World News: नेपाल में फिर हिली धरती, 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज; बलूचिस्तान में 10 आतंकवादी ढेर
बांग्लादेश अगले साल कर सकता है बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की मेजबानी
बांग्लादेश 2027 में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर सकता है। बिम्सटेक के महासचिव इंद्र मणि पांडे ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन की 30वीं वर्षगांठ का वर्ष 2027 बांग्लादेश की अध्यक्षता का दूसरा और अंतिम वर्ष भी होगा। पांडे ने कहा कि बिम्सटेक के तहत सभी इस तरह की पहल सदस्य देशों की आपसी सहमति से की जाती हैं। हमारे विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की बैठकों में सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे नए क्षेत्रों को जोड़ा जाता है। गौरतलब है कि बिम्सटेक में सात सदस्य देश हैं। इनमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
सिंगापुर की एक अदालत ने मंगलवार को भारतीय मूल के 39 वर्षीय मलयेशियाई नागरिक तुराह राजू सुब्रमण्यम को 38 महीने की सजा सुनाई। उस पर एक ठगी पीड़िता से 4.12 लाख सिंगापुर डॉलर मूल्य के 1,600 सोने के बिस्कुट प्राप्त कर मलयेशिया तस्करी करने का आरोप है।सुब्रमण्यम ने टेलीग्राम ग्रुप के जरिये काम पाया था। उसने सरकारी अधिकारी बनकर ठगी करने वालों के झांसे में आई 54 वर्षीय महिला से ये बिस्कुट हासिल किए थे। इसके बाद वह मलयेशिया लौट गया। कुछ दिनों बाद सिंगापुर में फिर दाखिल होने पर उसे गिरफ्तार किया गया।
सलमान रुश्दी पर हमले के दोषी हादी मतर पर अब आतंकवाद का मुकदमा, उम्रकैद तक की सजा का खतरा
अमेरिकी लेखक सलमान रुश्दी पर 2022 में हुए जानलेवा चाकू हमले के दोषी हादी मतर पर अब अमेरिका में संघीय आतंकवाद मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क के बफेलो स्थित संघीय अदालत में चल रहे इस मुकदमे में रुश्दी भी गवाही देंगे। 28 वर्षीय मतर पहले ही हत्या के प्रयास के मामले में 25 साल की सजा काट रहा है। अब उस पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से जुड़े आरोप हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मतर ने ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के फतवे और हिजबुल्लाह के समर्थन में यह हमला किया। जांच में उसके पास रुश्दी की हत्या की योजना, फतवे से जुड़े दस्तावेज और ईरानी नेताओं की तस्वीरें मिलने का दावा किया गया है।
नेपाल के पश्चिमी हिस्से में बुधवार तड़के 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, सुबह 4:40 बजे आए इस भूकंप का केंद्र सुदूरपश्चिम प्रांत के बाजहांग जिले के कोटदेवाल क्षेत्र में था, जो काठमांडू से लगभग 900 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। भूकंप के झटके बाजुरा और दार्चुला जिलों में भी महसूस किए गए। हालांकि, अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। इससे एक सप्ताह पहले भी पश्चिमी नेपाल के रुकुम ईस्ट जिले में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था। नेपाल भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जहां हर साल कई छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं।