Pakistan: डूबते पाकिस्तान को क्या सचमुच उबार लेंगे चीन और सऊदी अरब?
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से निराशा हाथ लगने के बाद अब पाकिस्तान सरकार ने दावा है कि उसे चीन और सऊदी अरब से वित्तीय सहायता मिलने के ‘सकारात्मक संकेत’ मिले हैं। सरकार की तरफ से इस खबर के जरिए देश में उम्मीद जगाने की कोशिश जा रही है। इसमें बताया गया है कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी जर्मनी में हुए म्युनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश नीति प्रमुख और सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मिले। दोनों ने पाकिस्तान को तुरंत वित्तीय मदद देने का आश्वासन दिया है।
लेकिन दोनों देश कितनी मदद देंगे और कब देंगे, इस बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए कई पर्यवेक्षकों को संदेह है कि उनसे पाकिस्तान को सचमुच समय पर पर्याप्त मदद पाएगी। लेकिन पाकिस्तान के कूटनीतिक सूत्रों ने कहा है कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद और चीन के सेंट्रल कमीशन फॉर फॉरेन अफेयर्स के निदेशक वांग यी ने बिलावल भुट्टो से जो कहा, वह पाकिस्तान की ‘उम्मीद से भी अधिक’ है।
म्युनिख में हुई वार्ताओं की जानकारी रखने का दावा करने वाले एक सूत्र ने अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा- ‘सऊदी और चीनी अधिकारियों से विदेश मंत्री की बातचीत के बारे में मुझे जो जानकारी मिली है, उसका निष्कर्ष है कि दोनों देश पाकिस्तान की मदद करने को इच्छुक हैं। मैं अभी इसके ब्योरे में नहीं जाना चाहता, लेकिन मैं यह कहने की स्थिति में हूं कि मुलाकातें सचमुच बहुत अच्छी रहीं। सऊदी विदेश मंत्री और चीनी विदेश मंत्रालय के प्रभारी का रुख काफी सकारात्मक था।’
आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए मंजूर कर्ज की रकम को जारी करने के लिए यह शर्त लगा रखी है कि पाकिस्तान को द्विपक्षीय कर्जदाताओं से ऋण रियायत संबंधी लिखित आश्वासन लाना होगा। जिन देशों से वह आश्वासन चाहता है उनमें चीन और सऊदी अरब भी हैं। इसके अलावा पाकिस्तान को अपनी राजकोषीय सेहत बहाल करने के लिए अंदरूनी तौर पर कई सख्त कदम उठाने को कहा गया है।
लेकिन वित्त मंत्री इशहाक डार आईएमएफ की सख्त शर्तों पर अमल से बचने का रास्ता ढूंढने की कोशिश में रहे हैं। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर सऊदी अरब और चीन ने सचमुच मदद की, तो पाकिस्तान आईएमएफ से ऋण लिए बिना भी डिफॉल्टर होने की समस्या से बच सकता है। इशहाक डार ने कुछ समय पहले दावा किया था कि वे चीन और सऊदी अरब के साथ 13 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज का इंतजाम करने में सफल रहे हैं। इसमें 5.7 बिलियन डॉलर का नया कर्ज शामिल है।
अब बिलावल भुट्टो की म्युनिख में हुई वार्ताओं के बाद पाकिस्तान सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि चीन और सऊदी अरब से जल्द ही उसे वित्तीय सहायता मिल जाएगी। बिलावल भुट्टो के साथ वांग यी की वार्ता के बात जारी एक साझा बयान में चीन ने दोहराया कि पाकिस्तान उसका हर हाल का रणनीतिक सहयोगी है और चीन-पाकिस्तान की दोस्ती चट्टान की तरह मजबूत है। पाकिस्तान सरकार के सूत्र इसे पाकिस्तान को संकट से निकालने की चीनी इच्छा का सबूत बता रहे हैं।