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World Updates: डेनमार्क में मेटे फ्रेडरिकसन तीसरी बार बनीं पीएम, चार दलों की गठबंधन सरकार का करेंगी नेतृत्व
Tue, 02 Jun 2026 03:21 PM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 02 Jun 2026 03:21 PM IST
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संसदीय चुनावों के लगभग 10 सप्ताह बाद गठबंधन समझौते पर पहुंचने के साथ ही मेटे फ्रेडरिकसन ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल सुरक्षित कर लिया है। सोशल डेमोक्रेट फ्रेडरिकसन चार दलों से मिलकर बनने वाली एक नई मध्य-वामपंथी सरकार का नेतृत्व करेंगी।
सोमवार देर रात, फ्रेडरिकसन ने राजा फ्रेडरिक एक्स को अपने सोशल डेमोक्रेट्स, सोशलिस्ट पीपुल्स पार्टी, दक्षिणपंथी लिबरल वेंत्रे पार्टी और मध्यमार्गी मॉडरेट्स को मिलाकर एक गठबंधन बनाने के अपने इरादे के बारे में सूचित किया। डेनिश रॉयल हाउस के एक बयान में कहा गया, "महामहिम राजा ने तत्पश्चात कार्यवाहक प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन को ऐसी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।" फ्रेडरिकसन मंगलवार को नई सरकार की प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने की योजना बना रही हैं। नए मंत्रियों को बुधवार को राजा के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।
ब्रिटिस संसद में उठा कृपाण का मुद्दा, सिख सांसदों ने किया बचाव
ब्रिटेन की संसद में मंगलवार को सिखों के धार्मिक प्रतीक कृपाण को लेकर चर्चा हुई। यह बहस एक ब्रिटिश सिख युवक को हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद हुई, जिसने अदालत में हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को धार्मिक प्रतीक बताया था।
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18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद विक्रम डिगवा (23 वर्षीय) को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। पिछले साल दिसंबर में इंग्लैंड के साउथेम्पटन में हुई इस घटना ने बहस खड़ी कर दी थी।
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने संसद में कहा कि एक व्यक्ति के जघन्य अपराध के लिए पूरे सिख समुदाय को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने सिखों के कृपाण रखने के अधिकार पर रोक लगाने की मांग की है।
महमूद ने कहा कि कृपाण सिख धर्म के पांच पवित्र प्रतीकों में से एक है और ब्रिटेन का कानून धार्मिक कारणों से इसे रखने की अनुमति देता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था के तहत कृपाण रखना एक बात है, लेकिन उसका इस्तेमाल हिंसा या अपराध के लिए करना पूरी तरह अलग और गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस हत्या की घटना को समुदायों के बीच नफरत फैलाने का कारण नहीं बनने दिया जाना चाहिए। ब्रिटेन सामूहिक दंड में विश्वास नहीं करता और किसी अपराध के लिए पूरे धर्म या समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बहस के दौरान ब्रिटिश सिख सांसदों ने भी कृपाण और सिख समुदाय का बचाव किया। लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ने कुछ राजनीतिक दलों और दक्षिणपंथी समूहों पर आरोप लगाया कि वे एक हत्यारे की हरकत के आधार पर पूरे सिख समुदाय को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस हमले में कृपाण का इस्तेमाल नहीं हुआ था। फिर भी सिख समुदाय के खिलाफ माहौल बनाने और कृपाण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। उन्होंने सरकार से सिखों को अपने धर्म का स्वतंत्र और शांतिपूर्ण तरीके से पालन करने के अधिकार का भरोसा दिलाने की मांग की। एक अन्य सिख सांसद गुरिंदर सिंह जोसन ने हत्या की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों का कोई धार्मिक औचित्य नहीं है और पूरा सिख समुदाय इसकी निंदा करता है।
