World: रूस दौरे पर जाने से घिरे स्लोवाकिया के पीएम; ट्रंप ने चीन पर टैरिफ घटा 80 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के रूस दौरे के विरोध में शुक्रवार को राजधानी ब्रातिस्लावा की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग उतरे। प्रदर्शनकारियों ने बस बहुत हुआ फिको, "स्लोवाकिया यूरोप है और वहीं रहो जैसे नारे लगाए। फिको यूरोपीय संघ (EU) के एकमात्र नेता थे जिन्होंने मास्को जाकर रूस द्वारा आयोजित 'विजय दिवस' समारोह में भाग लिया। यह कार्यक्रम नाजी जर्मनी की हार की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित हुआ था।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फिको का यह दौरा पूरे स्लोवाकिया की सोच को नहीं दर्शाता। विरोध प्रदर्शन करने वाले समूहों ने इसे देश के लिए शर्मनाक बताया।
विपक्ष के नेता मिचल सिमेका ने कहा कि यह स्लोवाकिया की विदेश नीति के लिए सबसे शर्मनाक पलों में से एक है।” सिमेका प्रगतिशील स्लोवाकिया पार्टी से जुड़े हैं जो यूरोप समर्थक और पश्चिमी नीतियों की समर्थक मानी जाती है। वहीं बढ़ते विरोध को देखते हुए फिको ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उनका उद्देश्य रूस के साथ सामान्य और दोस्ताना संबंध बनाना है।
ट्रंप ने चीन पर टैरिफ घटा 80 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच होने वाली बैठक से पहले चीन पर टैरिफ को 145% से घटाकर 80% करने का प्रस्ताव रखा है। मालूम हो कि सप्ताहांत में अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर जिनेवा में चीन के उच्चस्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मिलने वाले हैं। दोनों देशों के बीच अमेरिका की ओर से आयात पर कड़े टैरिफ लगाए जाने के बाद यह पहली बड़ी वार्ता है। शुक्रवार की सुबह ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, मुझे लगता है चीन पर 80% टैरिफ लगाना उचित है।
पेंटागन ने लाइब्रेरी से डाइवर्सिटी-जेंडर की किताबें हटाने का दिया आदेश
अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने देशभर के सभी सैन्य प्रमुखों और कमांडों को आदेश दिया है कि वे अपनी लाइब्रेरियों से डाइवर्सिटी (विविधता), एंटी-रेसिज्म (विरोधी-भेदभाव) और जेंडर से जुड़ी किताबों की जांच करें और 21 मई तक उन्हें हटा दें। बता दें कि यह अब तक का सबसे बड़ा और स्पष्ट निर्देश है, जो रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की उस मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत सेना से 'डाइवर्सिटी और इक्विटी' कार्यक्रमों और विचारों को हटाया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह आदेश टिमोथी डिल द्वारा जारी किया गया है, जो फिलहाल डिफेंस अंडरसेक्रेटरी फॉर पर्सनल का कार्यभार संभाल रहे हैं। वहीं मेमो में कहा गया है कि ऐसी किताबें जो विभाजनकारी विचारों और जेंडर आइडियोलॉजी को बढ़ावा देती हैं, वो सेना के मूल मिशन के खिलाफ हैं। इसलिए ऐसे सभी शिक्षण-सामग्री की पहचान कर 21 मई तक उन्हें अलग रखा जाए। हालांकि फिलहाल यह नहीं बताया गया है कि इन किताबों का आगे क्या किया जाएगा। उन्हें सिर्फ स्टोर किया जाएगा या नष्ट भी किया जा सकता है।
103 साल की उम्र में होलोकॉस्ट सर्वाइवर मार्गोट फ्रीडलैंडर का निधन
नाजी जर्मनी के समय थिरेज़िएनस्टैड यातना शिविर से बचने वाली जर्मन यहूदी मार्गोट फ्रीडलैंडर का 103 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनकी मौत की जानकारी मार्गोट फ्रीडलैंडर फाउंडेशन ने दी। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि उनकी मौत कब और कहां हुई और उसकी वजह क्या थी। उनका निधन ऐसे समय हुआ है जब द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी की हार की 80वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
बता दें कि मार्गोट ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा अमेरिका में बिताया था, लेकिन अपने 80वें दशक में वे वापस जर्मनी आ गईं और बर्लिन में रहने लगीं। उन्हें जर्मनी के सबसे बड़े नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया और बर्लिन सिटी हॉल में उनकी एक प्रतिमा भी लगाई गई।
भारत-यूएई सम्मेलन: 15 मई को व्यापार, प्रौद्योगिकी और सहयोग के नए युग की शुरुआत
भारत और यूएई के बीच "पार्टनर्स इन प्रोग्रेस" सम्मेलन की शुरुआत 15 मई को होगी। यह आयोजन भारत-यूएई व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, जिसमें दोनों देशों के नीति निर्धारक और व्यापारिक नेता एकत्र होंगे। आयोजन भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बावजूद आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का आयोजन इंडिया टुडे ग्रुप और यूएई इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा किया जा रहा है।
बता दें कि यह सम्मेलन यूएई के क्राउन प्रिंस के भारत दौरे के एक महीने बाद हो रहा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इनमें यूएई-भारत फ्रेंडशिप अस्पताल और दुबई हेल्थ के बीच एमओयू भी शामिल है। सम्मेलन में व्यापार, ऊर्जा, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप्स जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। इंडिया टुडे ग्रुप के अध्यक्ष और संपादक-इन-चीफ अरुण पुरी उद्घाटन भाषण देंगे। यूएई के मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान और थानी बिन अहमद अल ज़ेयोदी भी इस कार्यक्रम में विशेष संबोधन देंगे।