{"_id":"6a37a4df0acfc47bd0090d4a","slug":"world-news-today-first-case-of-h5n1-bird-flu-in-australia-2026-06-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"World: गाजा पर इस्राइली हमलों में पत्रकार समेत नौ की मौत; इथियोपिया चुनाव में सत्ताधारी दल की बड़ी जीत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
World: गाजा पर इस्राइली हमलों में पत्रकार समेत नौ की मौत; इथियोपिया चुनाव में सत्ताधारी दल की बड़ी जीत
Sun, 21 Jun 2026 11:25 PM IST
नितिन गौतम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
दुनिया की बड़ी खबरें
- फोटो : amar ujala graphics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
युद्धविराम के बीच गाजा पर इस्राइली हमलों व गोलीबारी में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक पत्रकार व एक बच्चा शामिल हैं। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शहर की एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर हवाई हमले में चार फलस्तीनियों की मौत हो गई। इनमें दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल था।
मेडिकल टीम ने बताया कि गाजा शहर के सबरा इलाके में बिल्डिंग पर हुए हमले में अपार्टमेंट तबाह हो गया। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने एक चरमपंथी को निशाना बनाया, लेकिन इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। मेडिकल टीम ने बताया कि एक अन्य घटना में इस्राइली सेना ने उत्तर में स्थित बेत लाहिया शहर में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी।
ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू की पुष्टि, वन्यजीवों पर खतरा
ऑस्ट्रेलिया में घातक H5N1 बर्ड फ्लू के पहले मामले की आधिकारिक रूप से पुष्टि हो गई है। शनिवार को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पाए गए एक ब्राउन स्कुआ समुद्री पक्षी में इस वायरस की मौजूदगी की पुष्टि की गई। यह समुद्री पक्षी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से लगभग 700 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित केप ले ग्रांड नेशनल पार्क के निकट पाया गया था। इसी क्षेत्र में मिले एक अन्य समुद्री पक्षी, साउदर्न जायंट पेट्रेल, के भी इस वायरस से संक्रमित होने की आशंका जताई गई है।
विज्ञापन
शुरुआती जांच के बाद दोनों पक्षियों से लिए गए नमूनों को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान संगठन भेजे गए, जहां H5N1 वायरस की पुष्टि की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वायरस ने दुनिया के अन्य महाद्वीपों में वन्यजीव आबादी को भारी नुकसान पहुंचाया है और ऑस्ट्रेलिया में इसकी मौजूदगी देश के पक्षियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक लंबी चुनौती की शुरुआत हो सकती है।
वायरस की उत्पत्ति कैसे हुई?
एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस हजारों वर्षों से मौजूद हैं और अधिकांश मामलों में पक्षियों में कोई गंभीर बीमारी नहीं पैदा करते। हालांकि, वर्ष 1996 में इन वायरसों में से एक ने विकसित होकर गंभीर बीमारी पैदा करने की क्षमता हासिल कर ली। इसके बाद से HPAI H5N1 वायरस पोल्ट्री उद्योग के लिए बड़ा खतरा बन गया। दुनिया के कुल पक्षियों में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली मुर्गियां इस वायरस का सबसे ज्यादा शिकार बन चुकी हैं।
विज्ञापन
मेडिकल टीम ने बताया कि गाजा शहर के सबरा इलाके में बिल्डिंग पर हुए हमले में अपार्टमेंट तबाह हो गया। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने एक चरमपंथी को निशाना बनाया, लेकिन इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। मेडिकल टीम ने बताया कि एक अन्य घटना में इस्राइली सेना ने उत्तर में स्थित बेत लाहिया शहर में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू की पुष्टि, वन्यजीवों पर खतरा
ऑस्ट्रेलिया में घातक H5N1 बर्ड फ्लू के पहले मामले की आधिकारिक रूप से पुष्टि हो गई है। शनिवार को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पाए गए एक ब्राउन स्कुआ समुद्री पक्षी में इस वायरस की मौजूदगी की पुष्टि की गई। यह समुद्री पक्षी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से लगभग 700 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित केप ले ग्रांड नेशनल पार्क के निकट पाया गया था। इसी क्षेत्र में मिले एक अन्य समुद्री पक्षी, साउदर्न जायंट पेट्रेल, के भी इस वायरस से संक्रमित होने की आशंका जताई गई है।
विज्ञापन
शुरुआती जांच के बाद दोनों पक्षियों से लिए गए नमूनों को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान संगठन भेजे गए, जहां H5N1 वायरस की पुष्टि की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वायरस ने दुनिया के अन्य महाद्वीपों में वन्यजीव आबादी को भारी नुकसान पहुंचाया है और ऑस्ट्रेलिया में इसकी मौजूदगी देश के पक्षियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक लंबी चुनौती की शुरुआत हो सकती है।
वायरस की उत्पत्ति कैसे हुई?
एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस हजारों वर्षों से मौजूद हैं और अधिकांश मामलों में पक्षियों में कोई गंभीर बीमारी नहीं पैदा करते। हालांकि, वर्ष 1996 में इन वायरसों में से एक ने विकसित होकर गंभीर बीमारी पैदा करने की क्षमता हासिल कर ली। इसके बाद से HPAI H5N1 वायरस पोल्ट्री उद्योग के लिए बड़ा खतरा बन गया। दुनिया के कुल पक्षियों में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली मुर्गियां इस वायरस का सबसे ज्यादा शिकार बन चुकी हैं।
इथियोपिया चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी की बड़ी जीत, विपक्ष ने उठाए सवाल
इथियोपिया में हुए संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री अबी अहमद की प्रॉस्पेरिटी पार्टी ने भारी जीत हासिल की है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नतीजों के अनुसार पार्टी ने 501 में से 438 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही अक्तूबर में बनने वाली नई संसद के जरिए अबी अहमद का एक और कार्यकाल लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि चुनाव पर कई सवाल भी उठे हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था और कई प्रमुख विरोधी नेताओं को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा गया। कुछ नेता जेल में हैं, कुछ निर्वासन में और कुछ लापता बताए जा रहे हैं।
ओरोमिया और अमहारा क्षेत्रों में हिंसा और असुरक्षा के कारण 143 मतदान केंद्र खुल ही नहीं सके। वहीं, टिग्रे क्षेत्र लगातार दूसरी बार चुनाव प्रक्रिया से बाहर रहा, जिससे वहां के लोगों को संसद में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। विपक्षी नेताओं ने चुनाव को दिखावा बताया है और कहा है कि सरकार को अनुचित बढ़त मिली। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया कानून और नियमों के अनुसार निष्पक्ष तरीके से कराई गई। चुनाव परिणामों के बाद देश में राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
इथियोपिया में हुए संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री अबी अहमद की प्रॉस्पेरिटी पार्टी ने भारी जीत हासिल की है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नतीजों के अनुसार पार्टी ने 501 में से 438 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही अक्तूबर में बनने वाली नई संसद के जरिए अबी अहमद का एक और कार्यकाल लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि चुनाव पर कई सवाल भी उठे हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था और कई प्रमुख विरोधी नेताओं को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा गया। कुछ नेता जेल में हैं, कुछ निर्वासन में और कुछ लापता बताए जा रहे हैं।
ओरोमिया और अमहारा क्षेत्रों में हिंसा और असुरक्षा के कारण 143 मतदान केंद्र खुल ही नहीं सके। वहीं, टिग्रे क्षेत्र लगातार दूसरी बार चुनाव प्रक्रिया से बाहर रहा, जिससे वहां के लोगों को संसद में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। विपक्षी नेताओं ने चुनाव को दिखावा बताया है और कहा है कि सरकार को अनुचित बढ़त मिली। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया कानून और नियमों के अनुसार निष्पक्ष तरीके से कराई गई। चुनाव परिणामों के बाद देश में राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।