हंतावायरस के संपर्क में आए पांच अमेरिकी यात्री पहुंचे घर
अमेरिका के राष्ट्रीय क्वारंटाइन सुविधा में हंतावायरस के संपर्क में आने के बाद से रह रहे 18 अमेरिकी क्रूज जहाज यात्रियों में से पांच अपने घर लौट गए हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि ये पांचों व्यक्ति अब घर पर ही अपनी निगरानी पूरी करेंगे। वे अब तक हंतावायरस के लक्षणों से मुक्त रहे हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर की क्वारंटाइन इकाई के बाहर निगरानी के मानदंडों को पूरा करते हैं।
यह सभी यात्री लगभग तीन सप्ताह पहले नेब्रास्का पहुंचे थे। यह घटना दक्षिण अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे एक क्रूज जहाज पर हंतावायरस के घातक प्रकोप के बाद हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, जहाज से जुड़े कुल 13 पुष्ट या संभावित हंतावायरस मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मौतें भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका में एंडीज वायरस का कोई मामला अभी तक पुष्ट नहीं हुआ है, और आम जनता के लिए जोखिम कम बना हुआ है। नेब्रास्का मेडिसिन के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि अमेरिका से यात्रा करने वाले किसी भी यात्री में हंतावायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं। पिछली महामारियों में हंतावायरस के लक्षण दिखने में 42 दिनों तक का समय लगा है, लेकिन कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश लोग 21 दिनों के भीतर लक्षण विकसित कर लेते हैं।
यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला, तीन लोगों की मौत
रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को एक बार फिर से निशाना बनाया है। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि कीव पर हुए सामूहिक हमले में कम से कम 3 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन के बीच छिड़े हालिया संघर्ष को चार साल हो चुके हैं। इन चार वर्षों में भीषण तबाही और जान-माल के नुकसान के बावजूद दोनों देशों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।
भारत ने अफ्रीका को भेजी मदद की दूसरी खेप
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट में बताया कि भारत ने अफ्रीकी देशों को चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेज दी है। इसमें सुरक्षात्मक उपकरण, निदान एवं निगरानी उपकरण, दवाएं और पूरक आहार शामिल हैं। हमें विश्वास है कि 43 टन की यह खेप जन स्वास्थ्य तैयारियों को और मजबूत करेगी तथा इबोला से निपटने की क्षमताओं को बढ़ावा देगी।
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सोमवार देर रात, फ्रेडरिकसन ने राजा फ्रेडरिक एक्स को अपने सोशल डेमोक्रेट्स, सोशलिस्ट पीपुल्स पार्टी, दक्षिणपंथी लिबरल वेंत्रे पार्टी और मध्यमार्गी मॉडरेट्स को मिलाकर एक गठबंधन बनाने के अपने इरादे के बारे में सूचित किया। डेनिश रॉयल हाउस के एक बयान में कहा गया, "महामहिम राजा ने तत्पश्चात कार्यवाहक प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन को ऐसी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।" फ्रेडरिकसन मंगलवार को नई सरकार की प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने की योजना बना रही हैं। नए मंत्रियों को बुधवार को राजा के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।
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ब्रिटिस संसद में उठा कृपाण का मुद्दा, सिख सांसदों ने किया बचाव
ब्रिटेन की संसद में मंगलवार को सिखों के धार्मिक प्रतीक कृपाण को लेकर चर्चा हुई। यह बहस एक ब्रिटिश सिख युवक को हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद हुई, जिसने अदालत में हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को धार्मिक प्रतीक बताया था।
