{"_id":"60f336b48ebc3e79a04b6e7a","slug":"world-condemn-photojournalist-danish-siddiqui-death-in-afghanistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफगानिस्तान : भारतीय फोटो पत्रकार दानिश की मौत पर दुनियाभर में निंदा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अफगानिस्तान : भारतीय फोटो पत्रकार दानिश की मौत पर दुनियाभर में निंदा
Sun, 18 Jul 2021 01:29 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 18 Jul 2021 01:29 AM IST
सार
सीनेट की विदेश मामलों की समिति में शीर्ष सदस्य सीनेटर जिम रिस्च ने कहा, दानिश सिद्दीकी की दुखद मौत हमें समाचार साझा करने के लिए जोखिम उठाने वाले पत्रकारों की याद दिलाती है।
विज्ञापन
दानिश सिद्दीकी
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन और सांसदों ने अफगानिस्तान में अफगान बलों और तालिबान आतंकवादियों के बीच जंग को कवर करने के दौरान भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की मौत पर शोक जताया है। वर्ष 2018 में पुलित्जर पुरस्कार जीत चुके सिद्दीकी पाक सीमा के पास स्पिन बोल्डक शहर में मारे गए, जहां वे अफगान विशेष बलों के साथ जुड़े हुए थे।
विज्ञापन
अमेरिका के विदेश मंत्रालय में प्रधान उप प्रवक्ता जलिना पोर्टर ने कहा, हमें यह सुनकर गहरा दुख हुआ है कि फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी अफगानिस्तान में लड़ाई को कवर करते हुए मारे गए। उन्होंने अक्सर दुनिया के सबसे अधिक जरूरी और चुनौतीपूर्ण खबरों पर अपने काम से प्रशंसा पाई।
विज्ञापन
वाशिंगटन डीसी में सीपीजे के एशिया कार्यक्रम समन्वयक स्टीवन बटलर ने कहा, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए लड़ाकों को जिम्मेदारी लेने की जरूरत है, क्योंकि इस संघर्ष में दर्जनों पत्रकार मारे गए हैं, जिनमें बहुत कम या कोई जवाबदेही नहीं ली गई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी भारतीय फोटो पत्रकार के निधन पर शोक जताया।
विज्ञापन
स्पिन बोल्डक के कुछ और क्षेत्र मुक्त
अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बल ने तालिबान कब्जे से स्पिन बोल्डक के कुछ और क्षेत्रों को मुक्त करा लिया है। अफगानिस्तान सरकार के सूत्रों ने रूस की न्यूज एजेंसी स्पूतनिक से इस दावे की पुष्टि की है।
स्पिन बोल्डक में ही अफगान सुरक्षाबलों पर हमले में भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की जान चली गई थी। दानिश काफी वक्त से अफगानिस्तान में तालिबान के साथ बने जंग के हालात कवर कर रहे थे।
कंधार में हिंसा के बाद कर्फ्यू लगाया
अफगान बलों और तालिबान लड़ाकों के बीच हुई झड़पों के कारण हुई हिंसा को रोकने के लिए अफगान शहर कंधार में कर्फ्यू लगा दिया गया है। कंधार सैन्य सुरक्षा परिषद ने सिफारिश की है कि यदि अफगानिस्तान के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों को अगली सूचना तक कंधार वापसी नहीं करना चाहिए।
बता दें कि तालिबान कंधार को अपने कब्जे में लेना चाहता है, इस कारण शहर में काफी हिंसा देखी गई। हिंसा रोकने के लिए अफगान राष्ट्रीय सेना के कमांडो भी शहर में तैनात किए गए हैं।
खतरा कम करने के लिए मजबूत संपर्क जरूरी : गुटेरस
विश्व निकाय के महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कहा है कि मध्य एवं दक्षिण एशिया के देश अफगानिस्तान में शांति रहने पर ही यहां के संभावित अवसरों का पूर्ण रूप से लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने संपर्क के वादे को रेखांकित करते हुए कहा कि यह इतना मजबूत होना चाहिए कि यह युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में स्थिति के और बिगड़ने के खतरे को कम करने के लिए ‘प्रति संतुलन’ की तरह काम करे। उन्होंने कहा, कारोबार, आर्थिक वृद्धि और सतत विकास के लिए संपर्क बेहद अहम है, लेकिन संपर्क सिर्फ अर्थशास्त्र तक सीमित नहीं हैं।