World Updates: इंडोनेशिया के ज्वालामुखी माउंट रुआंग में विस्फोट; कोलंबिया में चॉपर क्रैश में नौ सैनिकों की मौत
World Updates: इंडोनेशिया में ज्वालामुखी माउंट रुआंग में विस्फोट हो गया। इसके तुरंत बाद सैम रतुलंगी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करने का आदेश दिया गया। उधर कोलंबिया में चॉपर क्रैश हुआ है, जिसमें नौ सैनिकों की मौत हो गई। पढ़ें अहम खबरें
विस्तार
इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप स्थित ज्वालामुखी माउंट रुआंग के फटने के बाद हड़कंप मच गया। भूवैज्ञानिक एजेंसी ने द्वीप पर चेतावनी स्तर को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया है। ज्वालामुखी में विस्फोट की वजह से राख, लावा और चट्टानों के बादल आकाश में दो किलोमीटर तक ऊपर उड़ गए। ज्वालामुखी फटने के तुरंत बाद अधिकारियों ने पास में मौजूद सैम रतुलंगी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करने का आदेश दिया है। कम विजिबिलिटी और ज्वालामुखी की राख से विमान के इंजनों को होने वाले खतरों का हवाला देते हुए फिलहाल हवाई सेवाओं का परिचालन बंद कर दिया गया है। इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी ने स्थानीय निवासियों से आग्रह किया माउंट रुआंग के एक किलोमीटर के दायरे को खाली कराया जाएगा।
कोलंबिया के सैनिकों का एक हेलीकॉप्टर सोमवार को उत्तरी बोलिवर विभाग में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में नौ सैनिकों की मौत हो गई। राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना की जानकारी दी। राष्ट्रपति पेट्रो ने कहा, 'यह दुर्घटना तब हुई जब हेलीकॉप्टर गल्फ क्लैन के खिलाफ ऑपरेशन के लिए नए सैनिकों को ला रहा था।' रूस में बने एमआई-17 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का उल्लेख न तो राष्ट्रपति ने किया और न ही सेना ने। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि क्या इसका लगभग 4000 सशस्त्र लड़ाकों वाले समूह का इससे कोई लेना-देना है
उत्तरी पेरू में एक बस पहाड़ी सड़क से खाई में गिर गई। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों से अधिक घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारी ने बताया कि यह घटना रविवार की है। बस करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस बस में 50 से भी अधिक यात्री मौजूद थे। बचावकर्मी और दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बता दें कि पिछले साल सड़क दुर्घटना में कुल 3,100 मौतें दर्ज की गई थी।
US बोला- गाजा मानवीय संकट की ICC जांच का समर्थन नहीं
पश्चिम एशिया में हिंसक संघर्ष के कारण गाजा की स्थिति बेहद संवेदनशील है। इस्राइल और हमास संघर्ष के बीच गाजा के मानवीय संकट की जांच अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) कर रहा है। इस पर अमेरिका ने आपत्ति दर्ज कराई है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की तरफ से जांच किए जाने पर, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने कहा, 'हम नहीं मानते कि वर्तमान हालात में गाजा आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में है। हम जांच का समर्थन नहीं करते हैं।
#WATCH | On International Criminal Court's (ICC) investigation into Israel's conduct in Gaza, White House press secretary Karine Jean Pierre says, "...We don't believe is in the ICC jurisdiction in this situation. We do not support the investigation. And I think that kind of… pic.twitter.com/du8NpEtLxj — ANI (@ANI) April 29, 2024
पीड़ितों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लेंगे FEMA अधिकारी
सचिव पियरे के मुताबिक व्हाइट हाउस राज्यों के साथ समन्वय कर रहा है। स्थानीय अधिकारी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचा रहे हैं। संघीय आपात प्रबंधन एजेंसी (FEMA) नुकसान का आकलन कर रहा है। फेमा के अधिकारी ओक्लाहोमा की यात्रा कर पीड़ितों से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लेंगे। राहत और बचाव कार्य में लगी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। सचिव पियरे ने आम जनता से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की अपील की।
#WATCH | On International Criminal Court's (ICC) investigation into Israel's conduct in Gaza, White House press secretary Karine Jean Pierre says, "...We don't believe is in the ICC jurisdiction in this situation. We do not support the investigation. And I think that kind of… pic.twitter.com/du8NpEtLxj
लंदन में पुलिस पर तलवार से हमला करने वाला संदिग्ध गिरफ्तार
लंदन में एक 36 वर्षीय तलवारधारी व्यक्ति ने मंगलवार को एक वाहन को क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद उसने पूर्वी लंदन स्थित ट्यूब स्टेशन के पास तलवारबाजी की, जिसमें दो पुलिस अधिकारियों समेत पांच लोग घायल हो गए। मेट्रोपॉलिटन पुलिस द्वारा व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि इस तरह के अपराधियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा ‘यह चौंकाने वाली घटना है और जिन लोगों को नुकसान पहुंचा है, उनके लिए मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।’ पुलिस का कहना है कि यह आतंकवाद से जुड़ी घटना नहीं है लेकिन दो पुलिस अफसरों समेत पांच लोगों को नुकसान पहुंचा है। सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में पुलिस अधिकारी का कहना है कि जिन लोगों को नुकसान पहुंचा है, उनके लिए यह भयावह घटना रही होगी। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द ही पूरी जानकारी दे दी जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने संदिग्ध हमलावर और पुलिस के बीच संघर्ष को देखा, इससे पहले वह एक घर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहा था।
न्यायपालिका पर एक निश्चित कार्रवाई के लिए दबाव न डाला जाए- पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश काजी फैज ईसा ने मंगलवार को कहा कि न्यायपालिका को एक निश्चित कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करना न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के समान है। उन्होंने यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के छह सदस्यीय पैनल की अध्यक्षता करते हुए की। बता दें कि पैनल द्वारा न्यायपालिका के कामकाज में खुफिया एजेंसियों के कथित हस्तक्षेप के मामले की सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों की पीठ ने याचिकाकर्ताओं और खुफिया एजेंसियों समेत सरकार को अपने-अपने जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया। मुख्य न्यायाधीश ईसा ने कहा है कि हम पर किसी भी रास्ते पर चलने के लिए दबाव न डाला जाए और अदालत के कामों में हस्तक्षेप न किया जाए। यह मामला इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के छह न्यायाधीशों द्वारा 25 मार्च को लिखे गए एक पत्र पर आधारित है, जिसमें अदालत के मामलों में एजेंसियों के हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया था। शीर्ष अदालत ने इस मामले पर पर स्वत: संज्ञान लिया और इसके बाद में विभिन्न बार काउंसिल ने भी याचिकाएं दायर कीं। शीर्ष अदालत द्वारा विभिन्न बार काउंसिल को मामले में पक्षकार बनाया गया।