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World: यूक्रेन में सरकार में बड़ा फेरबदल, पीएम ने दिया इस्तीफा; गाजा में इस्राइली हमले में पांच लोगों की मौत

Sun, 12 Jul 2026 09:07 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Sun, 12 Jul 2026 09:07 PM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिदेंको ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सरकार में बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि देश अपनी राजनीतिक रणनीति में बदलाव कर रहा है। स्विरिदेंको ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि आधुनिक यूक्रेन के सबसे कठिन दौर में सरकार का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने बताया कि इस्तीफे से पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ आगे की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई है। हालांकि, उन्होंने नई भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
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39 वर्षीय स्विरिदेंको जुलाई 2025 में यूक्रेन की प्रधानमंत्री बनी थीं। इससे पहले वह देश की अर्थव्यवस्था मंत्री थीं। अमेरिका और यूक्रेन के बीच महत्वपूर्ण खनिज समझौते को कराने में उनकी अहम भूमिका रही थी। इस समझौते को यूक्रेन की सुरक्षा और अमेरिका के सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया था। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि स्विरिदेंको को एक अहम अंतरराष्ट्रीय साझेदार के साथ संबंध मजबूत करने की नई जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विदेश नीति के हर प्रमुख क्षेत्र की जिम्मेदारी अनुभवी अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के शीर्ष स्तर पर भी बदलाव किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य युद्ध के बीच प्रशासन को और प्रभावी बनाना है।
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ट्रंप के करीबी सहयोगी अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और विदेश नीति पर प्रभाव रखने वाले रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। वह 71 साल के थे। उनके कार्यालय ने बताया कि उनका निधन 'अचानक और थोड़े समय की बीमारी' के बाद हुआ। ग्राहम ने दक्षिण कैरोलाइना का दो दशक से ज्यादा समय तक अमेरिकी सीनेट में प्रतिनिधित्व किया था। वह रूस के खिलाफ यूक्रेन के युद्ध में यूक्रेन के सबसे मुखर समर्थकों में शामिल थे और रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग करते रहे थे।
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कभी ट्रंप के विरोधी थे, फिर बने करीबी सहयोगी
2016 के रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ग्राहम और ट्रंप के बीच कड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता थी। हालांकि, बाद में दोनों के बीच करीबी राजनीतिक संबंध बन गए और ग्राहम ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए। ग्राहम यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की ओर से रूस से खरीदे जा रहे तेल के आलोचक रहे थे। इस साल की शुरुआत में ग्राहम ने भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ को 'इस बात का अच्छा उदाहरण' बताया था कि परिस्थितियां कैसे बदल सकती हैं। उन्होंने दावा किया था कि नई दिल्ली ने रूस से तेल खरीद में काफी कमी की है।

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद का 74 साल की उम्र में निधन
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन हो गया है। वह 74 साल के थे। कतर के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। शेख हमद ने कतर के अमीर रहते हुए इस छोटे से खाड़ी देश को कूटनीति, मीडिया और निवेश के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल कर दिया था। इसके बाद उन्होंने परंपरा से हटकर स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे को सौंप दी थी। कतर की सरकारी समाचार एजेंसी ने शेख हमद के निधन की जानकारी दी। लेकिन उनकी मौत की वजह नहीं बताई।

18 साल तक कतर के अमीर रहे शेख हमद
शेख हमद जून 2013 में सत्ता से हटे थे। वह 18 साल तक कतर के अमीर रहे। उन्होंने ऊर्जा से समृद्ध कतर की बड़ी योजनाओं की नींव रखी, जिससे यह देश एक पिछड़े इलाके से निकलकर एक पीढ़ी के भीतर दुनिया के लिए अहम केंद्र बन गया।

