Updates: फलस्तीन को फ्रांस की ओर से स्वतंत्र देश की मान्यता से इस्राइल-अमेरिका खफा; म्यांमार में भूकंप के झटके
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फलस्तीन को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है, जिससे गाजा में जारी युद्ध के बीच दो-राष्ट्र समाधान (इस्राइल और फलस्तीन दो अलग देश) की मांग को एक बार फिर से वैश्विक मंच पर मजबूती मिली है। हालांकि, इस कदम से इस्राइल और उसका करीबी सहयोगी अमेरिका नाराज हैं।
मामले में मैक्रों ने पिछले सप्ताह इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को पत्र लिखते हुए कहा कि कि हम चाहते हैं कि फलस्तीनी लोगों को उनका खुद का देश मिले। यही रास्ता है जिससे इस्राराइल की सुरक्षा और लंबे समय तक शांति सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने आगे लिखा कि गाजा में जो मानवीय तबाही हो रही है, वह असहनीय है और इसका कोई औचित्य नहीं है।
म्यांमार में 3.3 तीव्रता का भूकंप, किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं
म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, रविवार सुबह म्यांमार में रिक्टर स्केल पर 3.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई 30 किलोमीटर थी, जो कि सतह के काफी नजदीक माना जाता है। हालांकि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। एनसीएस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अमेरिका में भीषण सड़क हादसा, दो ट्रक और छह गाड़ियां टकराईं; 17 घायल
अमेरिका के पूर्वी टेक्सास स्थित लिंडेल शहर में शनिवार को इंटरस्टेट-20 हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा हुआ। दो ट्रैक्टर-ट्रेलर और छह यात्री वाहनों की आपस में टक्कर हो गई, जिसमें 17 लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं है। हादसे के कारण डलास से 90 मील पूर्व स्थित यह प्रमुख राजमार्ग घंटों तक बाधित रहा। लिंडेल के अग्निशमन प्रमुख जेरेमी लारू ने बताया कि दुर्घटना शनिवार शाम करीब चार बजे हुई। टक्कर के बाद सड़क पर तेल और डीजल फैल गया, जिसे साफ करने में घंटों का समय लगा। हादसे के दो घंटे बाद तक इंटरस्टेट-20 पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। फिलहाल टेक्सास का लोक सुरक्षा विभाग दुर्घटना की जांच कर रहा है। यह घटना एक बार फिर अमेरिका के हाईवे पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े करती है।
नॉर्वे खरीदेगा ब्रिटिश फ्रिगेट्स का बेड़ा, सुरक्षा हालात का हवाला
नॉर्वे सरकार ने घोषणा की है कि वह अपनी नौसेना के लिए ब्रिटिश निर्मित फ्रिगेट्स का बेड़ा खरीदेगी। प्रधानमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश पांच से छह फ्रिगेट्स खरीदेगा। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नॉर्वे सबसे गंभीर सुरक्षा स्थिति का सामना कर रहा है, इसलिए यह खरीद जरूरी है। स्टोरे ने बताया कि अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस भी अनुबंध की दौड़ में थे, लेकिन नॉर्वे ने ब्रिटेन को चुना क्योंकि दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध और साझा हित हैं। नाटो सदस्य नॉर्वे रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो गया है।ब्रिटिश टाइप-26 फ्रिगेट्स खासतौर पर पनडुब्बियों को खोजने, ट्रैक करने और उनसे निपटने के लिए डिजाइन किए गए हैं। नॉर्वे सरकार ने कहा कि यही उसकी प्राथमिकता थी। सौदे की लागत का खुलासा नहीं किया गया है।
गाजा के लिए मानवीय मदद लेकर रवाना होगा बेड़ा, बार्सिलोना से शुरू हुई यात्रा
स्पेन के बार्सिलोना बंदरगाह से रविवार को मानवीय मदद लेकर एक बेड़ा गाजा के लिए रवाना होने की तैयारी में है। इस बेड़े का मकसद इस्राइल की नाकाबंदी को तोड़ते हुए फलस्तीनियों तक भोजन, दवाइयां और पानी पहुंचाना है। 'ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला' नाम के इस अभियान में 44 देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। आयोजकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इटली, ग्रीस और ट्यूनीशिया से और जहाज जुड़ेंगे, जिससे कुल संख्या 20 तक हो जाएगी।
