World: 'भारत से विवाद हल करने में तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं', नेपाल की संसद में विदेश मंत्री का बड़ा बयान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोली लगने से कम से कम एक किशोर की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों को लाठियों से पीटे जाने की भी रिपोर्ट है। साल 2021 में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की वापसी के बाद अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन है। इसके बाद सरकार ने इस्लामी कानून (शरीयत) की सख्त व्याख्या पर आधारित कई नियम लागू किए हैं। देश में विरोध-प्रदर्शन दुर्लभ हैं और सरकार के खिलाफ असहमति को लगभग बर्दाश्त नहीं किया जाता।
महिलाओं और लड़कियों पर कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें प्राथमिक शिक्षा के बाद पढ़ाई पर रोक और सार्वजनिक स्थानों पर ड्रेस कोड शामिल है। नियमों के अनुसार महिलाओं को पूर्ण हिजाब-सिर से पैर तक ढका हुआ वस्त्र और चेहरा ढकने वाला नकाब-पहनकर ही बाहर निकलने की अनुमति है।
बर्बरता के बाद अब प्रदर्शनकारियों के शव भी नहीं लौटा रही पाकिस्तानी सेना
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शनकारियों से बर्बरता के बाद अब सुरक्षाकर्मी मारे गए लोगों के शव भी नहीं लौटा रहे। पीओजेके में लगातार तीसरे दिन भी शटडाउन जारी रहा। रावलकोट में प्रदर्शनकारियों व सुरक्षाकर्मियों में झड़प में एक कार्यकर्ता की मौत हो गई।
पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (जेएएसी) ने आरोप लगाया है कि पीओजेके में सुरक्षा एजेंसियों के साथ हालिया झड़पों में मारे गए कई कार्यकर्ताओं के शव उनके परिवारों को नहीं सौंपे गए हैं। अशांति के बीच यह मुद्दा समूह की मुख्य मांगों में से एक बन गया है।
डॉन के अनुसार, पूरे इलाके में विरोध-प्रदर्शन जारी रहने के कारण पीओजेके में लगातार तीसरे दिन भी पूरी तरह से शटडाउन रहा। रावलकोट के पास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई झड़प में एक कार्यकर्ता की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। साथी प्रदर्शनकारियों ने मृतक की पहचान सुधनोती जिले के 32 वर्षीय सोहबान आरिफ के तौर पर की। जेएएसी नेताओं ने दोहराया कि मारे गए कार्यकर्ताओं के शव लौटाना, हिरासत में लिए गए सदस्यों को रिहा करना और संगठन पर लगी पाबंदी हटाना, धरना-प्रदर्शन खत्म करने की शर्तों में शामिल हैं। जेएएसी के प्रतिनिधि इम्तियाज असलम ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि जब तक अधिकारी कार्यकर्ताओं के शव उनके परिवारों को नहीं सौंप देते और समिति पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना रद्द नहीं कर देते तब तक प्रदर्शन जारी रहेंगे। समूह ने नागरिकों की मौत की जांच और शहरी इलाकों से सुरक्षा बलों की तैनाती हटाने की भी मांग की है।
निहत्थों पर गोली चला रही पुलिस, 200 लोग मारे गएः मिर्जा
राजनीतिक कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने पीओजेके में चल रही अशांति से निपटने के पाकिस्तान के तरीके की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस इलाके में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन, राजनीतिक हेरफेर और विरोध प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से दबाने का आरोप लगाया है। खबरों के मुताबिक, 9 जून को बुलाई गई इलाके-व्यापी हड़ताल में भारी भीड़ जुटी, जिसके बाद पूरे पीओजेके में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए। मिर्जा ने इस तैनाती को हमला बताया और आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। उन्होंने दावा किया कि बच्चों समेत 200 से अधिक लोग मारे गए हैं। मिर्जा ने अधिकारियों पर कई कस्बों में कार्रवाई के दौरान छापेमारी, मनमानी गिरफ्तारियां और घरों में लूटपाट करने का आरोप लगाया।
बफोर्ड में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन
ब्रिटेन के बफोर्ड में रहने वाले पीओजेके के लोगों ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान-विरोधी नारे लगाए और रावलकोट व कोटली में विरोध-प्रदर्शन में शामिल आम नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व की कड़ी आलोचना की।
भारत से विवाद हल करने में तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं : नेपाल
चीनी विदेश मंत्रालय के साथ भारतीय दूत विक्रम की बैठक
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 12 और 13 जून 2026 को ताजिकिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। वह वहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के एक विशेष सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'मध्य एशिया - एससीओ का केंद्र: शांति और संयुक्त विकास का क्षेत्र' रखा गया है। ताजिकिस्तान इस समय एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता कर रहा है। यह सम्मेलन भारत की प्राथमिकताओं जैसे युवाओं, संस्कृति और सभ्यता के विकास से जुड़ा है। भारत मध्य एशिया को अपना विस्तारित पड़ोसी और सुरक्षा व समृद्धि के लिए एक अहम साझेदार मानता है।
अपनी यात्रा के दौरान मंत्री अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इससे पहले दो अप्रैल को दोनों देशों के बीच दुशांबे में पांचवें दौर की बैठक हुई थी। इसमें राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई। इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। साथ ही दुशांबे, खुजंद और कुलोब में तीन 'इंडिया कॉर्नर' का उद्घाटन भी किया गया था। यह कदम दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है।
बैंकॉक बम धमाका मामला: थाई अदालत ने दो आरोपियों को सुनाई मौत की सजा
थाईलैंड की एक अदालत ने 2015 में बैंकॉक के प्रसिद्ध एरावन श्राइन बम धमाके के मामले में चीन के उइगर मुस्लिम समुदाय के दो लोगों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। इस धमाके में 20 लोगों की मौत हुई थी और 120 से अधिक लोग घायल हुए थे। दोषियों की पहचान युसुफु मियराइली और बिलाल मोहम्मद के रूप में हुई है। दोनों को धमाके के कुछ समय बाद गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि वीडियो फुटेज, फिंगरप्रिंट और अन्य सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ पर्याप्त प्रमाण मिले हैं। हालांकि दोनों ने खुद को निर्दोष बताया और फैसले को चुनौती देने की बात कही है। बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। इस मामले की सुनवाई कई वर्षों तक चली और अनुवादकों की कमी के कारण भी देरी हुई। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने जांच और सुनवाई प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। अधिकारियों का मानना है कि यह हमला मानव तस्करी गिरोह से जुड़े लोगों द्वारा बदले की कार्रवाई के रूप में किया गया था।