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Gaza Crisis: 'गाजा पर कब्जा नहीं करेंगे, हमास से आजाद कराएंगे', इस्राइली सुरक्षा परिषद की आलोचना पर नेतन्याहू
Sat, 09 Aug 2025 08:05 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 09 Aug 2025 08:05 AM IST
सार
हाल ही में इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी। लोगों ने सुरक्षा परिषद के फैसले का विरोध किया था। बंधकों के परिजनों को डर है कि लड़ाई तेज होने से वे अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो देंगे। इसे लेकर नेतन्याहू ने कहा किहम गाजा पर कब्जा नहीं करेंगे। बल्कि उसे हमास से आजाद कराएंगे।
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : एक्स@netanyahu
विस्तार
इस्राइल सुरक्षा परिषद के गाजा पर कब्जा करने के फैसले की आलोचना को लेकर इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने जवाब दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि हम गाजा पर कब्जा नहीं करेंगे। बल्कि उसे हमास से आजाद कराएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विसैन्यीकरण और एक शांतिपूर्ण नागरिक प्रशासन की स्थापना से हमारे बंधकों को मुक्त कराने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य के खतरों को रोका जा सकेगा।
हाल ही में इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी। लोगों ने सुरक्षा परिषद के फैसले का विरोध किया था। बंधकों के परिजनों को डर है कि लड़ाई तेज होने से वे अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो देंगे। कई पूर्व शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने भी सरकार के कदम की आलोचना की है और साथ ही चेतावनी दी कि इससे सैन्य लाभ बहुत कम होगा, लेकिन इससे इस्राइल लंबे समय के लिए युद्ध की दलदल में फंस सकता है।
इसे लेकर नेतन्याहू ने कहा कि कैबिनेट ने पांच सिद्धांतों को अपनाया है। इसमें गाजा का विसैन्यीकरण और एक वैकल्पिक नागरिक प्रशासन की स्थापना शामिल है जो न तो हमास है और न ही फलस्तीनी प्राधिकरण है। इस्राइल के प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब गाजा में मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सरकार की भारी आलोचना हो रही है। पिछले 22 महीनों में इस्राइली सैन्य हमलों में करीब 60,000 लोग मारे गए हैं। इस्राइल ने यह युद्ध सात अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू किया था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।
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इस्राइल की बढ़ सकती है परेशानी
एक हालिया इंटरव्यू में इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पर कब्जे की बात कही थी और कहा था कि वे गाजा से हमास के पूरी तरह से हटाकर वहां के लोगों को आजादी देंगे। नेतन्याहू ने कहा कि हम गाजा पर नियंत्रण नहीं करना चाहते और हम इसे अरब सहयोगियों को सौंप देंगे ताकि वे वहां प्रशासन चला सकें, जिससे गाजा के लोगों का जीवन बेहतर हो और हमारी सुरक्षा के लिए भी खतरा न रहे।
इस्राइली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जामिर ने भी प्रधानमंत्री के फैसले का विरोध किया है और चेताया कि इससे बंधकों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। गाजा में ऑपरेशन के चलते पहले ही इस्राइल वैश्विक तौर पर विभिन्न देशों के निशाने पर है और अगर इस्राइली सरकार गाजा में अपना ऑपरेशन जारी रखती है और गाजा पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित करती है तो इससे इस्राइल के वैश्विक तौर पर अलग-थलग पड़ने की भी आशंका है।
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हाल ही में इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी। लोगों ने सुरक्षा परिषद के फैसले का विरोध किया था। बंधकों के परिजनों को डर है कि लड़ाई तेज होने से वे अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो देंगे। कई पूर्व शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने भी सरकार के कदम की आलोचना की है और साथ ही चेतावनी दी कि इससे सैन्य लाभ बहुत कम होगा, लेकिन इससे इस्राइल लंबे समय के लिए युद्ध की दलदल में फंस सकता है।
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इसे लेकर नेतन्याहू ने कहा कि कैबिनेट ने पांच सिद्धांतों को अपनाया है। इसमें गाजा का विसैन्यीकरण और एक वैकल्पिक नागरिक प्रशासन की स्थापना शामिल है जो न तो हमास है और न ही फलस्तीनी प्राधिकरण है। इस्राइल के प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब गाजा में मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सरकार की भारी आलोचना हो रही है। पिछले 22 महीनों में इस्राइली सैन्य हमलों में करीब 60,000 लोग मारे गए हैं। इस्राइल ने यह युद्ध सात अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू किया था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।
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इस्राइल की बढ़ सकती है परेशानी
एक हालिया इंटरव्यू में इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पर कब्जे की बात कही थी और कहा था कि वे गाजा से हमास के पूरी तरह से हटाकर वहां के लोगों को आजादी देंगे। नेतन्याहू ने कहा कि हम गाजा पर नियंत्रण नहीं करना चाहते और हम इसे अरब सहयोगियों को सौंप देंगे ताकि वे वहां प्रशासन चला सकें, जिससे गाजा के लोगों का जीवन बेहतर हो और हमारी सुरक्षा के लिए भी खतरा न रहे।
इस्राइली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जामिर ने भी प्रधानमंत्री के फैसले का विरोध किया है और चेताया कि इससे बंधकों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। गाजा में ऑपरेशन के चलते पहले ही इस्राइल वैश्विक तौर पर विभिन्न देशों के निशाने पर है और अगर इस्राइली सरकार गाजा में अपना ऑपरेशन जारी रखती है और गाजा पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित करती है तो इससे इस्राइल के वैश्विक तौर पर अलग-थलग पड़ने की भी आशंका है।
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