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World News: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में मारे गए पांच आतंकवादी; कांगो के पूर्व राष्ट्रपति निर्वासन से लौटे

Sat, 19 Apr 2025 11:22 AM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 19 Apr 2025 11:22 AM IST
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world updates - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल को श्रीलंका की यात्रा करेंगे। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने शुक्रवार को अपने देश की संसद में यह घोषणा की। विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी, मोदी पिछले वर्ष राष्ट्रपति दिसानायके की दिल्ली यात्रा के दौरान हुए समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए यहां आएंगे। राष्ट्रपति ने संसद को यह भी बताया कि त्रिंकोमाली के पूर्वी बंदरगाह जिले में सामपुर विद्युत संयंत्र का निर्माण कार्य भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा के समय ही शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी श्रीलंका इसलिए आ रहे हैं क्योंकि यहां स्थिरता है।
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हैप्पीनेस इंडेस्क में भारत की स्थिति पर विवाद, सूचकांक की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल
विश्व खुशहाली सूचकांक 2025 की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक ने इस संबंध में कहा, सूचकांक में भारत को 118वें नंबर पर दिखाया गया है। जिन देशों या इलाकों में संघर्ष हो रहा है, वैसे कई क्षेत्र भारत से काफी आगे हैं। ऐसे में सूचकांक काफी हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि  संघर्ष वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों के बीच अधिक जुड़ाव का तर्क दिया जा रहा है, लेकिन खुशहाली सूचकांक के लिए केवल जुड़ाव ही काफी नहीं है। रविशंकर के मुताबिक आज भारत की स्थिति काफी बेहतर है।
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एयरपोर्ट से परिचालन (प्रतीकात्मक) - फोटो : Adobe Stock
लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से आंशिक परिचालन शुरू
यूरोप के सबसे व्यस्त हवाईअड्डे- हीथ्रो पर आंशिक परिचालन शुरू हो गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से शुक्रवार देर रात करीब 11.40 बजे (भारतीय समय) जारी बयान के मुताबिक, लगभग 18 घंटे तक परिचालन बाधित रहने के बाद देर रात पहले विमान की सुरक्षित लैंडिग कराने में सफलता मिली। एयरपोर्ट प्रवक्ता ने शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में कहा, हालात सामान्य हों, इसके लिए हमारी टीमें अथक प्रयास कर रही हैं। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हीथ्रो कुछ उड़ानें सुरक्षित रूप से शुरू करने में सक्षम हो गया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले लंदन आने वाली उड़ानों (repatriation flights) को प्राथमिकता मिलेगी। इसके अलावा दूसरे देशों से आने वाले विमान जिनका मार्ग बदला (relocating aircraft) है, उन्हें भी तरजीह मिलेगी। हवाई अड्डे की यात्रा न करें। प्रवक्ता ने यात्रियों को एयरलाइन से ताजा सूचना लिए बिना हीथ्रो न आने की सलाह भी दी। 

करीब 35,000 अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुआ ट्विटर का लोगो
ट्विटर के सेन फ्रांसिस्को स्थित मुख्यालय में लगा मशहूर चिड़िया वाला लोगो करीब 35,000 अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुआ। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क के ट्विटर को एक्स में बदलने के बाद यह लोगो हटा दिया गया था। नीलामी करने वाली कंपनी आरआर ऑक्शन के मुताबिक, इस लोगो का वजन 254 किलो था और यह 12x9 फीट का था। खरीदार का नाम नहीं बताया गया। पहले भी मस्क ने ट्विटर के पुराने साइन बोर्ड, यादगार चीजें, किचन का सामान और दफ्तर का फर्नीचर बेचा था।  इस नीलामी में एक पुराना एप्पल-1 कंप्यूटर 3.1 करोड़ रुपये, स्टीव जॉब्स के साइन वाला चेक 93 लाख रुपये और पहली पीढ़ी का आईफोन 72 लाख रुपये में बिका था।