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18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद विक्रम डिगवा (23 वर्षीय) को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। पिछले साल दिसंबर में इंग्लैंड के साउथेम्पटन में हुई इस घटना ने बहस खड़ी कर दी थी।
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने संसद में कहा कि एक व्यक्ति के जघन्य अपराध के लिए पूरे सिख समुदाय को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने सिखों के कृपाण रखने के अधिकार पर रोक लगाने की मांग की है।
महमूद ने कहा कि कृपाण सिख धर्म के पांच पवित्र प्रतीकों में से एक है और ब्रिटेन का कानून धार्मिक कारणों से इसे रखने की अनुमति देता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था के तहत कृपाण रखना एक बात है, लेकिन उसका इस्तेमाल हिंसा या अपराध के लिए करना पूरी तरह अलग और गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस हत्या की घटना को समुदायों के बीच नफरत फैलाने का कारण नहीं बनने दिया जाना चाहिए। ब्रिटेन सामूहिक दंड में विश्वास नहीं करता और किसी अपराध के लिए पूरे धर्म या समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। बहस के दौरान ब्रिटिश सिख सांसदों ने भी कृपाण और सिख समुदाय का बचाव किया। लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह ने कुछ राजनीतिक दलों और दक्षिणपंथी समूहों पर आरोप लगाया कि वे एक हत्यारे की हरकत के आधार पर पूरे सिख समुदाय को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस हमले में कृपाण का इस्तेमाल नहीं हुआ था। फिर भी सिख समुदाय के खिलाफ माहौल बनाने और कृपाण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। उन्होंने सरकार से सिखों को अपने धर्म का स्वतंत्र और शांतिपूर्ण तरीके से पालन करने के अधिकार का भरोसा दिलाने की मांग की। एक अन्य सिख सांसद गुरिंदर सिंह जोसन ने हत्या की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों का कोई धार्मिक औचित्य नहीं है और पूरा सिख समुदाय इसकी निंदा करता है।
हंतावायरस के संपर्क में आए पांच अमेरिकी यात्री पहुंचे घर
अमेरिका के राष्ट्रीय क्वारंटाइन सुविधा में हंतावायरस के संपर्क में आने के बाद से रह रहे 18 अमेरिकी क्रूज जहाज यात्रियों में से पांच अपने घर लौट गए हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि ये पांचों व्यक्ति अब घर पर ही अपनी निगरानी पूरी करेंगे। वे अब तक हंतावायरस के लक्षणों से मुक्त रहे हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर की क्वारंटाइन इकाई के बाहर निगरानी के मानदंडों को पूरा करते हैं।
यह सभी यात्री लगभग तीन सप्ताह पहले नेब्रास्का पहुंचे थे। यह घटना दक्षिण अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे एक क्रूज जहाज पर हंतावायरस के घातक प्रकोप के बाद हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, जहाज से जुड़े कुल 13 पुष्ट या संभावित हंतावायरस मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मौतें भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका में एंडीज वायरस का कोई मामला अभी तक पुष्ट नहीं हुआ है, और आम जनता के लिए जोखिम कम बना हुआ है। नेब्रास्का मेडिसिन के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि अमेरिका से यात्रा करने वाले किसी भी यात्री में हंतावायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं। पिछली महामारियों में हंतावायरस के लक्षण दिखने में 42 दिनों तक का समय लगा है, लेकिन कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश लोग 21 दिनों के भीतर लक्षण विकसित कर लेते हैं।
यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला, तीन लोगों की मौत
रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को एक बार फिर से निशाना बनाया है। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि कीव पर हुए सामूहिक हमले में कम से कम 3 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन के बीच छिड़े हालिया संघर्ष को चार साल हो चुके हैं। इन चार वर्षों में भीषण तबाही और जान-माल के नुकसान के बावजूद दोनों देशों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।
भारत ने अफ्रीका को भेजी मदद की दूसरी खेप
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट में बताया कि भारत ने अफ्रीकी देशों को चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेज दी है। इसमें सुरक्षात्मक उपकरण, निदान एवं निगरानी उपकरण, दवाएं और पूरक आहार शामिल हैं। हमें विश्वास है कि 43 टन की यह खेप जन स्वास्थ्य तैयारियों को और मजबूत करेगी तथा इबोला से निपटने की क्षमताओं को बढ़ावा देगी।
शंघाई में भारतीय राजदूत और चीनी अधिकारी ने संस्कृति और पर्यटन संबंधों को बढ़ावा देने की योजनाओं पर की चर्चा
शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने पूर्वी चीन में लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने पर एक चीनी सांस्कृतिक अधिकारी के साथ चर्चा की। शंघाई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, माथुर ने पूर्वी चीन में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और प्रवासी संबंधों को गहरा करने के चल रहे प्रयासों के तहत फ्रेंड्स ऑफ इंडिया के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ बातचीत की।
सोमवार को हुई मुलाकातों के दौरान, माथुर ने गुओयुन अमूर्त सांस्कृतिक विरासत केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी झांग जियाक्सिंग से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने, आपसी समझ को बढ़ावा देने और "अतुल्य भारत" अभियान के तहत भारत में पर्यटकों के प्रवाह को प्रोत्साहित करने के तरीकों पर चर्चा की। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने द्विपक्षीय जन-जन संबंधों को मजबूत करने के लिए एक सेतु के रूप में पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत का लाभ उठाने के महत्व पर भी जोर दिया।
पाकिस्तान में सुरक्षाकर्मी की हत्या, मामले की जांच में जुटी पुलिस
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने ईद की छुट्टी पर आए एक अर्धसैनिक सैनिक की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। पिछले पांच दिनों में इस इलाके में सुरक्षाकर्मियों पर यह तीसरा हमला है, क्योंकि इससे पहले गुरुवार को भी कुलाची शहर में छुट्टी पर आए एक अन्य सैनिक की हत्या की गई थी। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है, क्योंकि कुलाची का यह क्षेत्र लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर रहा है और सुरक्षा बल यहां शांति बनाए रखने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
अफ्रीका में अमेरिकी वीजा दूतावासों में भारी कटौती
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ट्रंप प्रशासन की प्रवासन को सीमित करने और अस्थायी वीजा के दुरुपयोग को रोकने की नीति के तहत जून महीने में अफ्रीका में वीजा प्रोसेस करने वाले दूतावासों की संख्या को करीब 50 से घटाकर केवल 20 क्षेत्रीय केंद्रों तक सीमित करने जा रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मंजूर इस नए निर्देश के कारण अब उन देशों के नागरिकों को वीजा इंटरव्यू के लिए दूसरे देश की यात्रा करनी होगी जहां केंद्र बंद हो रहे हैं, जिससे उनका खर्च और परेशानी काफी बढ़ जाएगी। हालांकि, प्रभावित देशों में अमेरिकी दूतावास पूरी तरह बंद नहीं होंगे और वे अपने नागरिकों की मदद, पासपोर्ट रिन्यूअल तथा आपातकालीन सेवाओं का काम जारी रखेंगे, जबकि फुल वीजा प्रोसेसिंग के लिए लागोस, नैरोबी और जोहान्सबर्ग जैसे केवल 20 मुख्य शहर ही खुले रहेंगे।
शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने पूर्वी चीन में लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने पर एक चीनी सांस्कृतिक अधिकारी के साथ चर्चा की। शंघाई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, माथुर ने पूर्वी चीन में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और प्रवासी संबंधों को गहरा करने के चल रहे प्रयासों के तहत फ्रेंड्स ऑफ इंडिया के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ बातचीत की।
सोमवार को हुई मुलाकातों के दौरान, माथुर ने गुओयुन अमूर्त सांस्कृतिक विरासत केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी झांग जियाक्सिंग से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने, आपसी समझ को बढ़ावा देने और "अतुल्य भारत" अभियान के तहत भारत में पर्यटकों के प्रवाह को प्रोत्साहित करने के तरीकों पर चर्चा की। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने द्विपक्षीय जन-जन संबंधों को मजबूत करने के लिए एक सेतु के रूप में पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत का लाभ उठाने के महत्व पर भी जोर दिया।
पाकिस्तान में सुरक्षाकर्मी की हत्या, मामले की जांच में जुटी पुलिस
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने ईद की छुट्टी पर आए एक अर्धसैनिक सैनिक की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। पिछले पांच दिनों में इस इलाके में सुरक्षाकर्मियों पर यह तीसरा हमला है, क्योंकि इससे पहले गुरुवार को भी कुलाची शहर में छुट्टी पर आए एक अन्य सैनिक की हत्या की गई थी। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है, क्योंकि कुलाची का यह क्षेत्र लंबे समय से आतंकियों के निशाने पर रहा है और सुरक्षा बल यहां शांति बनाए रखने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
अफ्रीका में अमेरिकी वीजा दूतावासों में भारी कटौती
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ट्रंप प्रशासन की प्रवासन को सीमित करने और अस्थायी वीजा के दुरुपयोग को रोकने की नीति के तहत जून महीने में अफ्रीका में वीजा प्रोसेस करने वाले दूतावासों की संख्या को करीब 50 से घटाकर केवल 20 क्षेत्रीय केंद्रों तक सीमित करने जा रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मंजूर इस नए निर्देश के कारण अब उन देशों के नागरिकों को वीजा इंटरव्यू के लिए दूसरे देश की यात्रा करनी होगी जहां केंद्र बंद हो रहे हैं, जिससे उनका खर्च और परेशानी काफी बढ़ जाएगी। हालांकि, प्रभावित देशों में अमेरिकी दूतावास पूरी तरह बंद नहीं होंगे और वे अपने नागरिकों की मदद, पासपोर्ट रिन्यूअल तथा आपातकालीन सेवाओं का काम जारी रखेंगे, जबकि फुल वीजा प्रोसेसिंग के लिए लागोस, नैरोबी और जोहान्सबर्ग जैसे केवल 20 मुख्य शहर ही खुले रहेंगे।
अफ्रीका ने भारत की चिकित्सा सहायता का किया स्वागत
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने इबोला से निपटने के लिए भारत सरकार की आपातकालीन चिकित्सा सहायता का स्वागत किया है। भारत ने लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के पूर्वी क्षेत्रों में संक्रमण रोकने के लिए नैदानिक किट, दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति भेजी है। अफ्रीका सीडीसी ने एक्स पर जानकारी दी कि यह सहायता युगांडा स्थित क्षेत्रीय समन्वय केंद्र के जरिये पहुंचाई गई है।
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने इबोला से निपटने के लिए भारत सरकार की आपातकालीन चिकित्सा सहायता का स्वागत किया है। भारत ने लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के पूर्वी क्षेत्रों में संक्रमण रोकने के लिए नैदानिक किट, दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति भेजी है। अफ्रीका सीडीसी ने एक्स पर जानकारी दी कि यह सहायता युगांडा स्थित क्षेत्रीय समन्वय केंद्र के जरिये पहुंचाई गई है।
