Yahya Sinwar: याह्या सिनवार की मौत के बाद कौन संभालेगा हमास की कमान? सामने आए ये प्रमुख नाम...
इस्राइली सेना ने हमास को पूरी तरह से खत्म करने की ठानी है और अब तक हमास के कई प्रमुख चेहरों को मार दिया है। सिनवार की मौत के बाद हमास की कमान कौन संभालेगा, इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
विस्तार
इस्राइल के हमले में हमास प्रमुख याह्या सिनवार की मौत हो गई है। सिनवार की मौत से हमास को बड़ा झटका लगा है। इस्राइल के खिलाफ सात अक्तूबर 2023 से शुरू हुए हमास के हमलों में सिनवार का बड़ा हाथ था। लगातार हमलों के बाद इस्राइली सेना ने हमास को पूरी तरह से खत्म करने की ठानी और अब तक हमास के कई प्रमुख चेहरों को मार दिया है। सिनवार की मौत के बाद हमास की कमान कौन संभालेगा, इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हमास में अभी भी कई ऐसे नेता हैं, जो इस्राइल के हमलों से बचे हुए हैं।
कौन था याह्या सिनवार?
याह्या सिनवार गाजा पट्टी में हमास का शीर्ष नेता था। इस्राइल में 7 अक्तूबर को हुए हमास के हमले का मास्टरमाइंड भी याह्या सिनवार को माना जाता है। याह्या सिनवार को गाजा का सबसे ताकतवर नेता माना जाता था। वह इस्राइल की कैद में रह चुका है और करीब 24 साल जेल में बिता चुका था। इस्राइली सैनिक गिलाद शालित के बदले में इस्राइल की जेल से 1027 फलस्तीनी कैदी रिहा किए गए थे, उन्हीं कैदियों में याह्या सिनवार भी शामिल था। सिनवार ईरान का करीबी था और हमास के कट्टरपंथी समूह का नेतृत्व करता था। याह्या सिनवार इस्राइल की उस सूची में शीर्ष पर था, जिनका इस्राइल खात्मा करना चाहता था। वह अपनी क्रूरता के लिए कुख्यात था और हमास के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ा। उसने 12 संदिग्ध सहयोगियों की हत्या भी की थी, जिसके बाद उसे खान यूनिस का कसाई कहा जाने लगा। जुलाई के आखिर में हमास की राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद हमास ने याह्या सिनवार को अपना प्रमुख नेता चुना था।
खालिद मेशाल का नाम आगे
खालिद मेशाल को हमास का नया नेता माना जा रहा है। मेशाल को दुनिया भर में तब पहचान मिली थी जब 1997 में इस्राइल एजेंटों ने जॉर्डन की राजधानी अम्मान में उनकी असफल हत्या की कोशिश की थी। मेशाल को जहर का इंजेक्शन लगाया गया था लेकिन वह बच निकले। 68 वर्षीय मेशाल को इस्राइल द्वारा खत्म करने की कोशिश की गई लेकिन वह निर्वासन के दौरान वह हमास के नेता बन गए। इसके बाद उन्होंने दुनिया भर की विदेशी सरकारों के साथ बैठकें की और फलस्तीनी इस्लामवादी समूह का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम बनाया। खालिद मेशाल का उद्देश्य भी फलस्तीन और हमास की तरह ही इस्राइल के कब्जे से गाजा को मुक्त करवाना है।
खलील अल हय्या रहा है सिनवार का उपनेता
हमास प्रमुख को लेकर खलील अल हय्या का नाम भी चर्चा में है। कतर में रह रहा हय्या ही बंधकों की रिहाई और युद्ध विराम के लिए बातचीत का नेतृत्व कर रहा है। हय्या को ईरान का पसंदीदा भी बताया जाता है। वह सिनवार का उपनेता है। 2007 में इस्राइल ने उसके घर पर हमला किया था, लेकिन वह बच निकला था।
मौसा अबू मरजौक के नाम की भी चर्चा
हमास के राजनीतिक ब्यूरो का सदस्य और संस्थापकों में से एक मौसा अबू मरजौक के नाम की भी चर्चा है। उसने संयुक्त अरब अमीरात से सियासत शुरू की थी। उसने फलस्तीनी मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखा स्थापित की। इसके बाद उसने अमेरिका में इस्लामिक संस्थाओं की स्थापना की। 1996 में उस पर इस्राइल ने हमलों की फंडिंग करने का आरोप लगाया था। वह 22 महीने तक मैनहट्टन जेल में भी रहा। बाद में अमेरिका ने उसको जॉडर्न निर्वासित कर दिया।
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