फिर मुश्किल में ट्रंप प्रशासन,अदालत के आदेश की अवमानना की जांच करेंगे जज
अमेरिका के एक जज जेम्स बोआस्बर्ग यह जांच करेंगे कि क्या डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने उनके आदेश को नजरअंदाज कर वेनेजुएला के प्रवासियों को एल साल्वाडोर भेज दिया है। ट्रंप प्रशासन ने एक पुराने युद्धकालीन कानून का उपयोग कर इन प्रवासियों को अमेरिका से बाहर भेजने के लिए उड़ानें भरी थीं। 16 मार्च को जब कुछ विमान हवा में थे, तब जज बोआस्बर्ग ने आदेश दिया कि इन उड़ानों को वापस बुलाया जाए और लोगों को निर्वासित न किया जाए। लेकिन ट्रंप प्रशासन का कहना है कि जज का यह आदेश मौखिक था, इसलिए उसे नहीं माना गया। 

अब जज यह जांच करेंगे कि किसने आदेश को नजरअंदाज किया और इसके क्या परिणाम होंगे। इस मामले में ट्रंप प्रशासन के अधिकारी राज्य गोपनीयता का दावा कर सकते हैं। इस दावे के तहत राज्य की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है। इस विवाद के चलते ट्रंप और उनके समर्थकों ने जज बोआस्बर्ग को उनके पद से हटाने (महाभियोग) की मांग की। हालांकि, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि किसी फैसले से असहमति का मतलब यह नहीं कि जज को पद से हटाया जाए। 

ट्रंप प्रशासन के दबाव में नीतियों में बदलाव करेगा कोलंबिया विश्वविद्यालय
अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय ने ट्रंप प्रशासन के दबाव में कई नीतियों में बदलाव करने का फैसला किया है। इनमें प्रदर्शन के नियमों में सख्ती, मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) अध्ययन विभाग की समीक्षा और  परिसर में चेहरा ढकने (मास्क पहनने) पर रोक जैसे बदलाव शामिल हैं। ये बदलाव विश्वविद्यालय की अंतरिम प्रमुख कटरीना आर्मस्ट्रांग के पत्र के जरिए सामने आए, जो प्रशासन के उस आदेश के बाद आया जिसमें कहा गया था कि यदि बदलाव नहीं किए गए तो विश्वविद्यालय को मिलने वाली सरकारी फंडिंग बंद कर दी जाएगी।  

ट्रंप प्रशासन ने पहले ही विश्वविद्यालय के 400 मिलियन डॉलर का अनुसंधान अनुदान और अन्य सरकारी फंड रोक दिए थे और चेतावनी दी थी कि अगर विश्वविद्यालय ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो और अधिक कटौती होगी। ट्रंप प्रशासन ने विश्वविद्यालय पर इजरायल के खिलाफ प्रदर्शनों को ठीक से न संभाल पाने का आरोप लगाया था और उन्हें यहूदी-विरोधी (एंटी सेमिटिक) बताया था। इस आरोप प्रदर्शनकारियों ने खारिज किया था।

पोलैंड के पूर्व रक्षा मंत्री पर रक्षा योजना उजागर करने का आरोप 

पोलैंड के पूर्व रक्षा मंत्री मारियुज़ ब्लाश्चाक पर राष्ट्रीय रक्षा योजना के गोपनीय हिस्से का खुलासा करने आरोप लगा है। डोनाल्ड टस्क के नेतृत्व वाली सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने और राजनीतिक लाभ के लिए सैन्य योजना को उजागर करने का दोषी ठहराया है। उन्होंने 2011 की एक सैन्य योजना सार्वजनिक की थी, जिसमें रूस के हमले की स्थिति में पोलैंड की सेना को विस्तुला नदी तक पीछे हटने की रणनीति बताई गई थी। ब्लाश्चाक ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि सच को सामने लाना उनका कर्तव्य था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री टस्क की पिछली सरकार बिना युद्ध लड़े आधे पोलैंड को छोड़ने की योजना बना रही थी। 

