राइली हवाई हमले में सात की मौत
दक्षिणी लेबनान में शनिवार सुबह इस्राइल के हवाई हमले में सात लोगों की मौत हो गई। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी। हमले में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। समाचार एजेंसी के मुताबिक, बचावकर्मी अब भी मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं।
हादसे के बाद अमेरिका में अपाचे प्रशिक्षण मिशनों पर अस्थायी रोक
अमेरिकी सेना ने टेक्सास में अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दो सैनिकों की मौत के बाद शुक्रवार को सभी अपाचे प्रशिक्षण मिशनों को अस्थायी रूप से रोक दिया। बुधवार को फोर्ट हूड के पास सैलाडो इलाके में हेलीकॉप्टर एक घास के मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हादसे में चीफ वारंट ऑफिसर 2 डिओन्ट्रे टी. ह्यूई (34) और वारंट ऑफिसर सेठ एल. ओल्म्स्टेड (25) की मौत हो गई। सेना ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू हो गई है। अलबामा के फोर्ट रकर स्थित आर्मी कॉम्बैट रेडीनेस सेंटर की सुरक्षा टीम हादसे के कारणों का पता लगा रही है। सेना ने कहा कि प्रशिक्षण तब तक रुका रहेगा, जब तक दुर्घटना के मूल कारण की बेहतर समझ नहीं बन जाती। विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला फैसला बताया। हालांकि, सेना ने अपाचे के नियमित युद्ध अभियानों को रोकने की घोषणा नहीं की है। अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना के प्रमुख लड़ाकू विमानों में शामिल हैं।
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने इडाहो में गर्भवती महिला की सेहत की रक्षा या आत्महत्या के जोखिम को रोकने के लिए गर्भपात करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा चलाने पर रोक लगा दी है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश बी. लिन विनमिल ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए राज्य के लगभग पूर्ण गर्भपात प्रतिबंध को संविधान के 14वें संशोधन के प्रावधानों के खिलाफ बताया। फैसले के अनुसार, राज्य महिलाओं को भ्रूण के लिए गंभीर स्वास्थ्य नुकसान सहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। न्यायाधीश ने मानसिक स्वास्थ्य को अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से अलग मानने से भी इनकार किया। बोइस के डॉक्टर स्टेसी सेब ने 2024 में कानून को चुनौती दी थी। उनका कहना है कि फैसले से डॉक्टर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाली मरीजों को राज्य से बाहर भेजे बिना उपचार दे सकेंगे। हालांकि, इडाहो के अटॉर्नी जनरल राउल लैब्राडोर ने फैसले के खिलाफ अपील करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ऊपरी अदालत इसे पलट देगी। इडाहो में इस साल मतदाता भी गर्भपात कानून पर फैसला करेंगे।
US ने ईरान से जंग के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज किए, यूरोपीय देशों के संपर्क में ट्रंप प्रशासन
ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की बातचीत में गतिरोध के बीच ट्रंप प्रशासन ने कूटनीतिक प्रयासों का दायरा बढ़ा दिया है। अमेरिका अब पारंपरिक मध्यस्थों के अलावा यूरोप के ऑस्ट्रिया और ग्रीस जैसे देशों से भी संपर्क कर रहा है, ताकि तेहरान पर दबाव बनाया जा सके और वार्ता फिर शुरू हो। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस सप्ताह ऑस्ट्रिया और ग्रीस के विदेश मंत्रियों से बातचीत की। इसके तुरंत बाद दोनों यूरोपीय मंत्रियों ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी चर्चा की। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि रुबियो की बातचीत में ईरान का मुद्दा शामिल था, हालांकि उसने दोनों देशों से ईरान से संपर्क करने को कहने से इनकार किया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑस्ट्रिया और ग्रीस औपचारिक मध्यस्थ की भूमिका में नहीं हैं, लेकिन युद्ध के बढ़ते आर्थिक और सुरक्षा प्रभावों के कारण वे समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। ऑस्ट्रिया में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का मुख्यालय है, जबकि ग्रीस का समुद्री परिवहन क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रभावित है। अमेरिका के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना प्रमुख प्राथमिकता बन गया है। वहीं ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी दबाव का सामना कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच स्थायी समझौते की कोशिशें फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं।
युद्धपोत- अब्राहम लिंकन को राहत कब? ट्रंप ने बयान से चौंकाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की करीब नौ महीने की तैनाती को लेकर उठ रही चिंताओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया। पोत ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में शामिल है। मानसिक स्वास्थ्य और आपूर्ति संबंधी समस्याओं की खबरों के बीच ट्रंप ने कहा कि 260 दिनों से अधिक की तैनाती भी पर्याप्त लंबी नहीं है। ट्रंप ने बताया कि लिंकन की जगह जल्द ही एक अन्य विमानवाहक पोत तैनात किया जाएगा। हालांकि, कई डेमोक्रेट सांसदों ने सैनिकों की परिस्थितियों को लेकर रक्षा मंत्रालय से जवाब मांगा है। नौसेना ने कहा कि उसे पोत पर आत्महत्या संबंधी विचारों या प्रयासों में बढ़ोतरी के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगस्त में एक नौसैनिक समुद्र में गिर गया था, लेकिन उसे तुरंत बचाकर चिकित्सा सहायता दी गई। इस घटना को आत्महत्या का प्रयास माना गया या नहीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इस बीच, यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को लिंकन की जगह तैनात किए जाने की उम्मीद है।
अमेरिका के फीनिक्स में एक संभावित विमान हादसा टल गया, जब एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने अमेरिकन एयरलाइंस के दो विमानों को गलती से एक ही फ्लाइट नंबर के साथ उड़ते हुए पहचान लिया। दोनों विमानों का फ्लाइट नंबर 2482 था और उनके रास्ते कुछ समय के लिए एक-दूसरे के करीब आ गए थे। कंट्रोलर ने तुरंत एक विमान को “अमेरिकन 2482 अराइवल” और दूसरे को “अमेरिकन 2482 डिपार्चर” कहकर निर्देश देना शुरू किया। उसने आने वाले विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर बनाए रखा और उड़ान भर चुके विमान को अधिक ऊंचाई पर जाने से रोका। दोनों विमानों के पायलटों को एक-दूसरे की मौजूदगी की जानकारी भी दी गई, जिससे आवश्यक दूरी बनी रही।
संघीय एजेंसी- FAA और एयरलाइंस करेंगे जांच
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ स्टीव अरोयो के अनुसार, संभव है कि एयरलाइन के डिस्पैच विभाग से यह पता लगाने में चूक हुई कि दोनों विमान एक ही समय में हवा में होंगे। आम तौर पर फ्लाइट 2482 शिकागो और फीनिक्स के बीच संचालित होती है, लेकिन मौसम के कारण शिकागो से आने वाली उड़ान में देरी हुई और फीनिक्स से दूसरा विमान रवाना किया गया। शुक्रवार तड़के टली इस दुर्घटना की जांच अमरिकी संघीय एजेंसी- एफएए और अमेरिकन एयरलाइंस मिलकर करेंगे। एयरलाइन ने दुर्घटना टालने को लेकर कंट्रोलरों और पायलटों की सतर्कता की सराहना की है।