स्पेन के जंगलों में भीषण आग
दक्षिणी स्पेन में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए शनिवार को सैकड़ों दमकलकर्मी, हेलीकॉप्टर और विमान संघर्ष करते रहे। इस सप्ताह लगी आग में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। पश्चिमी यूरोप इस समय भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। आग ने लगभग 66 वर्ग किलोमीटर का वन और कृषि क्षेत्र जला दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मरने वाले अधिकांश लोग विदेशी नागरिक हैं। इन्होंने सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देशों की अनदेखी की। इनमें से सात लोगों की मौत अपनी कारें छोड़कर पैदल भागने के दौरान हुई। मृतकों में चार ब्रिटिश नागरिक माने जा रहे हैं। इस बीच, स्पेन के विदेश मंत्री ने ब्रिटेन, बेल्जियम, कनाडा और नीदरलैंड के मंत्रियों से बात की। प्रशासन ने 11 क्षेत्रों से 1,448 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। न्याय मंत्री फेलिक्स बोलानोस ने इस आग का कारण जलवायु आपातकाल को बताया। उन्होंने कहा कि आग 100 मीटर प्रति मिनट की रफ्तार से आगे बढ़ी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सप्ताहांत में आग का खतरा बहुत अधिक बना रहेगा।

गाजा में इस्राइली हमले में पांच लोगों की मौत
गाजा पट्टी में रविवार को इस्राइली हमलों में कम से कम पांच फलस्तीनी मारे गए, जिनमें नौ साल की एक बच्ची भी शामिल है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कई अन्य लोग घायल हुए हैं। गाजा शहर के सबरा इलाके में एक लोहार की दुकान पर ड्रोन हमला किया गया। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। घायलों और मृतकों को शिफा अस्पताल ले जाया गया। इस्राइली सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था, लेकिन इससे जुड़ी अधिक जानकारी नहीं दी।

पहले हमले के बाद सेना ने आसपास के लोगों को इलाका खाली करने का आदेश दिया। करीब एक घंटे बाद उसी स्थान पर फिर से जोरदार हवाई हमला किया गया। इसी दिन मध्य गाजा के एक विस्थापन शिविर में इस्राइली गोलीबारी में नौ साल की ताला अबू मतर की मौत हो गई। हालांकि, इस्राइली सेना ने कहा कि उसे इस घटना की जानकारी नहीं है। 10 अक्तूबर को लागू युद्धविराम के बाद बड़े हमलों में कमी आई है, लेकिन गाजा में अब भी लगभग रोज हमले हो रहे हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम के बाद अब तक 1,098 फलस्तीनी, जिनमें 260 बच्चे शामिल हैं, मारे जा चुके हैं। वहीं, इस अवधि में पांच इस्राइली सैनिकों की भी मौत हुई है।
 

नेपाल में बेघर लोगों के समर्थन में प्रदर्शन, बिना पुनर्वास बेदखली का विरोध
नेपाल की राजधानी काठमांडू में रविवार को सैकड़ों लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार भूमिहीन और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए जबरन हटा रही है। यह प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्रीय सुकुम्बासी मोर्चा की ओर से सिंहदरबार सचिवालय के सामने मैतीघर मंडला में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने 'गरीबों पर अत्याचार बंद करो', 'मानवाधिकारों का सम्मान करो', 'गैरकानूनी गिरफ्तारियां बंद करो' और 'भूमिहीनों को रहने के लिए घर दो' जैसे नारे लिखी तख्तियां उठाईं।

इस बीच, काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित एक सरकारी अस्थायी आश्रय केंद्र, जहां करीब 150 भूमिहीन लोग रह रहे थे, शुक्रवार रात आई बाढ़ से प्रभावित हो गया। सुरक्षा बलों की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शनिवार को हालात का जायजा लेने पहुंचे जेन-जी के युवा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान एक कार्यकर्ता के चेहरे पर चोट लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की। वहीं, कोशी प्रांत के मोरंग जिला पुलिस कार्यालय के बाहर धरना देने वाले 26 लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये लोग भी जेन-जी कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।

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