अमेरिका ने चीनी रिफाइनरी पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से तेल खरीदने का आरोप

अमेरिका ने चीन की एक टीपॉट रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस रिफाइनरी पर ईरान से लाखों बैरल तेल खरीदने का आरोप है। साथ ही अवैध रूप से तेल का व्यापार करने वाले ईरान के जहाजों के छद्म बेड़े पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। ये प्रतिबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की कोशिश का हिस्सा हैं। साथ ही ईरान द्वारा आतंकी गुटों को फंडिंग देने से रोकने का प्रयास है।  अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। अमेरिका ने चीन के तेल भंडारण टर्मिनल पर भी प्रतिबंध का एलान किया है। विदेश विभाग ने कहा कि ईरान से तेल खरीदकर इसी तेल भंडारण टर्मिनल में इकट्ठा किया गया है। यह टर्मिनल एक तरह से चीन के बाजार में ईरान के तेल का गेटवे है। चीन, ईरान के तेल के सबसे बड़े खरीददारों में से एक है। 
 

पेंटागन में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से मिले एलन मस्क

सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख एलन मस्क ने शुक्रवार को पेंटागन में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों के बीच नवाचार और उन्नत उत्पादन पर चर्चा हुई। पीट हेगसेथ ने एलन मस्क को देशभक्त बताया और कहा कि हम अमेरिकी सेना को दुनिया में सबसे ताकतवर सेना बनाए रखने के लिए समर्पित हैं। मस्क, हेगसेथ के निजी निमंत्रण पर पेंटागन पहुंचे थे और दोनों के बीच सैन्य उद्योग बेस, तकनीक और सैन्य खरीद प्रक्रिया को लेकर बात हुई। 


 

पाकिस्तान के पंजाब में टीटीपी के 11 आतंकवादी गिरफ्तार
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के 11 आतंकवादियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकवादी योजना को विफल कर दिया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। इन आतंकवादियों में से एक खतरनाक आतंकवादी मियांवाली से पकड़ा गया, जो लाहौर और अन्य शहरों में पुलिस स्टेशनों पर हमला करने की योजना बना रहा था। पुलिस के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में 166 खुफिया ऑपरेशंस (आईबीओ) चलाए गए, जिनमें हथियार, विस्फोटक और अन्य प्रतिबंधित सामग्री के साथ इन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, लाहौर के बुर्की इलाके से एक आत्मघाती हमलावर को भी गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताया है, जो आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में अहम साबित हो सकती है।

दक्षिण सूडान में बढ़ती हिंसा, जर्मनी ने दूतावास बंद करने का लिया फैसला
जर्मन सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि वह दक्षिण सूडान में अपने दूतावास को अस्थायी रूप से बंद कर रही है। जर्मन विदेश मंत्री एनालेना बैरबॉक ने ब्लूस्काई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि दक्षिण सूडान में कई वर्षों से बनी शांति अब खतरे में है और देश एक बार फिर गृहयुद्ध के कगार पर है। बैरबॉक ने कहा कि जर्मन विदेश कार्यालय की संकट टीम ने राजधानी जुबा में स्थित दूतावास को फिलहाल बंद करने का फैसला लिया है, क्योंकि वहां के हालात में कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति साल्वा कीर और उनके प्रतिद्वंद्वी, उपराष्ट्रपति रीक मचर, देश में हिंसा बढ़ा रहे हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि वे बिना वजह हिंसा को रोकें और शांति समझौते को लागू करें।

