World News: भारत ने बोलिविया भेजी आठ मीट्रिक टन दवाएं; अफ्रीका में हिंदू महिला नेताओं का सम्मान और फैशन शो
अफ्रीकी देश बोलिविया की मदद के लिए भारत ने पहल की है। भारत ने बोलिविया की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षमता को बढ़ाने के लिए जीवन रक्षक और आवश्यक दवाओं की 8 मीट्रिक टन की खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक भारत एकजुटता और साझा प्रगति के माध्यम से सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर है।
आज भारत और चीन के राजदूतों से मिलेंगे नेपाल के पीएम बालेन
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह बालेन पद संभालने के 100 से अधिक दिनों बाद सोमवार को भारतीय और चीनी राजदूतों से अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। 27 मार्च को शपथ ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली आमने-सामने की राजनयिक बैठक होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री बालेन सोमवार सुबह भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव और दोपहर में चीनी राजदूत झांग माओमिंग से मिलेंगे। इसके बाद मंगलवार को वह अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक राजदूत स्कॉट अर्कोम से मुलाकात करेंगे।
राष्ट्रीय महिला दिवस पर हिंदू महिला नेताओं का सम्मान, जोहानसबर्ग में फैशन शो भी
दक्षिण अफ्रीका में राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रमुख हिंदू महिला नेताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पुरस्कार समारोह और भारतीय राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा का फैशन शो आयोजित हुआ। मथाजी फाउंडेशन ने जोहानसबर्ग के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में 'हिंदू वुमेन ऑफ द ईयर अवार्ड्स' की मेजबानी की। स्वामिनी मथाजी डॉ. काली समरक्षिणी के नेतृत्व में 42 संगठनों व 1,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह 9 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित हुआ। इसमें मंदिर निर्माण, मुफ्त सेवाओं, योग और सामुदायिक टीवी प्रसारण में योगदान देने वाली हिंदू महिलाओं को सम्मानित किया गया। पंडिता लुसी सिगाबन, यशिका सिंह, माया भट्ट, अनुषा पिल्लै और शर्ली नारन सहित कई को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार मिले। जीनी नागर को मंदिरों के समर्थन के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। पुरस्कार समारोह के बाद, रश्मि हरिभट द्वारा 'कश्मीर से कन्याकुमारी' नामक फैशन शो में भारत की पारंपरिक वेशभूषा प्रदर्शित की गई।
सीरिया ने रूस के साथ सैन्य ठिकानों के भविष्य को लेकर समझौता किया
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने बताया कि नए समझौते के तहत हमीमिम एयरबेस और तारतूस नौसैनिक अड्डे को 'संयुक्त प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण केंद्रों' में बदला जाएगा। इस व्यवस्था का मकसद दोनों देशों के आपसी हितों को बनाए रखना है।
यह समझौता 18 महीने तक चली बातचीत के बाद तैयार हुआ है। समझौते में इस बदलाव को पूरा करने के लिए अधिकतम तीन महीने की समय सीमा तय की गई है। इस बदलाव की प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों सैन्य ठिकानों पर मौजूद नागरिक सुविधाएं दमिश्क को सौंप दी जाएंगी। अल जजीरा के मुताबिक, रूस के अधिकारियों ने अभी तक इस समझौते पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
बातचीत जारी रहने के दौरान हमीमिम और तारतूस दोनों सैन्य ठिकाने पूरी तरह से काम करते रहे थे। सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने रविवार को इन दोनों जगहों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि वह ऐतिहासिक समझौते में शामिल सुविधाओं और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के लिए वहां पहुंचे थे।
सीरिया में 13 साल तक चले गृहयुद्ध के दौरान रूस हटाए जा चुके राष्ट्रपति बशर अल-असद का एक अहम सहयोगी था। रूस ने असद की सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए जरूरी सैन्य मदद दी थी। 2024 में असद को सत्ता से हटाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में रूस के रणनीतिक प्रभाव को बड़ा झटका लगा।
इसके बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ राजनयिक संबंध मजबूत करने की कोशिश की है। इसका मकसद पूर्व सोवियत संघ के बाहर रूस के मौजूद इन दो सैन्य ठिकानों के भविष्य को सुरक्षित रखना है।
श्रीलंका में विपक्षी नेता गिरफ्तार, पुलिस प्रमुख पर टिप्पणी का आरोप
श्रीलंका में विपक्षी दल के वरिष्ठ नेता सागर करियावासम को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर पुलिस प्रमुख प्रियंता वीरासूर्या के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और उन्हें धमकी देने का आरोप है। करियावासम श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (SLPP) के महासचिव हैं। यह पार्टी प्रभावशाली राजपक्षे परिवार से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार, करियावासम को पुलिस प्रमुख के बारे में सार्वजनिक बयान देने के मामले में बयान दर्ज कराने के लिए सेंट्रल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो बुलाया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
विवाद पिछले सप्ताह उस समय शुरू हुआ था, जब करियावासम ने SLPP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस महानिरीक्षक पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। उन्होंने पुलिस प्रमुख से सरकार के बजाय देश और जनता के लिए काम करने को कहा था। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब पिछले दो वर्षों में कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई है। SLPP ने सरकार पर विपक्ष के खिलाफ बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।