कोलंबिया : राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप समर्थक उम्मीदवार को बढ़त
कोलंबिया में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में अपराध के खिलाफ सख्त रुख रखने वाले अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बढ़त बना ली है। एस्प्रीएला को 44 फीसदी और उनके प्रतिद्वंद्वी इवान सेपेडा को 41 फीसदी वोट मिले। अब दोनों के बीच जून में दूसरे दौर का मुकाबला होगा। द टाइगर के नाम से मशहूर एस्प्रीएला खुद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थक बताते हैं। लेकिन इस बीच वर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और उनके सहयोगी सेपेडा ने चुनावी नतीजों में हेरफेर का आरोप लगाया।
कोलंबिया में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में अपराध के खिलाफ सख्त रुख रखने वाले अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने बढ़त बना ली है। एस्प्रीएला को 44 फीसदी और उनके प्रतिद्वंद्वी इवान सेपेडा को 41 फीसदी वोट मिले। अब दोनों के बीच जून में दूसरे दौर का मुकाबला होगा। द टाइगर के नाम से मशहूर एस्प्रीएला खुद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थक बताते हैं। लेकिन इस बीच वर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और उनके सहयोगी सेपेडा ने चुनावी नतीजों में हेरफेर का आरोप लगाया।
चीन : त्यिनमेन स्क्वायर नरसंहार की 37वीं बरसी पर निगरानी बढ़ी
त्यिनमेन स्क्वायर सैन्य कार्रवाई की 37वीं बरसी से पहले चीनी अधिकारियों ने देश भर में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने सरकार से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं। कई लोगों को घरों में कैद कर दिया है या उन्हें सार्वजनिक चर्चा न करने की चेतावनी मिली है। गौरतलब है कि 4 जून 1989 को बीजिंग में छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए हुई कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे। कम्युनिस्ट पार्टी हर साल इस दौरान सुरक्षा उपाय कड़े कर देती है।
त्यिनमेन स्क्वायर सैन्य कार्रवाई की 37वीं बरसी से पहले चीनी अधिकारियों ने देश भर में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने सरकार से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं। कई लोगों को घरों में कैद कर दिया है या उन्हें सार्वजनिक चर्चा न करने की चेतावनी मिली है। गौरतलब है कि 4 जून 1989 को बीजिंग में छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए हुई कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे। कम्युनिस्ट पार्टी हर साल इस दौरान सुरक्षा उपाय कड़े कर देती है।
दक्षिण कोरियाई रक्षा कंपनी में धमाका, पांच लोगों की मौत
दक्षिण कोरिया डेजॉन शहर स्थित रक्षा कंपनी ‘हानव्हा एयरोस्पेस’ के एक हिस्से में सोमवार को हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में पांच लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। कंपनी में बड़े आकार के प्रणोदक (प्रोपेलेंट) व सतह से सतह पर मार करने वाली हथियार प्रणालियां बनाई जाती हैं। यह क्षेत्र सरकार द्वारा अधिसूचित एक सुरक्षा प्रतिष्ठान है।
दक्षिण कोरिया डेजॉन शहर स्थित रक्षा कंपनी ‘हानव्हा एयरोस्पेस’ के एक हिस्से में सोमवार को हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में पांच लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। कंपनी में बड़े आकार के प्रणोदक (प्रोपेलेंट) व सतह से सतह पर मार करने वाली हथियार प्रणालियां बनाई जाती हैं। यह क्षेत्र सरकार द्वारा अधिसूचित एक सुरक्षा प्रतिष्ठान है।
फ्रांस ने रूस का तेल टैंकर रोका : मैंक्रों