त्रिपक्षीय सहयोग पर जापान, चीन और दक्षिण कोरिया ने दिया जोर
जापान व उसके दो पड़ोसी एशियाई देश चीन और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों ने साझा चुनौतियों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर एक बैठक में जोर दिया। सभी विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत में इस वर्ष के अंत में होने वाले त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। जापान का चीन व दक्षिण कोरिया से पुराना क्षेत्रीय विवाद होने के चलते इस बैठक को जापान के लिए उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
पिछले साल यह बैठक दक्षिण कोरिया में हुई थी। शनिवार को हुई बैठक में जापानी विदेश मंत्री ताकेशी इवाया ने अपने संबोधन में अपने चीनी समकक्ष वांग यी और दक्षिण कोरिया के चो ताए-युल से कहा कि विश्व तनाव और विभाजन का सामना कर रहा है ऐसे में उनके बीच सहयोग विशेष रूप से अहम है। उन्होंने कहा, साझा चुनौतियों वाले क्षेत्रों में उनके बीच सहयोग वैश्विक सहयोग का एक अच्छा ‘मॉडल’ पेश करेगा। तीनों देशों के विदेश मंत्री उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम, यूक्रेन-रूस युद्ध और अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। शुक्रवार को तीनों विदेश मंत्रियों ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से भी मुलाकात की थी।

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पोप फ्रांसिस को रविवार को मिलेगी अस्पताल से छुट्टी
पोप फ्रांसिस को रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। वे पिछले 38 दिनों से दोनों फेफड़ों में निमोनिया से जूझ रहे थे। उनके डॉक्टरों ने यह जानकारी दी है। जेमेली अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सर्जियो अल्फीरी ने बताया कि पोप फ्रांसिस को ठीक होने के लिए कम से कम दो महीने आराम और पुनर्वास की आवश्यकता होगी। 14 फरवरी को उन्हें ब्रोंकाइटिस की बीमारी के बढ़ने के कारण जेमेली अस्पताल में भर्ती किया गया था, और बाद में उन्हें निमोनिया हो गया था।

त्रिपक्षीय सहयोग पर जापान, चीन और दक्षिण कोरिया ने दिया जोर
जापान और उसके दो पड़ोसी देश चीन और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों ने एक बैठक में साझा चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने की बात की। इस बैठक में मुख्य रूप से इस साल के अंत में होने वाले त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन की योजनाओं पर चर्चा की गई। जापान के लिए यह बैठक खास है क्योंकि चीन और दक्षिण कोरिया के साथ उसके क्षेत्रीय विवाद रहे हैं।

बता दें कि पिछले साल यह बैठक दक्षिण कोरिया में हुई थी, लेकिन इस बार जापान में हुई इस बैठक में जापानी विदेश मंत्री ताकेशी इवाया ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ताए-युल से कहा कि वर्तमान में दुनिया में तनाव और विभाजन बढ़ रहे हैं, ऐसे में इन तीन देशों के बीच सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि तीनों देशों के बीच सहयोग वैश्विक स्तर पर एक अच्छा उदाहरण पेश करेगा बैठक में उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम, यूक्रेन-रूस युद्ध और अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। शुक्रवार को तीनों विदेश मंत्रियों ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से भी मुलाकात की थी।

बलोच प्रदर्शनकारियों पर गोलियां, 3 मौतें, महरंग गिरफ्तार
पाकिस्तान के क्वेटा में शनिवार को मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वे अपने समुदाय के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ धरना दे रही थीं। इस प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ भी नारे लगाए गए। प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई में तीन बलोच कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। जब लोग मृतकों के शव लेकर धरने पर बैठे, तो सुरक्षाकर्मियों ने शवों को भी अपने कब्जे में ले लिया और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

साथ ही बलोच यकजेहती समिति (बीवाईसी) ने कहा कि महरंग बलोच और उनके सहयोगी गिरफ्तार हुए हैं। इस कार्रवाई में बलोच महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया। बीवाईसी ने आरोप लगाया कि पुलिस और राज्य एजेंसियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर आंसू गैस, पानी की बौछारें और गोलियां चलाईं। इस दौरान तीन युवकों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। बीवाईसी ने इसे सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकवाद करार दिया और प्रदर्शन करते हुए मृतकों के शवों के साथ धरना जारी रखा।

