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Nigeria: क्रिसमस से पहले नाइजीरिया में मातम, संकट की असली वजह क्या? चैरिटी के दौरान भगदड़ में अब तक 67 की मौत

Mon, 23 Dec 2024 01:48 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबुजा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अबुजा Published by: शुभम कुमार Updated Mon, 23 Dec 2024 01:48 AM IST
सार

आर्थिक संकट से जूझ रहे नाइजीरिया में आय दिन चैरिटी कार्यक्रमों में भगदड़ से लोगों की जान जाने की खबर सामने आती रहती है। पिछले हफ्ते ऐसे ही तीन कार्यक्रमों में भगदड़ मचने से कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से ज्यादातर बच्चे थे। पुलिस की माने तो कार्यक्रम में भगदड़ तब मची जब लोग खाने के लिए अपने स्थानों को सुरक्षित करने के लिए दौड़ रहे थे।

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Why did at least 67 people die in Christmas charity stampedes in struggling Nigeria?
नाइजीरिया में आर्थीक संकट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आर्थिक संकट से जुझ रहे पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया में क्रिसमस से पहले मातम फैला हुआ है। जहां पिछले हफ्ते तीन चैरिटी कार्यक्रमों के दौरान भगदड़ मचने से कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से ज्यादातर बच्चे थे। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब नाइजीरिया में जीवन-यापन की स्थिति बहुत खराब है और परिवार मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। 
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बता दें कि बुधवार को दक्षिण-पश्चिमी ओयो राज्य में कम से कम 35 बच्चों की मौत हो गई। ये बच्चे क्रिसमस के मौके पर चैरिटी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इकट्ठा हुए थे। वहीं शनिवार को दक्षिण-पूर्वी अनाम्ब्रा राज्य में 22 लोगों की मौत हुई, जबकि राजधानी अबुजा में 10 लोग मारे गए। अबुजा में करीब 1,000 लोग कपड़े और खाना लेने के लिए एक चर्च में जमा हुए थे। 
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अबुजा और अनाम्ब्रा में भगदड़ के कारण
अबुजा और अनाम्ब्रा में भगदड़ को लेकर कई सारी बातें सामने आई। सवाल ये है कि आखिर इसका मुख्य कारण क्या हो सकता है। तो मामले में प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के बयान के अनुसार कार्यक्रम में भगदड़ तब मची जब लोग खाने के लिए अपने स्थानों को सुरक्षित करने के लिए दौड़ रहे थे।
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इसको लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ एडेमोला एडेटुबेरू ने कहा कि चैरिटी कार्यक्रमों के आयोजक अक्सर सुरक्षा को नजरअंदाज करते हैं, जो इस तरह की घटनाओं का कारण बनता है। हालांकि जिसके लिए अबुजा में तो कार्यक्रम रद्द करना पड़ा और लोग इंतजार करते रह गए।

खाने की बढ़ती मांग
नाइजीरिया में मुद्रास्फीति 28 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे जीवन यापन की हालत और भी कठिन हो गई है। इसी सिलसिले में अबुजा में एक महिला ने कहा नाइजीरिया में भूख है हर नाइजीरियाई को भोजन की जरूरत है। मुद्रास्फीति और नाइरा की गिरती कीमतें लोगों के लिए बुनियादी चीजों को खरीदना मुश्किल बना रही हैं। 

गरीबी और बेरोजगारी की समस्या
नाइजीरिया की 210 मिलियन से ज्यादा आबादी में 63 प्रतिशत लोग गरीब हैं। सरकार ने रोजगार पैदा करने में भी संघर्ष किया है, जिससे लोगों का जीवन और भी कठिन हो गया है। 

भगदड़ की घटनाए
नाइजीरिया में इस तरह की भगदड़ कोई नई बात नहीं है और अक्सर सार्वजनिक सुरक्षा उपायों का पालन न करने की वजह से ये घटनाएं होती हैं। मामले में विश्लेषकों का कहना है कि लोग भोजन पाने के लिए इतनी हताशा में होते हैं कि वे इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अपनी जान की प्रवाह भी नहीं करते है। 

राष्ट्रपति का आदेश और पुलिस की सख्ती
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला टीनूबू ने अधिकारियों से कहा है कि वे आयोजकों की लापरवाही को अब और बर्दाश्त न करें और पुलिस ने आयोजकों के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। 


दुनिया की सबसे खराब कतार संस्कृति
विश्लेषकों का कहना है कि नाइजीरिया में खराब कतार व्यवस्था और बढ़ती गरीबी के कारण इस तरह की भगदड़ की घटनाएं होती हैं। जब लोग सुनते हैं कि कहीं मुफ्त भोजन वितरित हो रहा है, तो उनकी पहली प्रवृत्ति वहां जाने की होती है, जो इस तरह की भगदड़ को जन्म देती है।
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