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कोरोना के मामले क्यों बढ़ने लगे?: डब्ल्यूएचओ ने बताए तीन कारण, चीन समेत कई देशों को दी चेतावनी
Sat, 19 Mar 2022 12:26 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 19 Mar 2022 12:26 PM IST
सार
यूरोपीय देशों में कोरोना के नए मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। बीते 18 मार्च को अकेले जर्मनी में करीब दो लाख नए केस दर्ज हुए हैं। यहां कुल एक्टिव केस 35 लाख के आस-पास हैं। इंग्लैंड, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड और इटली में नए मामलों का बढ़ना जारी है।
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दुनिया के कई देशों में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले
- फोटो : Amar ujala
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विस्तार
चीन समेत दुनिया के कई देशों में अचानक कोरोना के मामलों में वृद्धि ने लोगों की चिंता एक बार फिर से बढ़ा दी है। बढ़ते संकट को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने लोगों के लिए चेतावनी जारी कर दी है। इसके अलावा संक्रमण बढ़ने के तीन मुख्य कारण भी बताए हैं। आइए जानते हैं वे कौन से तीन प्रमुख कारण हैं जिसे लेकर डब्ल्यूएचओ ने आगाह किया है...
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1. कोरोना का सब-वैरिएंट ओमिक्रॉन बन रहा वजह
ओमिक्रॉन स्ट्रेन के एक 'स्टील्थ' सब-वैरिएंट का भी पता चला है और विशेषज्ञों का मानना है कि यह चीन में मामलों में वृद्धि के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि ओमिक्रॉन सबवैरिएंट चिंता का विषय है क्योंकि इसमें स्पाइक प्रोटीन में महत्वपूर्ण उत्परिवर्तन अनुपस्थित हैं जिन्हें संक्रमण की पहचान करने के लिए तेजी से पीसीआर परीक्षणों के लिए आवश्यक माना जाता है। चिंता का एक अन्य बिंदु मिश्रित ओमिक्रॉन है जो कि पहली बार इस्राइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर पता चला। जहां कि दो मामलों की पुष्टि हुई। इसकी पहचान BA.1 + BA.2 के रूप में की गई।
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2. प्रतिबंध हटाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय में कमी
महामारी के चरम पर कई देशों ने लॉकडाउन का एलान किया था। सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, दुकानें और रेस्टोरेंट बंद कर दिए गए थे और लोगों को घर में रहने के लिए कहा गया था। लेकिन कोरोना के मामलों में जैसे ही गिरावट आई और टीकाकरण के स्तर में वृद्धि हुई, वैसे ही सरकारें अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने के लिए लोगों को खुली छूट देने का एलान कर दिया। डब्ल्यूएचओ ने संकेत दिया कि यह कोविड के मामलों के फिर से उभरने और वेरिएंट के बढ़ने का एक और प्रमुख कारण है।
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3.टीकों, वायरस फैलने के संबंध में गलत सूचना
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि बड़े पैमाने पर फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं कि वैक्सीन का कोई असर नहीं है जिससे कई लोग टीकाकरण से बच रहे हैं। इसके अलावा यह झूठ फैलाई गई कि ओमिक्रॉन के आने के बाद कोरोना महामारी समाप्त हो गई है।
एशिया के इन देशों में कोरोना के मामले चरम पर
एशिया में चीन और दक्षिण कोरिया में नए मामले बड़ी संख्या में मिले हैं। चीन के जिलिन प्रांत में लॉकडाउन लगाया गया है। चीन के तीन शहरों में सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। वहीं दक्षिण कोरिया में गुरुवार को कोरोना के रिकॉर्ड 6 लाख से अधिक नए केस मिले। दुनिया के किसी भी देश में कोरोना संक्रमण के एक दिन में अब तक इतने ज्यादा मामले सामने नहीं आए थे। वहीं करीब 74 लाख की आबादी वाले हांगकांग में अब हर रोज 20 हजार से भी ज़्यादा केस आ रहे हैं और 300 से ज्यादा मौतें हो रही हैं। यहां हालात इतने खराब हो गए हैं कि शव रखने की जगह नहीं मिल रही है। आबादी के औसत से निकाला जाए तो यह माना जा सकता है कि भारत जितनी आबादी होने पर वहां मौजूदा हालात में हर रोज 35 लाख से ज्यादा पॉजिटिव केस आ रहे होते।