पांच अप्रैल को श्रीलंका दौरा पर जाएंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अप्रैल को श्रीलंका का दौरा करेंगे। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संसद में इस यात्रा की तारीख की घोषणा की। विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने पिछले हफ्ते बताया था कि मोदी श्रीलंका में 2024 में राष्ट्रपति दिसानायके की दिल्ली यात्रा के दौरान हुए समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए कोलंबो आएंगे। साथ ही राष्ट्रपति ने संसद में यह भी बताया कि मोदी की यात्रा के दौरान श्रीलंका के त्रिंकोमाली जिले में सामपुर विद्युत संयंत्र का निर्माण शुरू होगा।

साथ ही स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयथिस्सा ने बताया कि भारत और श्रीलंका ने पिछले महीने त्रिंकोमाली में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए समझौता किया था। इसके तहत, 50 मेगावाट (चरण 1) और 70 मेगावाट (चरण 2) क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। यह संयंत्र सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और भारत के राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) द्वारा मिलकर बनाए जाएंगे।

बिलावल भुट्टो ने दी धमकी, संकट में पाकिस्तान की सरकार

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तान सरकार की विवादित नहर परियोजना की आलोचना की है और धमकी दी है कि अगर योजना नहीं टाली गई तो वे सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे। शहबाज शरीफ के नेतृत्व में चल रही गठबंधन सरकार के लिए पीपीपी का समर्थन जरूरी है। ऐसे में भुट्टो की धमकी के बाद पाकिस्तान की गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। भुट्टो ने कहा कि 'हमने शहबाज शरीफ को एक बार नहीं, बल्कि दो बार प्रधानमंत्री बनाया और अब आपको लगता है कि आप हमें धमकियों से डरा सकते हैं?' उन्होंने कहा कि उनकी परियोजना से कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रही है। भुट्टो ने कहा, 'शेर पार्टी' की हर पहल किसान विरोधी है। गेहूं घोटाले ने हमारे किसानों को आर्थिक रूप से तबाह कर दिया है। बिलावल ने कहा, 'सरकार को किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। मैं पीछे नहीं हटूंगा। मैं लोगों के साथ खड़ा हूं। बिलावल ने अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अगर संघीय सरकार विवादास्पद नहर परियोजनाओं को वापस नहीं लेती है तो पीपीपी गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी।'

कांगो के पूर्व राष्ट्रपति निर्वासन से लौटे, विद्रोहियों के गढ़ में पहुंचे

निर्वासन में रह रहे कांगो के पूर्व राष्ट्रपति जोसेफ कबीला शुक्रवार को वापस कांगो लौट आए। कांगो आने के बाद वे विद्रोहियो के कब्जे वाले गोमा शहर पहुंचे। पूर्व राष्ट्रपति के करीबी ने बताया कि वे शांति वार्ता में शामिल होने के लिए कांगो पहुंचे हैं। कबीला ने साल 2023 में कांगो छोड़ा था और अब वे शांति प्रयासों में हिस्सा लेने कांगो लौटे हैं। गोमा पर रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों का कब्जा है। कांगो में दशकों से चल रहा संघर्ष जनवरी में और बढ़ गया, जब विद्रोहियों ने आगे बढ़कर गोमा पर कब्ज़ा कर लिया, उसके बाद बुकावु शहर पर भी कब्ज़ा कर लिया, जिसे उन्होंने फरवरी में अपने कब्जे में ले लिया। इस लड़ाई में करीब 3,000 लोग मारे गए हैं और दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक को और बदतर बना दिया है, जिसमें करीब 70 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। अब कांगो की सरकार और विद्रोही गुट के बीच शांति वार्ता हो रही है। 
 
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