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WHO: वैश्विक आपदा की रोकथाम के लिए समझौता, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों ने पक्ष में किया मतदान
Tue, 20 May 2025 10:36 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 20 May 2025 10:36 AM IST
सार
डब्लूएचओ ने बयान में कहा कि 'इस महत्वपूर्ण समझौते को डब्ल्यूएचओ संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अपनाया गया। इसका उद्देश्य देशों, डब्ल्यूएचओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और अन्य हितधारकों के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि महामारी को रोका जा सके
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डब्लूएचओ
- फोटो : WHO
विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के सदस्य देशों ने वैश्विक महामारी समझौते के पक्ष में मतदान किया। इस समझौते का मकसद भविष्य में किसी भी महामारी को रोकना है। इस समझौते पर आज डब्लूएचओ की बैठक में चर्चा होगी। डब्लूएचओ ने बताया कि बैठक के बाद विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष बयान जारी करेंगे।
महामारी को रोकना उद्देश्य
कोरोना महामारी के दौरान इस आपदा समझौते की शुरुआत की गई थी और इसकी मंजूरी देने से पहले तीन साल से अधिक समय तक इसे अपनाने की प्रक्रिया चली। इस समझौते में महामारी की रोकथाम के लिए जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने पर बात हुई। डब्लूएचओ ने बयान में कहा कि 'इस महत्वपूर्ण समझौते को डब्ल्यूएचओ संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अपनाया गया। इसका उद्देश्य देशों, डब्ल्यूएचओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और अन्य हितधारकों के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि महामारी को रोका जा सके और भविष्य में महामारी संकट की स्थिति में बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
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क्या बोले डब्लूएचओ के महानिदेशक
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस गैब्रेसियस ने कहा, 'दुनिया भर की सरकारें अपने देशों और वैश्विक समुदाय को महामारी के खतरों से सुरक्षित बना रही हैं। मैं विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों को कोविड-19 के बाद भविष्य की महामारियों से दुनिया को बेहतर तरीके से बचाने के लिए एक साथ आने का संकल्प लेने के लिए बधाई देता हूं। इस वैश्विक समझौते को विकसित करने के लिए उनका काम यह सुनिश्चित करेगा कि देश अगली महामारी के खतरे को रोकने और उसका जवाब देने के लिए बेहतर, तेज और अधिक समान रूप से एक साथ काम करें।'
इस समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनेफिट शेयरिंग सिस्टम (PABS)बनाया जाएगा। इसके लिए एक अंतरसरकारी कार्य समूह स्थापित किया जाएगा। इस पीएबीएस सिस्टम में फार्मा कंपनी भी शामिल की जाएंगी, ताकि महामारी की स्थिति में जल्द से जल्द वैक्सीन तैयार की जा सके।
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महामारी को रोकना उद्देश्य
कोरोना महामारी के दौरान इस आपदा समझौते की शुरुआत की गई थी और इसकी मंजूरी देने से पहले तीन साल से अधिक समय तक इसे अपनाने की प्रक्रिया चली। इस समझौते में महामारी की रोकथाम के लिए जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने पर बात हुई। डब्लूएचओ ने बयान में कहा कि 'इस महत्वपूर्ण समझौते को डब्ल्यूएचओ संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अपनाया गया। इसका उद्देश्य देशों, डब्ल्यूएचओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और अन्य हितधारकों के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि महामारी को रोका जा सके और भविष्य में महामारी संकट की स्थिति में बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
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क्या बोले डब्लूएचओ के महानिदेशक
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस गैब्रेसियस ने कहा, 'दुनिया भर की सरकारें अपने देशों और वैश्विक समुदाय को महामारी के खतरों से सुरक्षित बना रही हैं। मैं विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों को कोविड-19 के बाद भविष्य की महामारियों से दुनिया को बेहतर तरीके से बचाने के लिए एक साथ आने का संकल्प लेने के लिए बधाई देता हूं। इस वैश्विक समझौते को विकसित करने के लिए उनका काम यह सुनिश्चित करेगा कि देश अगली महामारी के खतरे को रोकने और उसका जवाब देने के लिए बेहतर, तेज और अधिक समान रूप से एक साथ काम करें।'
इस समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनेफिट शेयरिंग सिस्टम (PABS)बनाया जाएगा। इसके लिए एक अंतरसरकारी कार्य समूह स्थापित किया जाएगा। इस पीएबीएस सिस्टम में फार्मा कंपनी भी शामिल की जाएंगी, ताकि महामारी की स्थिति में जल्द से जल्द वैक्सीन तैयार की जा सके।