Cipher Case: इमरान खान को राहत नहीं, साइफर केस में पूर्व पाक सेना प्रमुख और अमेरिकी अधिकारियों को बनाएंगे गवाह
Cipher Case: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह जनरल कमर जावेद बाजवा और अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को (मामले में) गवाह के तौर पर शामिल करेंगे। जनरल बाजवा ने सब कुछ डोनाल्ड लू के निर्देश पर किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गोपनीय राजनयिक केबल (साइफर) के मामले में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बीच, सोमवार को उन्होंने अदियाला जेल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह मामले में अपने बचाव में गवाह के तौर पर पूर्व सेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) कमर जावेद बाजवा और अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को शामिल करेंगे।
यह मामला इन आरोपों पर आधारित है कि पीटीआई पार्टी के प्रमुख इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मार्च 2022 में वाशिंगटन में दूतावास द्वारा भेजे गए एक संचार को संभालने के दौरान देश के गोपनीय कानूनों का उल्लंघन किया।
'बाजवा ने सब कुछ डोनाल्ड लू के निर्देश पर किया'
सोमवार को एक विशेष अदालत ने फैसला सुनाया कि इमरान खान और शाह महमूद कुरैशी को गोपनीय राजनयिक केबल लीक करने के मामले में 12 दिसंबर को अभ्यारोपित किया जाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि जनरल बाजवा और अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को (मामले में) गवाह के तौर पर शामिल करेंगे। जनरल बाजवा ने सब कुछ डोनाल्ड लू के निर्देश पर किया।
डोनाल्ड लू कौन हैं?
लू अमेरिका के राजनयिक हैं और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के सहायक विदेश मंत्री हैं। इमरान खान ने आरोप लगाया कि लू अविश्वास मत के जरिए उनकी सरकार को उखाड़ फेंकने की विदेशी साजिश में कथित तौर पर शामिल थे। सरकारी गोपनीयता कानून 2023 के तहत स्थापित विशेष अदालत ने अदियाला जेल में खुली सुनवाई की।
आईएचसी ने रद्द कर दी थी जेल में सुनवाई
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने 21 नवंबर को जेल में सुनवाई को रद्द कर दिया था। इसके बाद अदालत अब नए सिरे से सुनवाई कर रही है। दोनों नेताओं को 23 अक्तूबर को अभ्यारोपित किया गया था। लेकिन, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अभियोग रद्द कर दिया गया था। क्रिकेटर से नेता बने खान ने आज पत्रकारों से बात करते हुए भविष्यवाणी की कि उनकी पार्टी आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव में जीत हासिल करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल में किसी भी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा।
बुशरा बीबी के पूर्व पति के आरोपों पर भी की बात
इमरान खान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी के पूर्व पति खावर मेनका द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में भी बात की। खान ने कहा कि उन्होंने निकाह के बाद पहली बार अपनी पत्नी का चेहरा देखा। पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि बुशरा के बेटों को उनकी मां के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पीटीआई में किसी पद की जरूरत नहीं: कुरैशी
इस बीच, गोपनीय राजनियक केबल मामले में सह-आरोपी शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि पीटीआई उनके दिल में है और उसे कोई भी वहां से नहीं निकाल सकता। कुरैशी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'मुझे अब पीटीआई में किसी पद की जरूरत नहीं है।'
गायब हो गया था कथित राजनयिक केबल
पिछले साल मार्च में वॉशिंगटन में देश के दूतावास द्वारा भेजे गए एक गोपनीय राजनयिक केबल का खुलासा करके आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का कथित तौर पर उल्लंघन करने के लिए इमरान खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद इस साल अगस्त में मुकदमा शुरू किया गया था। राजनयिक केबल कथित तौर पर खान के कब्जे से गायब हो गया था।
इमरान खान और शाह महमूद ने खुद को बताया निर्दोष
इमरान खान और शाह महमूद कुरैशी को 23 अक्तूबर को अभ्यारोपित किया गया था। दोनों ने आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है। इमरान खान को अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए अपदस्थ कर दिया गया था। सत्ता से बेदखल होने के बाद से उनके खिलाफ 150 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।