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, सोमवार को फ्रांस नौसेना ने अटलांटिक महासागर में रूस से आ रहे एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को रोक लिया है। तगोर नामक जहाज को 31 मई की सुबह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में चलाए गए एक अभियान के दौरान फ्रांसीसी नौसेना ने रोका। यह अभियान ब्रिटेन व कई साझेदारों की मदद से चलाया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का सख्त पालन किया गया।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, सोमवार को फ्रांस नौसेना ने अटलांटिक महासागर में रूस से आ रहे एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को रोक लिया है। तगोर नामक जहाज को 31 मई की सुबह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में चलाए गए एक अभियान के दौरान फ्रांसीसी नौसेना ने रोका। यह अभियान ब्रिटेन व कई साझेदारों की मदद से चलाया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का सख्त पालन किया गया।
बांग्लादेश, साइप्रस यूएनजीए के 81वें सत्र के अध्यक्ष की दौड़ में
बांग्लादेश और साइप्रस संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मंगलवार को आमने-सामने होंगे। चुनाव पर दुनिया की नजर है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और साइप्रस के बहुपक्षीय मामलों के विशेष दूत एंड्रियास काकौरिस 193 सदस्यीय महासभा के 81वें सत्र की अध्यक्षता करने की दौड़ में शामिल हैं। यूएन की प्रमुख विचार-विमर्श, नीति निर्माण और प्रतिनिधि संस्था, महासभा (यूएनजीए) में 81वें सत्राध्यक्ष का चुनाव एशिया-प्रशांत से होगा। यह चुनाव 193 सदस्यीय महासभा द्वारा 2027-28 कार्यकाल के लिए 15 देशों की सुरक्षा परिषद में पांच नए अस्थायी सदस्यों के चुनाव से एक दिन पहले होगा।
बांग्लादेश और साइप्रस संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मंगलवार को आमने-सामने होंगे। चुनाव पर दुनिया की नजर है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और साइप्रस के बहुपक्षीय मामलों के विशेष दूत एंड्रियास काकौरिस 193 सदस्यीय महासभा के 81वें सत्र की अध्यक्षता करने की दौड़ में शामिल हैं। यूएन की प्रमुख विचार-विमर्श, नीति निर्माण और प्रतिनिधि संस्था, महासभा (यूएनजीए) में 81वें सत्राध्यक्ष का चुनाव एशिया-प्रशांत से होगा। यह चुनाव 193 सदस्यीय महासभा द्वारा 2027-28 कार्यकाल के लिए 15 देशों की सुरक्षा परिषद में पांच नए अस्थायी सदस्यों के चुनाव से एक दिन पहले होगा।
ब्रिटेन : भारतीय को बुलाकर नहीं दिया काम, देना होगा 35.8 लाख मुआवजा
ब्रिटेन में रहने वाले केरल के युवक शाबिन शाजी को रोजगार विवाद में बड़ी कानूनी जीत मिली है। ब्रिटेन के एक रोजगार न्यायाधिकरण ने उनकी पूर्व नियोक्ता कंपनी स्वान केयर सोल्यूशंस लिमिटेड को 28,000 पाउंड (करीब 35.84 लाख रुपये) मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायाधिकरण ने पाया कि भारतीय कर्मी को काम दिलाने की जिम्मेदारी लेने वाली कंपनी उसे काम नहीं दिला शाबिन स्वास्थ्य एवं देखभाल कर्मी वीजा के तहत ब्रिटेन पहुंचा। लेकिन कंपनी ने न तो उन्हें कोई काम दिया और न ही वेतन का भुगतान किया। शाजी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरी के लिए स्वान केयर सॉल्यूशंस लिमिटेड से आवश्यक ‘स्पॉन्सरशिप’ प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। उन्होंने हाल ही में बर्मिंघम के रोजगार न्यायाधिकरण को बताया कि स्पॉन्सर कंपनी ने उनको काम काम नहीं दिया, जिससे वेतन न आने के कारण उन्हें बेहद आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ा। जज एडमंड्स ने कहा, कंपनी को बकाया वेतन, अवकाश वेतन और अन्य क्षतिपूर्ति के अलावा कानूनी कार्यवाही का खर्च भी वहन करने का निर्देश दिया जाता है।
