विदेश के समाचार: सिंगापुर सरकार बच्चे के जन्म पर देगी 66.45 लाख; हांगकांग में हीरा से बिजली बनने के मिले संकेत
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हीरा अब सिर्फ चमक, कठोरता और मजबूती के लिए ही नहीं जाना जाएगा। हांगकांग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि बेहद पतली हीरे की झिल्ली को मोड़ने पर उससे विद्युत वोल्टेज पैदा किया जा सकता है। यह खोज हीरे को यांत्रिक विकृति से बिजली पैदा करने में अक्षम मानने वाली पुरानी धारणा को चुनौती देती है। शोधकर्ताओं ने अल्ट्राथिन पॉलीक्रिस्टलाइन डायमंड झिल्ली तैयार की। इसे मोड़ने और छोड़ने पर लगातार विद्युत संकेत मिले। वैज्ञानिकों के मुताबिक, झिल्ली में मौजूद सूक्ष्म क्रिस्टलों की सीमाओं पर यांत्रिक दबाव पड़ने से विद्युत आवेश का ध्रुवीकरण होता है।
सिंगापुर सरकार बच्चे के जन्म पर देगी 66.45 लाख रुपये
सिंगापुर में जन्म दर लगातार गिरने से सरकार की चिंता बढ़ गई है। यहां कुल प्रजनन दर रिकॉर्ड निचले स्तर 0.87 पर पहुंच गई है। संयुक्त राष्ट्र के मानक के अनुसार 21 फीसदी से अधिक आबादी के 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के होने पर देश सुपर-एज्ड माना जाता है। सिंगापुर का इस साल इस स्थिति में पहुंच जाने का अनुमान है। सरकार ने बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए करीब 66.45 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देने का एलान कर दिया है।
अमेरिका ने वर्ष 2026 का आखिरी वीजा बुलेटिन जारी किया है। भारतीय उच्च योग्यता वाले पेशेवरों व निवेशकों को सितंबर में भी राहत नहीं मिली है। ईबी-2 व ईबी-5 अनारक्षित श्रेणियां उपलब्ध नहीं हैं। अगस्त में लागू स्थिति सितंबर में भी रहेगी। यानी इन दोनों श्रेणियों में नई प्रगति नहीं होगी। सितंबर वर्ष 2026 का आखिरी महीना है। विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि 30 सितंबर तक वार्षिक वीजा सीमा पूरी होने पर कुछ रोजगार श्रेणियों में उपलब्धता और घट सकती है। इनमें ईबी-1, ईबी-2 व ईबी-5 अनारक्षित प्रमुख हैं।
ईबी-4 में बढ़त: रोजगार आधारित श्रेणियों में ईबी-4 में सभी देशों के लिए दो माह की बढ़त हुई है। इसकी तारीख 15 दिसंबर 2022 पहुंच गई है। ईबी-1 से ईबी-3 व ईबी-5 की बाकी श्रेणियों में अगस्त के मुकाबले बदलाव नहीं हुआ।
एच-1बी छोड़ परिवार के लिए भारत लौटीं दिशा
अमेरिका में एच-1बी वीजा पर छह अंकों के वेतन वाली नौकरी करने वाली 28 वर्षीय भारतीय दिशा लांबा मई 2026 में नौकरी छोड़कर गुरुग्राम लौट आईं। उन्होंने परिवार के करीब रहने के साथ एच-1बी से जुड़ी पाबंदियों व लगातार होने वाली औपचारिकताओं को भी वापसी की वजह बताया है। लांबा 2021 में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री करने अमेरिका गई थीं। 2024 में उन्हें सीवीएस हेल्थ में डाटा साइंटिस्ट की नौकरी मिली। बिजनेस इनसाइडर को बताया कि अमेरिका में उन्हें स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला, लेकिन परिवार से दूरी लगातार महसूस होती रही। उन्होंने कहा कि एच-1बी पर नौकरी बदलना, अतिरिक्त आय के रास्ते तलाशना आसान नहीं होता। नौकरी छोड़ने के बाद लांबा गुरुग्राम में माता-पिता और भाई के साथ रह रही हैं।
न्यूजीलैंड के दुर्लभ काकापो के 90 चूजे जन्मे, आबादी बढ़कर 325 हुई। यह तोता उड़ नहीं सकता। इसका वजन 4 किलो तक होता है। देशी रिमू पेड़ पर भरपूर फल आने से इस बार रिकॉर्ड प्रजनन हुआ।