रवानगी से पहले बार्सिलोना बंदरगाह पर फलस्तीनी झंडे लहराए गए और समर्थकों ने “फ्री फलस्तीन” व “बहिष्कार इस्राइल” जैसे नारे लगाए। मशहूर जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, अभिनेता सुसान सरैंडन और लियाम कनिंघम भी इस यात्रा में शामिल हैं। थनबर्ग ने कहा कि गाजा के लोगों को जानबूझकर जीवन के बुनियादी साधनों से वंचित किया जा रहा है। इस्राइल ने हाल ही में उत्तरी गाजा में सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए मानवीय मदद पर रोक लगाने की घोषणा की है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि कुपोषण से अब तक 332 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 124 बच्चे शामिल हैं। वहीं, 7 अक्टूबर 2023 को हमास हमले के बाद शुरू हुए युद्ध में अब तक 63,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और लगभग पूरी आबादी विस्थापित हो चुकी है।
दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में छठे कॉमिक-कॉन अफ्रीका का आयोजन हुआ। यहां हजारों कॉमिक बुक प्रेमी और कॉस्प्लेयर पहुंचे। चार दिवसीय उत्सव के दौरान एनीमे, गेमिंग, कॉमिक्स और कॉस्प्ले से जुड़ी चीजों को प्रदर्शित किया गया। इसमें आर्केड गेम्स, ई-स्पोर्ट्स और कॉस्ट्यूम जैसी प्रतियोगिताएं भी शामिल रहीं। आयोजन निदेशक कार्ला मासमैन के अनुसार, रविवार तक 70,000 दर्शक पहुंचे। विविधता और एकता के प्रतीक इस आयोजन में जेसी टी. अशर, डैन फोगलर और मिशा कॉलिन्स जैसे अंतरराष्ट्रीय सितारे भी शरीक हुए। प्रशंसकों को पसंदीदा पात्रों की पोशाक पहनकर तस्वीरें खिंचवाते देखा गया। लोग एक-दूसरे के रचनात्मक कौशल की सराहना करते भी दिखे। दरअसल, यह आयोजन इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि आमतौर पर कॉमिक-कॉन अफ्रीका सितंबर के अंत में आयोजित किया जाता है। हालांकि, इस साल जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के कारण इसे अगस्त में ही कर दिया गया। बता दें कि इस वर्ष के अंत में जोहान्सबर्ग में ही जी20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया जाना है।
पुतिन बोले- BRICS को मजबूत करने में रूस-चीन एकजुट
अमेरिका की मनमानियों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस और चीन मिलकर BRICS को मज़बूत कर रहे हैं ताकि वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सके और 'भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों' का विरोध किया जा सके जो सदस्य देशों और दुनिया के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा हैं। शिन्हुआ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने IMF और विश्व बैंक में सुधार की वकालत की और एक नए, समान व न्यायसंगत वित्तीय ढांचे की आवश्यकता बताई। पुतिन ने वित्तीय औजारों को "नव-औपनिवेशवाद" बताया। उन्होंने G20 में चीन की भूमिका की सराहना की और अफ्रीकी संघ की भागीदारी को BRICS के साथ तालमेल बढ़ाने का कदम बताया।
90 फीसदी से अधिक अफगान लड़कियों की शिक्षा के समर्थक
संयुक्त राष्ट्र के एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि 90% से अधिक अफगान लोग लड़कियों की शिक्षा का समर्थन करते हैं, जबकि तालिबान अब भी माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध लगाए हुए है। रिपोर्ट 2,000 लोगों की राय पर आधारित है। UN महिला विभाग की सोफिया कॉलटॉर्प ने कहा कि अफगान परिवार अपनी बेटियों की पढ़ाई को लेकर दृढ़ हैं, पर प्रतिबंध मानसिक और स्वास्थ्य संकट बढ़ा रहे हैं। 97% महिलाओं ने रोजगार प्रतिबंधों को विनाशकारी बताया। WHO ने चेताया कि 22 मिलियन लोग मदद के मोहताज हैं, लेकिन ज़रूरी फंडिंग का केवल 24% ही मिला है।