ब्रिटेन में रहने वाले केरल के युवक शाबिन शाजी को रोजगार विवाद में बड़ी कानूनी जीत मिली है। ब्रिटेन के एक रोजगार न्यायाधिकरण ने उनकी पूर्व नियोक्ता कंपनी स्वान केयर सोल्यूशंस लिमिटेड को 28,000 पाउंड (करीब 35.84 लाख रुपये) मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायाधिकरण ने पाया कि भारतीय कर्मी को काम दिलाने की जिम्मेदारी लेने वाली कंपनी उसे काम नहीं दिला शाबिन स्वास्थ्य एवं देखभाल कर्मी वीजा के तहत ब्रिटेन पहुंचा। लेकिन कंपनी ने न तो उन्हें कोई काम दिया और न ही वेतन का भुगतान किया। शाजी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरी के लिए स्वान केयर सॉल्यूशंस लिमिटेड से आवश्यक ‘स्पॉन्सरशिप’ प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। उन्होंने हाल ही में बर्मिंघम के रोजगार न्यायाधिकरण को बताया कि स्पॉन्सर कंपनी ने उनको काम काम नहीं दिया, जिससे वेतन न आने के कारण उन्हें बेहद आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ा। जज एडमंड्स ने कहा, कंपनी को बकाया वेतन, अवकाश वेतन और अन्य क्षतिपूर्ति के अलावा कानूनी कार्यवाही का खर्च भी वहन करने का निर्देश दिया जाता है।
एआई से आवाज की नकल कर ठगी का नया जाल, अमेरिकियों को करीब 7,600 करोड़ रुपये का नुकसान
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे चिंताजनक तरीका वॉइस क्लोनिंग यानी किसी व्यक्ति की आवाज की कृत्रिम नकल तैयार करना है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया की एक महिला हाल ही में ऐसी ही ठगी का शिकार हुईं। उन्हें एक फोन कॉल आया जिसमें दूसरी तरफ से उनकी बेटी जैसी आवाज सुनाई दी।
कॉल करने वाले ने खुद को परेशानी में बताया और तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाया। महिला ने मदद के लिए रकम भेज दी, लेकिन बाद में जब उन्होंने अपनी बेटी से सीधे संपर्क किया तो पता चला कि वह सुरक्षित थी और अपने कार्यस्थल पर मौजूद थी। इसके बाद महिला को एहसास हुआ कि संभवतः वह एआई से तैयार की गई नकली आवाज वाली ठगी का शिकार बनी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वॉइस क्लोनिंग के लिए अपराधियों को किसी व्यक्ति की लंबी रिकॉर्डिंग की जरूरत नहीं होती। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अनुसार पिछले वर्ष अमेरिकियों को एआई से जुड़ी विभिन्न प्रकार की ठगी में 893 मिलियन डॉलर यानी करीब 7,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें वॉइस क्लोनिंग हमलों के अलावा एआई से तैयार किए गए फिशिंग ईमेल, रोमांस स्कैम और अन्य डिजिटल धोखाधड़ी भी शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि एआई आधारित ठगी अब साइबर अपराध का तेजी से फैलता हुआ और आर्थिक रूप से गंभीर खतरा बन चुकी है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे चिंताजनक तरीका वॉइस क्लोनिंग यानी किसी व्यक्ति की आवाज की कृत्रिम नकल तैयार करना है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया की एक महिला हाल ही में ऐसी ही ठगी का शिकार हुईं। उन्हें एक फोन कॉल आया जिसमें दूसरी तरफ से उनकी बेटी जैसी आवाज सुनाई दी।
कॉल करने वाले ने खुद को परेशानी में बताया और तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाया। महिला ने मदद के लिए रकम भेज दी, लेकिन बाद में जब उन्होंने अपनी बेटी से सीधे संपर्क किया तो पता चला कि वह सुरक्षित थी और अपने कार्यस्थल पर मौजूद थी। इसके बाद महिला को एहसास हुआ कि संभवतः वह एआई से तैयार की गई नकली आवाज वाली ठगी का शिकार बनी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वॉइस क्लोनिंग के लिए अपराधियों को किसी व्यक्ति की लंबी रिकॉर्डिंग की जरूरत नहीं होती। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अनुसार पिछले वर्ष अमेरिकियों को एआई से जुड़ी विभिन्न प्रकार की ठगी में 893 मिलियन डॉलर यानी करीब 7,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें वॉइस क्लोनिंग हमलों के अलावा एआई से तैयार किए गए फिशिंग ईमेल, रोमांस स्कैम और अन्य डिजिटल धोखाधड़ी भी शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि एआई आधारित ठगी अब साइबर अपराध का तेजी से फैलता हुआ और आर्थिक रूप से गंभीर खतरा बन चुकी है।